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अभिभावकों ने स्कूल के समक्ष दिया धरना, विद्यार्थियों ने किया कक्षाओं का बहिष्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 11:24 PM IST
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Parents protested in front of school, students boycotted classes
चोरमार में स्कूल के समक्ष धरना प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sirsa
ओढां। स्कूल में सुविधाओं के अभाव से परेशान गांव चोरमार खेड़ा में ग्रामीणों ने दोनों सरकारी स्कूलों पर तालाबंदी करते हुए धरना लगा दिया। विद्यार्थी भी कक्षाओं का बहिष्कार कर धरने पर बैठे। करीब सात घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षा विभाग से कोई भी अधिकारी समस्या सुनने के लिए नहीं आया। इसके बाद लोगों ने सरकार का पुतला भी फूंका।
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मंगलवार सुबह चोरमार खेड़ा, टप्पी व जंडवाला जटान सहित अन्य गांवों के अभिभावक चोरमार के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय के बाहर एकत्रित हो गए। अभिभावकों व ग्रामीणों ने दोनों स्कूल पर तालाबंदी कर दी। हाईवे केे किनारे स्थित टेंट गाड़ दिया और धरने पर बैठ गए। अभिभावक धर्मेंद्र सिंह, गुरप्रीत, रणजीत सिंह, संदीप, गगनदीप, मंगा सिंह, बलकौर सिंह आदि ने बताया कि सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों से फीस ली जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार शिक्षा के नाम पर अभिभावकों को लूट रही है। विद्यार्थियों को समय पर किताबें तक नहीं मिल रहीं। नौजवान भारत सभा से पावेल सिंह व कुलदीप सिंह जलालआना सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से जो मॉडल संस्कृति के नाम पर फीस ली जा रही है वह मौलिक शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है।
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भवन जर्जर, शेड के नीचे पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी
अभिभावकों का कहना था कि गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विभाग ने वर्ष 2018 में 12 कमरों को कंडम घोषित कर दिया था। अब स्कूल में विद्यार्थियों के लिए महज 4 कमरे हैं, जबकि विद्यार्थियों की संख्या करीब सवा 200 है। कमरों के अभाव में विद्यार्थी भीषण गर्मी में शेड के नीचे बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस समस्या को लेकर अधिकारियों को अनेक बार अवगत भी करवाया जा चुका है।
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प्राचार्य को नहीं दिया ज्ञापन
प्रदर्शन की सूचना के बाद ओढां थाना प्रभारी कर्ण सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों व अभिभावकों को समझाने की कोशिश की। करीब सात घंटे तक चले धरने के बाद भी शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया। अधिकारियों ने ओढां के सरकारी स्कूल के प्राचार्य विक्रमजीत सिंह को मांग पत्र लेने के लिए भेजा, लेकिन अभिभावकों व ग्रामीणों ने प्राचार्य को मांग पत्र देने से मना कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सरकार का पुतला फूंक कर नारेबाजी करते हुए भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही समाधान नहीं किया गया तो बीईओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

स्कूल में 12 कमरों को कंडम घोषित किया हुआ है। अब 4 कमरे हैं। जिसके चलते विद्यार्थी शेड के नीचे बैठने को विवश हैं। हम इस समस्या को लेकर खुद परेशान हैं। हमने विभाग को अनेक बार पत्र भेजें है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। - नवीन कुमार, प्राचार्य, रा.व.मा.विद्यालय चोरमार खेड़ा।
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