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फतेहाबाद के मुख्तार सिंह कॉलेज से हुआ था बी-कॉम का पेपर लीक, जांच कमेटी ने रिपोर्ट वीसी को सौंपी
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सीडीएलयू के पेपर लीक मामले में शुक्रवार को तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने रिपोर्ट वीसी विजय कायत को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में फतेहाबाद के मुख्तार सिंह कॉलेज से पेपर लीक होने की बात कही गई है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में प्रश्न पत्रों के बंडल के खुलने और दोबारा उसके टेंपरिंग करने की बात लिखी है। हालांकि सिरसा जिले के एक सरकारी कॉलेज की भूमिका पर जांच कमेटी को इस कॉलेज के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। यह रिपोर्ट वीसी विजय कायत के पास शुक्रवार दोपहर पहुंच गई थी। वीसी विजय कायत ने दोपहर को जांच रिपोर्ट पढ़ने के बाद रजिस्ट्रार राकेश वधवा के कार्यालय में शाम को एक्शन लेने के लिए फाइल भेज दी और इस पर सख्त एक्शन लेने की बात कही।
सीडीएलयू की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने वीरवार को 29 परीक्षा केंद्रों से पेपर सेट मंगवाकर उनकी वीडियोग्राफी और चेकिंग करके अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली थी। इस कमेटी के कनवीनर राजकुमार सलार थे। शुक्रवार को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके उस पर पूरे तथ्य देकर उस रिपोर्ट को वीसी के पास भेज दिया। वीसी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट पर क्राइम ऑफ नेचुर के अनुसार अपने कमेंट्स लिखकर रजिस्ट्रार कार्यालय में भेज दिए। शाम को रजिस्ट्रार कार्यालय में फाइल पहुंच गई। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि प्रश्न पत्रों के बंडल की टेंपरिंग की हुई थी। टेंपरिंग के साथ ही अंगूठे के निशान भी पाए गए। मामले में फतेहाबाद के बहबलपुर स्थित मुख्तार सिंह कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट इन चीफ शक के घेरे में आ गए हैं। क्योंकि सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह के मना करने के बावजूद भी 16 दिसंबर को बी-कॉम के इनकम टैक्स ऐंड लॉ प्रेक्टिस के प्रश्न पत्रों के बंडल की सील फतेहाबाद के बहबलुपर स्थित मुख्तार सिंह कॉलेज के पेपर सेट की टूट गई। वहीं से ही पेपर लीक होकर एमएम कॉलेज के स्टूडेंट्स के पास व्हॉटसएप के माध्यम से पहुंचा। जबकि अगले दिन केमिस्ट्री का पेपर नेशनल कॉलेज, जेसीडी व शाह सतनाम सिंह कॉलेज के स्टूडेंट्स के ग्रुप में आया। वहीं जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले को पुलिस में देने की बात कही है, क्योंकि यह आईटी से संबंधित मामला भी है और उन्होंने लिखा है कि विश्वविद्यालय की आईटी टीम इस केस को अपने स्तर पर जांच नहीं कर पाएगी। इसलिए ऐसे केस में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
पुलिस में दर्ज करवाई जाएगी एफआईआर
पेपर लीक किए जाने की घटना से सीडीएलयू प्रशासन सख्त है, इसलिए इसकी पूरे स्कैंडल की तह तक जाने के लिए ही वीसी व रजिस्ट्रार ने एफआईआर करवाने की ठान ली है। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर वीसी कार्यालय से होकर रजिस्ट्रार राकेश वधवा के पास पहुंच गई। अब रजिस्ट्रार ब्रांच में पत्र लिखकर इस मामले में एफआईआर करवाने के निर्देश देंगे। सोमवार को इस मामले में कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट इन चीफ के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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ये था मामला
16 दिसंबर को बीकॉम द्वितीय वर्ष के इनकम टैक्स एंड ला प्रैक्टिस के पेपर लीक हो गया। यह पेपर दोपहर दो बजे होना था। इस मामले की सूचना सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक सुलतान सिंह को करीब साढ़े 12 बजे मिली। तब परीक्षा नियंत्रक ने सभी परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को फोन करके पेपर न खोलने के निर्देश दिए और पेपर को रद्द कर दिया। पहले परीक्षा पेपर लीक होने के बाद उसकी परीक्षा रद्द कर दी गई। दूसरे दिन भी 17 दिसंबर को बीएससी द्वितीय वर्ष की केमिस्ट्री की परीक्षा का पेपर लीक हो गया। यह पेपर सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होना था। परीक्षा नियंत्रक ने करीब नौ बजे के बाद परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को फोन करके न बांटने की निर्देश दिए थे। लेकिन तब तक पेपर की सील खुल चुकी थी। तब सीडीएलयू ने पेपर रद्द कर दिया गया। इसके बाद सीडीएलयू ने पेपर लीक स्कैंडल की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया और सभी परीक्षा केंद्रों से प्रश्न पत्रों के बंडल मंगवाए।
जांच कमेटी की रिपोर्ट हमारे पास आ गई है। मुख्तार सिंह पीजी कॉलेज से पेपर लीक हुआ है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। वे मामले की गहनता से जांच के लिए खुद एसएसपी से मिलेंगे।
- राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
जांच कमेटी की रिपोर्ट आ गई है। हमने रजिस्ट्रार कार्यालय के पास भेज दी है और सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
- विजय कायत, वीसी, सीडीएलयू
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सीडीएलयू की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने वीरवार को 29 परीक्षा केंद्रों से पेपर सेट मंगवाकर उनकी वीडियोग्राफी और चेकिंग करके अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली थी। इस कमेटी के कनवीनर राजकुमार सलार थे। शुक्रवार को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करके उस पर पूरे तथ्य देकर उस रिपोर्ट को वीसी के पास भेज दिया। वीसी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट पर क्राइम ऑफ नेचुर के अनुसार अपने कमेंट्स लिखकर रजिस्ट्रार कार्यालय में भेज दिए। शाम को रजिस्ट्रार कार्यालय में फाइल पहुंच गई। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि प्रश्न पत्रों के बंडल की टेंपरिंग की हुई थी। टेंपरिंग के साथ ही अंगूठे के निशान भी पाए गए। मामले में फतेहाबाद के बहबलपुर स्थित मुख्तार सिंह कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट इन चीफ शक के घेरे में आ गए हैं। क्योंकि सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह के मना करने के बावजूद भी 16 दिसंबर को बी-कॉम के इनकम टैक्स ऐंड लॉ प्रेक्टिस के प्रश्न पत्रों के बंडल की सील फतेहाबाद के बहबलुपर स्थित मुख्तार सिंह कॉलेज के पेपर सेट की टूट गई। वहीं से ही पेपर लीक होकर एमएम कॉलेज के स्टूडेंट्स के पास व्हॉटसएप के माध्यम से पहुंचा। जबकि अगले दिन केमिस्ट्री का पेपर नेशनल कॉलेज, जेसीडी व शाह सतनाम सिंह कॉलेज के स्टूडेंट्स के ग्रुप में आया। वहीं जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले को पुलिस में देने की बात कही है, क्योंकि यह आईटी से संबंधित मामला भी है और उन्होंने लिखा है कि विश्वविद्यालय की आईटी टीम इस केस को अपने स्तर पर जांच नहीं कर पाएगी। इसलिए ऐसे केस में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
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पुलिस में दर्ज करवाई जाएगी एफआईआर
पेपर लीक किए जाने की घटना से सीडीएलयू प्रशासन सख्त है, इसलिए इसकी पूरे स्कैंडल की तह तक जाने के लिए ही वीसी व रजिस्ट्रार ने एफआईआर करवाने की ठान ली है। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर वीसी कार्यालय से होकर रजिस्ट्रार राकेश वधवा के पास पहुंच गई। अब रजिस्ट्रार ब्रांच में पत्र लिखकर इस मामले में एफआईआर करवाने के निर्देश देंगे। सोमवार को इस मामले में कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट इन चीफ के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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ये था मामला
16 दिसंबर को बीकॉम द्वितीय वर्ष के इनकम टैक्स एंड ला प्रैक्टिस के पेपर लीक हो गया। यह पेपर दोपहर दो बजे होना था। इस मामले की सूचना सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक सुलतान सिंह को करीब साढ़े 12 बजे मिली। तब परीक्षा नियंत्रक ने सभी परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को फोन करके पेपर न खोलने के निर्देश दिए और पेपर को रद्द कर दिया। पहले परीक्षा पेपर लीक होने के बाद उसकी परीक्षा रद्द कर दी गई। दूसरे दिन भी 17 दिसंबर को बीएससी द्वितीय वर्ष की केमिस्ट्री की परीक्षा का पेपर लीक हो गया। यह पेपर सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होना था। परीक्षा नियंत्रक ने करीब नौ बजे के बाद परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को फोन करके न बांटने की निर्देश दिए थे। लेकिन तब तक पेपर की सील खुल चुकी थी। तब सीडीएलयू ने पेपर रद्द कर दिया गया। इसके बाद सीडीएलयू ने पेपर लीक स्कैंडल की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया और सभी परीक्षा केंद्रों से प्रश्न पत्रों के बंडल मंगवाए।
जांच कमेटी की रिपोर्ट हमारे पास आ गई है। मुख्तार सिंह पीजी कॉलेज से पेपर लीक हुआ है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। वे मामले की गहनता से जांच के लिए खुद एसएसपी से मिलेंगे।
- राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
जांच कमेटी की रिपोर्ट आ गई है। हमने रजिस्ट्रार कार्यालय के पास भेज दी है और सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
- विजय कायत, वीसी, सीडीएलयू