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निजी अस्पतालों में अभी नहीं लगे ऑक्सीजन प्लांट, विभाग ने संचालकों को लिखे पत्र
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नागरिक अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। आशंकित कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी से तैयारियां की जा रही है। प्रशासन ने 50 से अधिक बेड की क्षमता वाले निजी अस्पतालों को अपने स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगवाया है। कार्य में देरी के कारण अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों को पत्र लिखा गया है।
शहर के नौ बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने को लेकर विभाग की ओर से पहले पत्र जारी किए गए थे। लेकिन दो माह बीतने के बाद भी निजी अस्पताल संचालकों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग अब एक्शन मोड़ में आया है और बड़े निजी अस्पतालों को पत्र जारी किया है। बता दें कि कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। शहर के इन नौ अस्पतालों में ही कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा था। लेकिन ऑक्सीजन खत्म होने के बाद मरीजों को रात को ही दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता था। जिसके कारण मरीजों के तीमारदारों को ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर भटकना पड़ता था।
दिनभर लगती थी ऑक्सीजन एजेंसी के समक्ष तीमारदारों की लंबी कतार
कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की खपत अधिक बढ़ने के कारण निजी अस्पताल संचालक मरीजों को भर्ती करने से पहले ऑक्सीजन सिलिंडर का खुद प्रबंध करने की शर्त रखते थे। जिसके बाद मरीजों के परिजन पहले अधिकारियों से लिस्ट बनवाकर लाते और बाद में दिनभर लाइन में खड़े होकर सिलिंडर ले अस्पताल पहुंचते थे। भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा से पैदा न हो इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को खुद के स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे।
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इंजीनियर के इंतजार में अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का नहीं हुआ ट्रायल
वहीं सिरसा के नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। एजेंसी की ओर से प्लांट को लगा दिया गया है लेकिन इंजीनियर के नहीं आने से अभी तक ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं किया गया है। एक सप्ताह से अधिकारियों को इंजीनियर का इंतजार है। इंजीनियर के पहुंचने के बाद ही ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल लिया जाएगा और ऑक्सीजन की शुद्धता जांची जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल के 130 बेड तक ऑक्सीजन लाइन भी बिछा दी गई है। शुद्धता ठीक पाए जाने पर मरीजों को इसका लाभ दिया जा सकेगा।
50 बेड से अधिक क्षमता वाले निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पताल ने ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगवाया है। ऑक्सीजन प्लांट लगवाने को लेकर अब पत्र लिखा गया है।
-डॉ. रोहताश कुमार, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा
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शहर के नौ बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने को लेकर विभाग की ओर से पहले पत्र जारी किए गए थे। लेकिन दो माह बीतने के बाद भी निजी अस्पताल संचालकों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग अब एक्शन मोड़ में आया है और बड़े निजी अस्पतालों को पत्र जारी किया है। बता दें कि कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। शहर के इन नौ अस्पतालों में ही कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा था। लेकिन ऑक्सीजन खत्म होने के बाद मरीजों को रात को ही दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता था। जिसके कारण मरीजों के तीमारदारों को ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर भटकना पड़ता था।
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दिनभर लगती थी ऑक्सीजन एजेंसी के समक्ष तीमारदारों की लंबी कतार
कोरोना काल के दौरान ऑक्सीजन की खपत अधिक बढ़ने के कारण निजी अस्पताल संचालक मरीजों को भर्ती करने से पहले ऑक्सीजन सिलिंडर का खुद प्रबंध करने की शर्त रखते थे। जिसके बाद मरीजों के परिजन पहले अधिकारियों से लिस्ट बनवाकर लाते और बाद में दिनभर लाइन में खड़े होकर सिलिंडर ले अस्पताल पहुंचते थे। भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा से पैदा न हो इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को खुद के स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे।
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इंजीनियर के इंतजार में अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का नहीं हुआ ट्रायल
वहीं सिरसा के नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। एजेंसी की ओर से प्लांट को लगा दिया गया है लेकिन इंजीनियर के नहीं आने से अभी तक ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं किया गया है। एक सप्ताह से अधिकारियों को इंजीनियर का इंतजार है। इंजीनियर के पहुंचने के बाद ही ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल लिया जाएगा और ऑक्सीजन की शुद्धता जांची जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल के 130 बेड तक ऑक्सीजन लाइन भी बिछा दी गई है। शुद्धता ठीक पाए जाने पर मरीजों को इसका लाभ दिया जा सकेगा।
50 बेड से अधिक क्षमता वाले निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पताल ने ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगवाया है। ऑक्सीजन प्लांट लगवाने को लेकर अब पत्र लिखा गया है।
-डॉ. रोहताश कुमार, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा