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टब में डूबने से डेढ वर्षीय बच्चे की मौत
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सोरांव के मलाक हरहर गांव में सोमवार को डेढ़ साल का बच्चा अभय छत पर रखे टब में गिर गया और उसकी मौत हो गई। जब काफी देर वह नहीं दिखा तो घर वाले उसे ढूंढने लगे। छत पर टब में देखते घर में हाहाकार मच गया। घर वाले अस्पताल भी ले गए लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से पूरा गांव दहल गया। लोगों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे।
सोरांव क्षेत्र के मलाक हरहर गांव का अनिरूद्ध पाण्डेय सूरत में रहकर नौकरी करता है। अनिरूद्ध की पत्नी पूजा दो बेटों अनुज एवं अभय के साथ गांव में रहती है। सोमवार को छोटा बेटा डेढ वर्षीय अभय खेल रहा था। पूजा उसे देख रही थी। अचानक किसी काम से वह दूसरे कमरे चली गई। इसी दौरान खेलते खेलते अभय छत पर पहुंच गया। छत पर पानी भरा हुआ टब रखा था। अभय खेलते हुए टब में गिर गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद जब वह नही दिखा तो मां पूजा उसे ढूंढने लगी। घर वाले भी परेशान हो गए। वह जब बाहर नहीं दिखा तो घर वाले छत पर भागे। टब में अभय पड़ा हुआ था। घर वालों की तो जैसे सांसें ही रुक गईं। मां पूजा उसे सीने से चिपटाकर चीखते ही डाक्टर के पास ले गई बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पूजा को जैसे शॉक लग गया था। उसे किसी तरह संभाला गया। पिता अनिरुद्ध को फोन कर जानकारी दी गई। बाबा शिवानंद तथा अन्य परिवार वालों ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
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सोरांव क्षेत्र के मलाक हरहर गांव का अनिरूद्ध पाण्डेय सूरत में रहकर नौकरी करता है। अनिरूद्ध की पत्नी पूजा दो बेटों अनुज एवं अभय के साथ गांव में रहती है। सोमवार को छोटा बेटा डेढ वर्षीय अभय खेल रहा था। पूजा उसे देख रही थी। अचानक किसी काम से वह दूसरे कमरे चली गई। इसी दौरान खेलते खेलते अभय छत पर पहुंच गया। छत पर पानी भरा हुआ टब रखा था। अभय खेलते हुए टब में गिर गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद जब वह नही दिखा तो मां पूजा उसे ढूंढने लगी। घर वाले भी परेशान हो गए। वह जब बाहर नहीं दिखा तो घर वाले छत पर भागे। टब में अभय पड़ा हुआ था। घर वालों की तो जैसे सांसें ही रुक गईं। मां पूजा उसे सीने से चिपटाकर चीखते ही डाक्टर के पास ले गई बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पूजा को जैसे शॉक लग गया था। उसे किसी तरह संभाला गया। पिता अनिरुद्ध को फोन कर जानकारी दी गई। बाबा शिवानंद तथा अन्य परिवार वालों ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
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