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कोरोना के चलते जिला अस्पताल में बंद हुए आंखों औद दांतों के ऑपरेशन, फ्लू ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
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कोरोना वायरस के चलते लोगों का विश्वास सरकारी अस्पताल पर बढ़ता जा रहा है। आज के समय में अगर किसी मरीज को कोई परेशानी होती है तो वह सबसे पहले सिविल अस्पताल में ही पहुंच रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों के लिए सुविधाएं जुटाने में लगा हुआ है। कोरोना संक्रमण के दौरान सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर भी बढ़ गए हैं और स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने सिविल अस्पताल के लिए नए आईसीयू वार्ड की भी मांग की है। वहीं सिविल अस्पताल के फ्लू वार्ड में ओपीडी भी बढ़ गई है और आंखों और दांतों के होने वाले ऑपरेशन पर स्वास्थ्य विभाग ने 25 मार्च से ही रोक दिया है। कोरोना महामारी से पहले महीने में आंखों के लगभग 40 ऑपरेशन किए जाते थे जो अब बिलकुल बंद है। वहीं लॉकडाउन के दौरान लोग योग की ऑनलाइन कक्षाएं लगाने लगे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआती दिनों में ही सिविल अस्पताल सिरसा को कोविड-19 अस्पताल बना दिया था। वहीं सिविल अस्पताल के जनाना वार्ड को जनता अस्पताल में ही शिफ्ट कर दिया था। डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं के ऑपरेशन जनता अस्पताल में ही शुरू हो गए थे। जिसमें सिविल अस्पताल के पांच डॉक्टर जनता अस्पताल में आकर अपनी सेवाएं देने लगे थे। कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमण के शुरू होने से लेकर अभी तक 7901 लोगों की फ्लू ओपीडी में जांच करवा दी गई है। दिन प्रतिदिन फ्लू ओपीडी की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसका कारण यह भी है कि शहर के अन्य निजी अस्पतालों में आने वाले मरीज को अगर खांसी जुकाम है तो उसे भी कोविड अस्पताल में ही भेजा जाएगा।
कोरोना के दौरान बढ़ी अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या
कोरोना महामारी के दौरान सिविल अस्पताल में दो वेंटिलेटर मुख्यालय की ओर से भेजे गए हैं। वहीं पहले अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या केवल एक ही थी। इससे आने वाले मरीजों को फायदा होगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय को पत्र लिखकर एक नए आईसीयू वार्ड की भी मांग की है। जिसमें 12 नए बेड होंगे और 10 बेडों पर वेंटिलेटर की सुविधा की जाएगी।
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निजी अस्पताल में ओपीडी हुई कम
निजी अस्पताल के डॉ. अजय पुनियां ने बताया कि कोविड के चलते उनके पास पुराने मरीज आने बंद हो गए हैं। वहीं आने वाले मरीजों की पहले स्क्रीनिंग की जा रही है, जिसमें अगर वह खांसी जुकाम से पीड़ित पाया जाता है तो सरकार के निर्देशानुसार उसे पहले सिविल अस्पताल में ही भेजा जा रहा है। वहीं डॉ. अजय ने बताया कि जिन मरीजों का आपात स्थिति में ऑपरेशन करना पड़ता है उसका उन्हें एक फार्म स्वास्थ्य विभाग को देना होता है। उसके बाद ही वह मरीज का इलाज शुरू करते हैं। डॉ. अजय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को और चिकित्सकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के चलते उनकेे अस्पताल की ओपीडी बिलकुल ही कम हो गई है।
ऑपरेशन बंद, मरीजों को केवल दी जा रही दवाई
सिविल अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि कोविड संक्रमण से पहले सिविल अस्पताल सिरसा में एक माह में आंखों के लगभग 40 मरीजों के ऑपरेशन किए जाते थे। जो कोविड के दौरान पूरी तरह बंद हो चुके हैं। कोविड के चलते स्वास्थ्य विभाग ने आंखों, कानों तथा दांतों व अन्य बीमारियों के ऑपरेशन बिलकुल बंद कर दिए हैं। इस कारण मरीजों को घर बैठने की सलाह दी जा रही है। वहीं अस्पतालों में ब्लड शुगर और बीपी के आने वाले मरीजों को अधिक दवाई दी जा रही है। जिस कारण वह घर से बाहर न निकल सकें।
मरीजों को नहीं आ रही कोई परेशानी
अपनी जांच करवाने आए सुभाष ने बताया कि वह सिरसा जेल में कर्मचारी हैं। इन दिनों वह अपने घर पर गया हुआ था। जब वह वापस लौटा तो जेल प्रशासन ने उसे पहले स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भेज दिया है। उसकी फ्लू ओपीडी में जांच हुई है। वहीं मरीज के साथ आए परिजन अनिल और प्रदीप ने बताया कि कोविड के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई भी बढ़ गई है।
लॉकडाउन के दौरान लोग ले रहे ऑनलाइन योग की कक्षा
योगाचार्य नरेंद्र योगी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोग न ही योग सीखने और करने बाहर आ सकते हैं और न ही उन्हें फोन पर कुछ बताया जा सकता है। नरेंद्र योगी ने बताया कि इस पर सबसे अच्छा साधन है कि एक वीडियो के जरिये सभी लोगों को ऑनलाइन तरीके से योग सिखाया जा रहा है। वहीं इन दिनों लोगों की घर पर खाना बनाने की रुचि भी बढ़ रही है। आज के समय में अधिकांश लोग बाहर का खाना खाने से परहेज कर रहे हैं। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही सही है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने शुरूआती दिनों में ही सिविल अस्पताल सिरसा को कोविड-19 अस्पताल बना दिया था। वहीं सिविल अस्पताल के जनाना वार्ड को जनता अस्पताल में ही शिफ्ट कर दिया था। डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं के ऑपरेशन जनता अस्पताल में ही शुरू हो गए थे। जिसमें सिविल अस्पताल के पांच डॉक्टर जनता अस्पताल में आकर अपनी सेवाएं देने लगे थे। कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमण के शुरू होने से लेकर अभी तक 7901 लोगों की फ्लू ओपीडी में जांच करवा दी गई है। दिन प्रतिदिन फ्लू ओपीडी की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसका कारण यह भी है कि शहर के अन्य निजी अस्पतालों में आने वाले मरीज को अगर खांसी जुकाम है तो उसे भी कोविड अस्पताल में ही भेजा जाएगा।
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कोरोना के दौरान बढ़ी अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या
कोरोना महामारी के दौरान सिविल अस्पताल में दो वेंटिलेटर मुख्यालय की ओर से भेजे गए हैं। वहीं पहले अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या केवल एक ही थी। इससे आने वाले मरीजों को फायदा होगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय को पत्र लिखकर एक नए आईसीयू वार्ड की भी मांग की है। जिसमें 12 नए बेड होंगे और 10 बेडों पर वेंटिलेटर की सुविधा की जाएगी।
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निजी अस्पताल में ओपीडी हुई कम
निजी अस्पताल के डॉ. अजय पुनियां ने बताया कि कोविड के चलते उनके पास पुराने मरीज आने बंद हो गए हैं। वहीं आने वाले मरीजों की पहले स्क्रीनिंग की जा रही है, जिसमें अगर वह खांसी जुकाम से पीड़ित पाया जाता है तो सरकार के निर्देशानुसार उसे पहले सिविल अस्पताल में ही भेजा जा रहा है। वहीं डॉ. अजय ने बताया कि जिन मरीजों का आपात स्थिति में ऑपरेशन करना पड़ता है उसका उन्हें एक फार्म स्वास्थ्य विभाग को देना होता है। उसके बाद ही वह मरीज का इलाज शुरू करते हैं। डॉ. अजय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को और चिकित्सकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के चलते उनकेे अस्पताल की ओपीडी बिलकुल ही कम हो गई है।
ऑपरेशन बंद, मरीजों को केवल दी जा रही दवाई
सिविल अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि कोविड संक्रमण से पहले सिविल अस्पताल सिरसा में एक माह में आंखों के लगभग 40 मरीजों के ऑपरेशन किए जाते थे। जो कोविड के दौरान पूरी तरह बंद हो चुके हैं। कोविड के चलते स्वास्थ्य विभाग ने आंखों, कानों तथा दांतों व अन्य बीमारियों के ऑपरेशन बिलकुल बंद कर दिए हैं। इस कारण मरीजों को घर बैठने की सलाह दी जा रही है। वहीं अस्पतालों में ब्लड शुगर और बीपी के आने वाले मरीजों को अधिक दवाई दी जा रही है। जिस कारण वह घर से बाहर न निकल सकें।
मरीजों को नहीं आ रही कोई परेशानी
अपनी जांच करवाने आए सुभाष ने बताया कि वह सिरसा जेल में कर्मचारी हैं। इन दिनों वह अपने घर पर गया हुआ था। जब वह वापस लौटा तो जेल प्रशासन ने उसे पहले स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भेज दिया है। उसकी फ्लू ओपीडी में जांच हुई है। वहीं मरीज के साथ आए परिजन अनिल और प्रदीप ने बताया कि कोविड के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई भी बढ़ गई है।
लॉकडाउन के दौरान लोग ले रहे ऑनलाइन योग की कक्षा
योगाचार्य नरेंद्र योगी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोग न ही योग सीखने और करने बाहर आ सकते हैं और न ही उन्हें फोन पर कुछ बताया जा सकता है। नरेंद्र योगी ने बताया कि इस पर सबसे अच्छा साधन है कि एक वीडियो के जरिये सभी लोगों को ऑनलाइन तरीके से योग सिखाया जा रहा है। वहीं इन दिनों लोगों की घर पर खाना बनाने की रुचि भी बढ़ रही है। आज के समय में अधिकांश लोग बाहर का खाना खाने से परहेज कर रहे हैं। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही सही है।