फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Nowhere to be uncontrollable crowd, sirsa news

कहीं बेकाबू न हो जाए लोगों की भीड़

Thu, 15 Dec 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Thu, 15 Dec 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
ओढां। नोटबंदी के बाद नई करेंसी को लेकर लोगों की समस्याएं कम होने की बजाय हर रोज बढ़ती जा रही हैं। लाइनों में खड़े लोग अपनी अपनी समस्याएं गिनवा कर बैंकों से करेंसी मांग रहे हैं तो वहीं बैंक प्रबंधक कम करेंसी आने का हवाला देकर हाथ खड़े करते नजर आ रहे हैं। करेंसी के कारण हालात ये उत्पन्न हो गए हैं कि लोग बैंक खुलने से कई घंटे पूर्व ही लाइनों में खड़े नजर आ रहे हैं लेकिन फिर भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री ने व्यवस्था सही करने के लिए 15 दिन का समय मांगा है। लेकिन सवाल ये है कि जिन्हें पैसे की आज जरूरत है उन्हें इंतजार करना दुश्वार है। बैंकों के बाहर मौजूूद भीड़ में जब लोगों से बातचीत की जाती है तो हर व्यक्ति अपनी मजबूरियां बयान कर रहा है।
विज्ञापन

बुधवार को गांव चोरमार की पीएनबी शाखा में चार दिनों बाद आई करेंसी के लिए लोगों की भीड़ इस कदर बेकाबू हो गई कि बैंक प्रबंधक को अंदर से ताला लगाकर पुलिस बुलानी पड़ी तब जाकर व्यवस्था बन पाई। लाइन में खड़े चोरमार के वन्यजीव प्राणी विभाग के कर्मचारी परमजीत सिंह का कहना था कि वह पिछले करीब तीन सप्ताह से चक्कर काट रहा है, उसे अब तक महज दो हजार रुपये ही मिल पाए हैं। वहीं दर्शन सिंह का तर्क था कि वह हार्ट का मरीज है उसके पास दवाई लाने के लिए पैसे नहीं हैं। किंगरे के सुखपाल सिंह व बलवीर सिंह को घरेलू खर्च के लिए पैसे की जरूरत थी तो वहीं मिठड़ी की बलजीत कौर ने दुखी मन से बताया कि उसके घर में दो बच्चे बीमार हैं और वह चार दिन से बैंक के बाहर चक्कर काट रही है। जलालआना की कर्मजीत कौर को अपने पति के लिए दवाई खरीदनी थी तो वहीं चोरमार के कुलदीप सिंह, पवन कुमार सहित अनेक लोग लाइनों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा वो लोग भी लाइनों में खड़े थे जिनके कपास कई दिन पूर्व लिए गए टोकन थे लेकिन फिर भी उन्हें पैसे नहीं मिल रहे थे। एसबीआई ओढां, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, एचडीएफसी व पन्नीवाला मोटा कैनरा बैंक में बुधवार को हालांकि राशि आई थी लेकिन कुछ ही देर में खत्म हो गई।
विज्ञापन


कहीं बेकाबू न हो जाए लोगों की भीड़
करेंसी को लेकर बैंकों में इस कदर अफरा तफरी मची हुई है कि अगर पुलिस व्यवस्था नहीं संभालती है तो लोगों की भीड़ बेकाबू होकर बैंक में घुसने को तैयार है। पिछले काफी दिनों से लाइनों में खड़े लोग आक्रोश से भरे हुए बैंक व व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि करेंसी के अभाव में उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही तथा बीमारों तक का उपचार करवाने में उन्हें परेशानी आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स :
चार दिन बाद बैंक में पीएनबी बैंक में तीन लाख रुपये आए हैं और बाहर लोगों की भीड़ लगी हुई है। फिर भी हम लोगों को दो दो हजार रुपये दे रहे हैं। करेंसी कम आने की वजह से परेशानी आना स्वाभाविक है लेकिन हम भी तो मजबूर हैं।  - शेर सिंह, प्रबंधक पीएनबी चोरमार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed