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Sirsa News: केंद्रीय विद्यालयों में अब नहीं हो पाएंगे नए दाखिले, जारी हुए आदेश
Sat, 13 Apr 2024 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 13 Apr 2024 11:34 PM IST
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सिरसा। केंद्रीय विद्यालय ने नए शिक्षा सत्र को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत नए शिक्षा सत्र से नए दाखिले नहीं होंगे। केंद्रीय विद्यालयों ने सीटों की संख्या को भी कम कर दिया है। जहां पहले स्कूलों में 40 सीटें थी। जिसे घटाकर 32 कर दिया गया है।
केंद्रीय विद्यालय ने हर क्लास में कुछ सीटें कम कर दी हैं। वहीं विद्यार्थियों की ट्रांसफर पॉलिसी में भी बदलाव किया गया है। प्राइवेट सेक्टर की नौकरी कर रहे परिजन का राज्य के बाहर ट्रांसफर होने पर बच्चों को दूसरे राज्य के स्कूल में ट्रांसफर नहीं मिलेगा। केंद्रीय विद्यालयों में अधिकतर विद्यार्थी दाखिला लेना चाहते हैं, लेकिन सीटें कम होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।
सीटों से कम बच्चों पर ही होंगे फ्रेश दाखिले
जिले के केंद्रीय विद्यालयों में हर कक्षा में 32 सीटें निर्धारित की गई है। पहले ये सीटें 40 थी। अब अगर किसी एक कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 32 से कम है तो ही नए दाखिले लिए जाएंगे। अन्यथा विद्यार्थियों के दाखिले नहीं होंगे। जो विद्यार्थी पहले ही कक्षाओं में दाखिल है उन्हीं को शिक्षा दी जाएगी। पहले ये संख्या 40 थी।
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ट्रांसफर पॉलिसी का भी नहीं मिलेगा लाभ
केंद्रीय विद्यालयों में अब किसी भी विद्यार्थी को ट्रांसफर पॉलिसी का लाभ नहीं मिलेगा। मान लीजिए कि जैसे किसी अभिभावक का ट्रांसफर अन्य जिले में हो जाता है तो ऐसे में पहले जहां पर अभिभावक का ट्रांसफर हुआ वहां के स्कूल में विद्यार्थियों को दाखिला मिल जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा ऐसे में जहां पर अभिभावक का ट्रांसफर हुआ है वहां के स्कूल में 45 से कम विद्यार्थी है तो ही विद्यार्थियों का दाखिला होगा।
सरकारी नौकरी पदस्थ अभिभावक के बच्चे को ही मिलेगा लाभ
केंद्रीय विद्यालय में सरकारी नौकरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों के बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। अगर पेरेंट्स का कहीं और ट्रांसफर होता है तो बच्चों को भी इंटर स्टेट ट्रांसफर की सुविधा मिलती थी। अब इसमें बदलाव किया गया है। पहले सीटें खाली होने पर सभी पेरेंट्स के बच्चों को ट्रांसफर की सुविधा थी। अब सिर्फ सरकारी नौकरी में पदस्थ पेरेंट्स के बच्चों को ही ये सुविधा मिलेगी। प्राइवेट नौकरी में काम कर रहे लोगों के बच्चों को स्टेट ट्रांसफर की सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
जानिए केंद्रीय विद्यालय की योजना
केंद्रीय विद्यालय भारत में सेंट्रल गवर्नमेंट स्कूलों की एक प्रणाली है। ये सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करती हैं। इनमें डिफेंस और पैरामिलिट्री बलों के अधिकारी शामिल हैं। हालांकि प्राइवेट नौकरी वाले पेरेंट्स के बच्चों को भी एडमिशन दिया जाता है। केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना केंद्र सरकार द्वारा भारतीय शिक्षा मंत्रालय के तहत की गई थी। इनमें सीबीएसई का सिलेबस लागू रहता है। इनका मैनेजमेंट केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा किया जाता है, जो शिक्षा मंत्रालय के अधीन है।
इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। ऑनलाइन आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।
- विरेंद्र कुमार, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, स्कूल।
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केंद्रीय विद्यालय ने हर क्लास में कुछ सीटें कम कर दी हैं। वहीं विद्यार्थियों की ट्रांसफर पॉलिसी में भी बदलाव किया गया है। प्राइवेट सेक्टर की नौकरी कर रहे परिजन का राज्य के बाहर ट्रांसफर होने पर बच्चों को दूसरे राज्य के स्कूल में ट्रांसफर नहीं मिलेगा। केंद्रीय विद्यालयों में अधिकतर विद्यार्थी दाखिला लेना चाहते हैं, लेकिन सीटें कम होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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सीटों से कम बच्चों पर ही होंगे फ्रेश दाखिले
जिले के केंद्रीय विद्यालयों में हर कक्षा में 32 सीटें निर्धारित की गई है। पहले ये सीटें 40 थी। अब अगर किसी एक कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 32 से कम है तो ही नए दाखिले लिए जाएंगे। अन्यथा विद्यार्थियों के दाखिले नहीं होंगे। जो विद्यार्थी पहले ही कक्षाओं में दाखिल है उन्हीं को शिक्षा दी जाएगी। पहले ये संख्या 40 थी।
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ट्रांसफर पॉलिसी का भी नहीं मिलेगा लाभ
केंद्रीय विद्यालयों में अब किसी भी विद्यार्थी को ट्रांसफर पॉलिसी का लाभ नहीं मिलेगा। मान लीजिए कि जैसे किसी अभिभावक का ट्रांसफर अन्य जिले में हो जाता है तो ऐसे में पहले जहां पर अभिभावक का ट्रांसफर हुआ वहां के स्कूल में विद्यार्थियों को दाखिला मिल जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा ऐसे में जहां पर अभिभावक का ट्रांसफर हुआ है वहां के स्कूल में 45 से कम विद्यार्थी है तो ही विद्यार्थियों का दाखिला होगा।
सरकारी नौकरी पदस्थ अभिभावक के बच्चे को ही मिलेगा लाभ
केंद्रीय विद्यालय में सरकारी नौकरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों के बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। अगर पेरेंट्स का कहीं और ट्रांसफर होता है तो बच्चों को भी इंटर स्टेट ट्रांसफर की सुविधा मिलती थी। अब इसमें बदलाव किया गया है। पहले सीटें खाली होने पर सभी पेरेंट्स के बच्चों को ट्रांसफर की सुविधा थी। अब सिर्फ सरकारी नौकरी में पदस्थ पेरेंट्स के बच्चों को ही ये सुविधा मिलेगी। प्राइवेट नौकरी में काम कर रहे लोगों के बच्चों को स्टेट ट्रांसफर की सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
जानिए केंद्रीय विद्यालय की योजना
केंद्रीय विद्यालय भारत में सेंट्रल गवर्नमेंट स्कूलों की एक प्रणाली है। ये सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करती हैं। इनमें डिफेंस और पैरामिलिट्री बलों के अधिकारी शामिल हैं। हालांकि प्राइवेट नौकरी वाले पेरेंट्स के बच्चों को भी एडमिशन दिया जाता है। केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना केंद्र सरकार द्वारा भारतीय शिक्षा मंत्रालय के तहत की गई थी। इनमें सीबीएसई का सिलेबस लागू रहता है। इनका मैनेजमेंट केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा किया जाता है, जो शिक्षा मंत्रालय के अधीन है।
इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। ऑनलाइन आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।
- विरेंद्र कुमार, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, स्कूल।