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Sirsa News: अब ‘जुगाड़’ लगाएगा गलियों में झाड़ू, चंद घंटों में ही चकाचक होगा गांव

Mon, 01 Apr 2024 04:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 01 Apr 2024 04:31 AM IST
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Now 'Jugaad' will sweep the streets, the village will be dazzling within a few hours
बडागुढ़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की एक ही शिकायत रहती है कि सफाईकर्मी गलियों की ठीक से सफाई नहीं करता। जब सफाईकर्मी से पूछा जाता है तो उसका जवाब होता है कि इतने बड़े गांव में सफाई कैसे संभव होगी। लेकिन अब कोई परेशानी वाली बात नहीं। अब एक यंत्र गांव की गलियों में घूम-घूमकर चंद घंटों मेें ही गलियों को चकाचक कर देगा। हालांकि ये एक जुगाड़ है, लेकिन इससे साफ गलियां देखकर लोग इसके बनाने वाले की काफी सराहना कर रहे हैं। इस यंत्र से फिलहाल बडागुढ़ा खंड के गांव सुब्बाखेड़ा में सफाई की जा रही है। इसे लोग स्वच्छता का झाडू जुगाड़ कहते हैं।
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दरअसल गांव सुब्बाखेड़ा की सरपंच गुरप्रीत कौर सोशल मीडिया पर सफाई व्यवस्था को लेकर कुछ जानकारियां ले रही थीं। इसी दौरान उन्होंने एक जुगाड़ देखा, जिसमें एक साथ कई झाड़ू चलते हैं और ये अपने आप ही सफाई कर देता है। जिसके बाद उन्होंने इस बारे में अपने पति गुरशरण सिंह से चर्चा करते हुए इस जुगाड़ बारे में जानकारी प्राप्त की। जिसके बाद उन्होंने वेल्डिंग का कार्य करने वाले मिस्त्री गुरप्यास सिंह से संपर्क किया तो उसने इसे बनाने को कोशिश करने की बात कहीं। कुछ ही दिनों में गुरप्यास सिंह ने इसे बनाकर तैयार कर दिया।
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गुरप्यास ने बताया कि उसने ऐसा जुगाड़ पहले कभी बनाया तो नहीं था, लेकिन यह असंभव नहीं था। गुरप्यास ने इसे सोशल मीडिया पर देखा था और फिर बना ही दिया। इसे फिलहाल ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। इसमें भविष्य में और भी सुधार करेंगे ताकि सफाई व्यवस्था बेहतर हो। इस जुगाड़ पर ग्राम पंचायत का 40 से 50 हजार रुपये के आसपास खर्च आया। इस जुगाड़ में 2 टायर, बड़ा व्हील जो टायरों के साथ घूम कर झाड़ू लगाएगा। इस पर 4 झाड़ू सहित अन्य सामान लगा।
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पूरी तरह से ईंधन रहित, नहीं कोई ऊर्जा की जरूरत

ये कोई बड़ा यंत्र नहीं है बल्कि छोटा सा जुगाड़ है, जो कि पूरी तरह से ईंधन रहित है। ये जुगाड़ ट्रैक्टर के पीछे जुडक़र कार्य शुरू करेगा। ट्रैक्टर का काम मात्र इसे धीरे-धीरे आगे खींचने का ही है। इसमें क्रॉस या अन्य कोई ऊर्जा की जरूरत नहीं। इसका चलने का कनेक्शन स्वयं के टायरों के साथ ही है। जब टायर घूमेंगे तो 4 झाड़ू एक साथ चलेंगे। अगर खर्च की बात करें तो ट्रैक्टर का पूरे दिन का ज्यादा से ज्यादा एक हजार रुपये के डीजल का ही है। अगर गांव की गलियां कम है तो डीजल का खर्च कम लगेगा। जैसे-जैसे ट्रैक्टर चलता जाएगा ये जुगाड़ गलियां साफ करता जाएगा।


लोगों को आ रहा रास

गांव सुब्बाखेड़ा में ग्राम पंचायत ने जब प्रथम बार इस जुगाड़ को गलियों में सफाई के लिए उतारा तो लोग अचंभित नजर आए। लोगों ने इस जुगाड़ को गौर से देखते हुए इसकी खूब प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि अब गांव की गलियां चकाचक नजर आएंगी। सरपंच प्रतिनिधि गुरशरण सिंह ने बताया कि उनका प्रयास यही था कि गांव में बेहतर सफाई व्यवस्था होनी चाहिए। चाहे वो किसी तरह भी हो। उन्होंने बताया कि इस जुगाड़ के माध्यम से सप्ताह में एक बार गांव की सफाई की जाएगी। इसमें लगाने के लिए स्पेशल व बड़े झाड़ू मंगवाए जाएंगे।
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