फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Nirmal Singh of Pohadka is earning lakhs from stubble management

Sirsa News: पराली प्रबंधन से लाखों कमा रहे पोहडका के निर्मल सिंह

Thu, 21 Sep 2023 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 21 Sep 2023 11:08 PM IST
विज्ञापन
Nirmal Singh of Pohadka is earning lakhs from stubble management
सिरसा। पराली प्रबंधन को अपना व्यवसाय बनाकर पोहडका के निर्मल सिंह लाखों रुपये कमा रहे हैं। वे चार सालों में पराली प्रबंधन कर रहे हैं। इसके साथ ही दो से तीन गांवों के खेतों से पराली की गांठ बनाकर राजस्थान की गोशालाओं को बेचते हैं। इससे गायों को जहां चारा मिलता है, वहीं निर्मल सिंह की कमाई भी हो जाती है।
विज्ञापन


गांव पोहड़का के निर्मल सिंह ने बताया कि धान के सीजन के अंत में पराली प्रदूषण बहुत ज्यादा होता था। सुबह और शाम सीजन के समय धुंआ ही धुंआ नजर आता था। ऐसे में पराली प्रबंधन को लेकर उसे सरकार की योजना का पता चला। 2018 में कृषि विभाग से उसने बेलर खरीदा। उस समय ऐलनाबाद जिले में बेलर खरीदने वाला वह पहला किसान था। शुरूआत में पराली इकट्ठा करने के लिए 16 से 17 गांवों में जाना पड़ता था। आलम यह था कि जब पराली से गांठ बना रहे होते थे तो दूसरे खेतों में किसान आग लगा देते थे। । उन्होंने कहा कि शुरुआती एक या दो साल कोई खास मुनाफा नहीं हुआ। वर्ष 2020 के आस पास सरकार ने पराली प्रबंधन को लेकर सख्ती दिखानी शुरू कर दी। इसका लाभ भी मिला।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि अब गांवों के लोग पराली जलाने से गुरेज करने लगे हैं। किसान को पता चल गया है कि आगजनी के भूमि को क्या नुकसान होता है। अब दो से तीन गांवों में घूमकर ही पराली का स्टाक पूरा हो जाता है। उन्होंने बताया कि हर सीजन दो तीन गांवों से तीन हजार एकड़ की पराली की गांठ बनाकर स्टाक करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीकानेर तक जाती है पराली
निर्मल सिंह ने बताया कि पराली अब घाटे का सौदा नहीं रहा है। सीजन में आठ से 10 लाख की कमाई हो जाती है। पराली का सारा स्टाक राजस्थान में गोशालाओं के पास जाता है। वहां पर इसका चारा बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में रावतसर से भादरिया और उसके बाद फलौदी व बीकानेर तक पराली जाती है।


किसानों को मिलती है सरकार से प्रोत्साहन राशि
निर्मल सिंह ने बताया कि किसानों के खेत को खाली करने का काम वह करते हैं। इस दौरान खेत में पराली रीपर से कटवाने का काम किसान करता है। उसका यह खर्च उसे सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि से निकल जाता है। हम गांठ बनाकर उसको बेचकर अपना खर्च व मुनाफा कमा लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed