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निक्कू सिंह हत्याकांड : दोषी सुरेंद्र उर्फ छिंद्रपाल व रोहताश को कठोर आजीवन कारावास
Wed, 29 Jan 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:57 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव नथोर के निक्कू सिंह हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी सुरेंद्र उर्फ छिंद्रपाल व रोहताश को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी सुरेंद्र को एक लाख 10 हजार रुपये व रोहताश को एक लाख 5 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने अपने फैसले में कहा है कि सजा देने का प्राथमिक उद्देश्य अपराधी को यह एहसास कराना है कि उसके द्वारा किए गए अपराध ने न केवल पीड़ित और उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था को भी बाधित किया है। इस प्रकार का अपराध समाज में अविश्वास और आपराधिक कृत्यों को और बढ़ावा देता है। बचाव व सरकारी पक्षों द्वारा प्रस्तुत तर्कों के बाद न्यायालय का यह मानना है कि ये हत्या सबसे वीभत्स तरीके से की गई। दोषी बिलकुल भी नरमी के हकदार नहीं, फिर भी दोषियों की पृष्ठभूमि और जिस समाज से वे आते हैं, उसे ध्यान में रखते हुए उन्हें दोषियों को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता।
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दोषियों ने लगाई सजा में नरम रुख अपनाने की गुहार
सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी सुरेंद्र उर्फ छिंदरपाल ने न्यायाधीश से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए कहा कि वह अविवाहित है। उसके पिता का देहांत हो चुका है और मां बुजुर्ग है। वह बीमार रहती है। उसके अलावा उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं। वह इस मामले में 33 माह से न्यायिक हिरासत में है। इसलिए सजा में नरम रुख अपनाया जाए। दोषी रोहताश ने न्यायाधीश से कहा कि वह गरीब व्यक्ति है। उसके तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी ही घर चलाती है। उसके मां-बाप बुजुर्ग हैं। उक्त सभी की देखभाल करने वाला उसके अलावा दूसरा कोई नहीं है।
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सरकारी वकील ने की थी अधिकतम सजा मांग
सरकारी अधिवक्ता पलविंदर सिंह द्वारा दलील दी गई है कि अपराध की प्रकृति और जिस भयानक तरीके से इसे अंजाम दिया गया, उसे ध्यान में रखते हुए, कानून के तहत प्रदान की गई अधिकतम सजा दोषियों को दी जानी चाहिए ताकि समाज में सख्त संदेश जाए।
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इस वजह से की गई थी निक्कू की हत्या
गांव नथोर निवासी रमन कुमारी ने वर्ष 2019 में गांव के ही निक्कू सिंह के साथ कोर्ट में शादी की थी। इस शादी से रमन के घरवाले खुश नहीं थे। रमन के भाई सुरेंद्र ने वर्ष 2020 में निक्कू पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद निक्कू अपनी पत्नी रमन के साथ गांव से दूर रहने लगा। 5 जनवरी 2021 को निक्कू अपना प्लाट बेचने के लिए गांव गया था। निक्कू जब खेत के रास्ते गांव जा रहा था तो सुरेंद्र ने अपने चाचा रोहताश निवासी नथोर के साथ मिलकर तेजधार हथियार से निक्कू सिंह की हत्या कर दी थी।
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सिरसा। गांव नथोर के निक्कू सिंह हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी सुरेंद्र उर्फ छिंद्रपाल व रोहताश को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी सुरेंद्र को एक लाख 10 हजार रुपये व रोहताश को एक लाख 5 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने अपने फैसले में कहा है कि सजा देने का प्राथमिक उद्देश्य अपराधी को यह एहसास कराना है कि उसके द्वारा किए गए अपराध ने न केवल पीड़ित और उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था को भी बाधित किया है। इस प्रकार का अपराध समाज में अविश्वास और आपराधिक कृत्यों को और बढ़ावा देता है। बचाव व सरकारी पक्षों द्वारा प्रस्तुत तर्कों के बाद न्यायालय का यह मानना है कि ये हत्या सबसे वीभत्स तरीके से की गई। दोषी बिलकुल भी नरमी के हकदार नहीं, फिर भी दोषियों की पृष्ठभूमि और जिस समाज से वे आते हैं, उसे ध्यान में रखते हुए उन्हें दोषियों को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता।
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दोषियों ने लगाई सजा में नरम रुख अपनाने की गुहार
सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी सुरेंद्र उर्फ छिंदरपाल ने न्यायाधीश से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए कहा कि वह अविवाहित है। उसके पिता का देहांत हो चुका है और मां बुजुर्ग है। वह बीमार रहती है। उसके अलावा उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं। वह इस मामले में 33 माह से न्यायिक हिरासत में है। इसलिए सजा में नरम रुख अपनाया जाए। दोषी रोहताश ने न्यायाधीश से कहा कि वह गरीब व्यक्ति है। उसके तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी ही घर चलाती है। उसके मां-बाप बुजुर्ग हैं। उक्त सभी की देखभाल करने वाला उसके अलावा दूसरा कोई नहीं है।
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सरकारी वकील ने की थी अधिकतम सजा मांग
सरकारी अधिवक्ता पलविंदर सिंह द्वारा दलील दी गई है कि अपराध की प्रकृति और जिस भयानक तरीके से इसे अंजाम दिया गया, उसे ध्यान में रखते हुए, कानून के तहत प्रदान की गई अधिकतम सजा दोषियों को दी जानी चाहिए ताकि समाज में सख्त संदेश जाए।
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इस वजह से की गई थी निक्कू की हत्या
गांव नथोर निवासी रमन कुमारी ने वर्ष 2019 में गांव के ही निक्कू सिंह के साथ कोर्ट में शादी की थी। इस शादी से रमन के घरवाले खुश नहीं थे। रमन के भाई सुरेंद्र ने वर्ष 2020 में निक्कू पर हमला कर दिया था। इस हमले के बाद निक्कू अपनी पत्नी रमन के साथ गांव से दूर रहने लगा। 5 जनवरी 2021 को निक्कू अपना प्लाट बेचने के लिए गांव गया था। निक्कू जब खेत के रास्ते गांव जा रहा था तो सुरेंद्र ने अपने चाचा रोहताश निवासी नथोर के साथ मिलकर तेजधार हथियार से निक्कू सिंह की हत्या कर दी थी।