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Sirsa News: रोड़ी पीएचसी में स्टाफ की कमी, दो चिकित्सक सहित 10 पद खाली, 10 गांव के लोग प्रभावित
Mon, 30 Jan 2023 06:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 30 Jan 2023 06:42 PM IST
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रोड़ी का पीएचसी केंद्र।
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राजू, रोड़ी। सरकार की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दम भरा जा रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में स्टाफ का टोटा मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है। यही स्थिति रोड़ी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की है। यहां पर दो मुख्य चिकित्सकों सहित कुल 17 पद स्वीकृत हैं, लेकिन चिकित्सकों के दोनों ही पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। एक दंत चिकित्सक के कंधों पर ही पूरे पीएचसी की जिम्मेदारी है। लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
पीएचसी के अधीन रोड़ी, फग्गू, रोहण, मलड़ी, देसू खुर्द, भीवां, थिराज, झोरड़रोही, पंजमाला, सुरतिया तथा मलड़ी, फग्गू, थिराज व सुरतिया के 4 उपस्वास्थ्य केंद्र आते हैं। इस पीएचसी पर करीब 36 हजार की आबादी निर्भर है। हर रोज यहां करीब 50 से 60 की ओपीडी रहती है, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ता है। पीएचसी में 2 चिकित्सक, एक दंत चिकित्सक, 3 एनएचएम, एक स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, एक एलएचबी, फार्मासिस्ट, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक एमपीएचडब्ल्यू, एक स्वीपर, एक सिक्योरिटी गार्ड व एंबुलेंस चालक सहित कुल 17 पद स्वीकृत हैं।
ये हैं खाली
पीएचसी में 2 चिकित्सक, स्टाफ नर्स, 3 एनएचएम, एमपीएचडब्ल्यू, एलएचबी, फार्मासिस्ट सहित कुल 10 पद खाली हैं।
हर माह होते हैं करीब 12 से 15 प्रसव
रोड़ी पीएचसी केंद्र में हर माह करीब 12 से 15 प्रसव केस करवाए जाते हैं। यहां कोई चिकित्सक या स्टाफ नर्स न होने के चलते एएनएम सामान्य प्रसव तो करवा देती है, लेकिन अन्य प्रसव केसों को रेफर कर दिया जाता है।
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पूर्व सांसद का गांव है रोड़ी
गांव रोड़ी निवासी चरणजीत सिंह सांसद रह चुके हैं। सांसद से पूर्व वे विधायक भी रहे। मौजूदा समय में शीशपाल केहरवाला हलका के विधायक हैं, लेकिन फिर भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रहीं। लोगों का कहना है कि गांव रोड़ी राजनीति का मुख्य केंद्र कहा जाता है, लेकिन फिर भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं न मिल पाना अपने आप में बड़ा सवाल है।
वर्जन
हां, पीएचसी केंद्र में स्टाफ का टोटा है। ऐसे में लोगों को परेशानी आना स्वाभाविक है। इस समस्या को मैं विधानसभा में भी उठा चुका हूं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्टाफ की पूर्ति के लिए छह माह का समय मांगा था, लेकिन उस बात एक वर्ष हो गया। सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का जनाजा निकला हुआ है। इसका उदाहरण राजनीति का गढ़ माने जाने वाले गांव चौटाला के अस्पताल में सभी ने देखा। रोड़ी पीएचसी में स्टाफ की पूर्ति के लिए फिर से पत्र भेजकर सरकार को अवगत करवांउगा। एमएलए की एक कमेटी होती है। हो सका तो उसकी भी यहां पर विजिट करवाई जाएगी।-- शीशपाल केहरवाला, विधायक (हलका कालांवाली)
अस्पताल में स्टाफ के टोटे की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। ये स्थिति आज से नहीं, लंबे समय से चली आ रही है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन हकीकत कुछ और है। हमारा गांव आबादी के हिसाब से काफी बड़ा गांव है। यहां पर स्टाफ की पूर्ति होना जरूरी है। इसके लिए अगर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य मंत्री के पास भी जाना पड़ा तो हम तैयार हैं।-- दर्शन सिंह (मुंशी), सरपंच (रोड़ी)।
वर्जन
पीएचसी में जो पद खाली हैं, उनकी पूर्ति के लिए हम समय-समय पर विभाग को अवगत करवाते रहते हैं। हमारा कार्य तो अवगत करवाना है तैनाती करना तो सरकार का कार्य है।-- डॉ. आशा जिंदल, दंत चिकित्सक एवं पीएचसी इंचार्ज।
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पीएचसी के अधीन रोड़ी, फग्गू, रोहण, मलड़ी, देसू खुर्द, भीवां, थिराज, झोरड़रोही, पंजमाला, सुरतिया तथा मलड़ी, फग्गू, थिराज व सुरतिया के 4 उपस्वास्थ्य केंद्र आते हैं। इस पीएचसी पर करीब 36 हजार की आबादी निर्भर है। हर रोज यहां करीब 50 से 60 की ओपीडी रहती है, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ता है। पीएचसी में 2 चिकित्सक, एक दंत चिकित्सक, 3 एनएचएम, एक स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, एक एलएचबी, फार्मासिस्ट, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक एमपीएचडब्ल्यू, एक स्वीपर, एक सिक्योरिटी गार्ड व एंबुलेंस चालक सहित कुल 17 पद स्वीकृत हैं।
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ये हैं खाली
पीएचसी में 2 चिकित्सक, स्टाफ नर्स, 3 एनएचएम, एमपीएचडब्ल्यू, एलएचबी, फार्मासिस्ट सहित कुल 10 पद खाली हैं।
हर माह होते हैं करीब 12 से 15 प्रसव
रोड़ी पीएचसी केंद्र में हर माह करीब 12 से 15 प्रसव केस करवाए जाते हैं। यहां कोई चिकित्सक या स्टाफ नर्स न होने के चलते एएनएम सामान्य प्रसव तो करवा देती है, लेकिन अन्य प्रसव केसों को रेफर कर दिया जाता है।
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पूर्व सांसद का गांव है रोड़ी
गांव रोड़ी निवासी चरणजीत सिंह सांसद रह चुके हैं। सांसद से पूर्व वे विधायक भी रहे। मौजूदा समय में शीशपाल केहरवाला हलका के विधायक हैं, लेकिन फिर भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रहीं। लोगों का कहना है कि गांव रोड़ी राजनीति का मुख्य केंद्र कहा जाता है, लेकिन फिर भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं न मिल पाना अपने आप में बड़ा सवाल है।
वर्जन
हां, पीएचसी केंद्र में स्टाफ का टोटा है। ऐसे में लोगों को परेशानी आना स्वाभाविक है। इस समस्या को मैं विधानसभा में भी उठा चुका हूं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्टाफ की पूर्ति के लिए छह माह का समय मांगा था, लेकिन उस बात एक वर्ष हो गया। सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का जनाजा निकला हुआ है। इसका उदाहरण राजनीति का गढ़ माने जाने वाले गांव चौटाला के अस्पताल में सभी ने देखा। रोड़ी पीएचसी में स्टाफ की पूर्ति के लिए फिर से पत्र भेजकर सरकार को अवगत करवांउगा। एमएलए की एक कमेटी होती है। हो सका तो उसकी भी यहां पर विजिट करवाई जाएगी।
अस्पताल में स्टाफ के टोटे की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। ये स्थिति आज से नहीं, लंबे समय से चली आ रही है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन हकीकत कुछ और है। हमारा गांव आबादी के हिसाब से काफी बड़ा गांव है। यहां पर स्टाफ की पूर्ति होना जरूरी है। इसके लिए अगर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य मंत्री के पास भी जाना पड़ा तो हम तैयार हैं।
वर्जन
पीएचसी में जो पद खाली हैं, उनकी पूर्ति के लिए हम समय-समय पर विभाग को अवगत करवाते रहते हैं। हमारा कार्य तो अवगत करवाना है तैनाती करना तो सरकार का कार्य है।