{"_id":"5f7b54ad8ebc3ec5ee58be78","slug":"municipal-commitee-meeting-sirsa-news-sirsa-news-rtk576852865","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर वासियों को जाम से राहत दिलाने के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग का प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर वासियों को जाम से राहत दिलाने के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग का प्रस्ताव
विज्ञापन
समस्याएं बताते वार्ड तीन के पार्षद सुनील बहल
- फोटो : Sirsa
शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए शहर थाने के पास अथवा मोहता बाजार के सरकारी स्कूल की जमीन पर नगर परिषद मल्टी स्टोरी पार्किंग बनवा सकती है। वहीं, खैरपूर में नगर परिषद के नए दफ्तर का भी निर्माण किया जा सकता है। ये एजेंडा सोमवार को 19 माह 14 दिन बाद हुई नगर परिषद की बैठक में रखा गया।
सोमवार को नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह, नगर आयुक्त संगीता तेतरवाल व सचिव ऋषिकेश चौधरी की मौजूदगी में सदन की बैठक हुई। 19 महीने 14 दिन बाद हुई इस बैठक में 21 पार्षद भी उपस्थित रहे। बैठक में नगर परिषद से जुड़े 38 एजेंडों पर चचा हुई। इतने लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक को लेकर आक्रोशित पार्षद सदन में नगर आयुक्त के आते ही अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गए। पार्षदों ने कहाकि जो बैठक हर माह होनी चाहिए, वह डेढ़ साल बीतने के बाद क्यों हो रही है। अब उन लोगों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। जबकि बैठक न होने की वजह से विकास कार्यों को किस तरह से करा पाएंगे।
नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन बार बैठक के लिए ईओ नगर परिषद को पत्र लिखा पर बजट तैयार ना होने की बात कहकर बैठक स्थगित होती रही। वार्ड नंबर 13 की पार्षद कौशल्या देवी ने कहा कि आज की बैठक में जो एजेंडा रखा जा रहे हैं, उनके पास होने की कोई उम्मीद नहीं है। बीते वर्ष 21 फरवरी को हुई बैठक में जिन विकास कार्यों पर चर्चा की गई थी, उनका काम भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। वहीं, वार्ड नंबर तीन के पार्षद सुनील बहल ने मुद्दा उठाया कि अभी तक उनके वार्ड में हुडा पार्क में एलईडी लाइट का भी प्रबंध नहीं किया गया है। छह माह से उनके वार्ड में स्ट्रीट लाइट नहीं है। बार-बार इस समस्या के लिए उनको हुडा व नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ रहे है लेकिन लाइटें नहीं सकी। पार्षद सुनील बहल ने नगर परिषद कर्मचारी बजरंग पर अभद्र तरीके से बातचीत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहाकि हुडा पार्ट -2 पूरे छह माह से अंधेरे में है। ज्यादातर पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटों के संबंध में शिकायतें रखी। जिस पर नगर आयुक्त ने आदेश दिया कि इस समस्या का जल्द समाधान करवाया जाए। वहीं, वार्ड नंबर 12 के पार्षद नारायण पाल ने पूछा कि अगली बैठक अब कब होगी। उनके सवाल का समर्थन करते हुए अन्य पार्षदों ने भी कहा कि बैठक का एक समय निश्चित कर दें। जिस पर नगर परिषद कार्यकारी प्रधान ने कहा कि अब हर माह विकास कार्यों पर बैठक बुलाई जाएगी।
विज्ञापन
38 एजेंडों और करीब 600 मांगों को मंजूरी
बैठक में पार्षदों के रखे सभी 38 एजेंडों और करीब 600 मांगों को मंजूरी दे दी गई और पार्षदों को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। शहर में जाम की समस्या पर एजेंडा तैयार किया गया कि शहर थाने के पास की जगह या मोहता बाजार में बना सरकारी स्कूल की जगह में से एक तय की जाए। वहीं, नगर परिषद के नए कार्यालय निर्माण को लेकर पार्षदों ने खैरपुर के स्थान का प्रस्तावित किया। वहीं पार्षदों की सहमति ऑटो मार्केट में खाली पड़ी भूमि पर सहमति बन गई। वार्ड 13 की पार्षद कौशल्या देवी ने पार्क की सफाई का मुद्दा उठाया। नगर आयुक्त ने पार्षदों से पूछा कि किस वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए पार्षदों ने बताया कि ठेकेदार का टेंडर बदलने की मांग की जिस पर कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह ने सहमति जताई।
विज्ञापन
सोमवार को नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह, नगर आयुक्त संगीता तेतरवाल व सचिव ऋषिकेश चौधरी की मौजूदगी में सदन की बैठक हुई। 19 महीने 14 दिन बाद हुई इस बैठक में 21 पार्षद भी उपस्थित रहे। बैठक में नगर परिषद से जुड़े 38 एजेंडों पर चचा हुई। इतने लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक को लेकर आक्रोशित पार्षद सदन में नगर आयुक्त के आते ही अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गए। पार्षदों ने कहाकि जो बैठक हर माह होनी चाहिए, वह डेढ़ साल बीतने के बाद क्यों हो रही है। अब उन लोगों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। जबकि बैठक न होने की वजह से विकास कार्यों को किस तरह से करा पाएंगे।
विज्ञापन
नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन बार बैठक के लिए ईओ नगर परिषद को पत्र लिखा पर बजट तैयार ना होने की बात कहकर बैठक स्थगित होती रही। वार्ड नंबर 13 की पार्षद कौशल्या देवी ने कहा कि आज की बैठक में जो एजेंडा रखा जा रहे हैं, उनके पास होने की कोई उम्मीद नहीं है। बीते वर्ष 21 फरवरी को हुई बैठक में जिन विकास कार्यों पर चर्चा की गई थी, उनका काम भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। वहीं, वार्ड नंबर तीन के पार्षद सुनील बहल ने मुद्दा उठाया कि अभी तक उनके वार्ड में हुडा पार्क में एलईडी लाइट का भी प्रबंध नहीं किया गया है। छह माह से उनके वार्ड में स्ट्रीट लाइट नहीं है। बार-बार इस समस्या के लिए उनको हुडा व नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ रहे है लेकिन लाइटें नहीं सकी। पार्षद सुनील बहल ने नगर परिषद कर्मचारी बजरंग पर अभद्र तरीके से बातचीत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहाकि हुडा पार्ट -2 पूरे छह माह से अंधेरे में है। ज्यादातर पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटों के संबंध में शिकायतें रखी। जिस पर नगर आयुक्त ने आदेश दिया कि इस समस्या का जल्द समाधान करवाया जाए। वहीं, वार्ड नंबर 12 के पार्षद नारायण पाल ने पूछा कि अगली बैठक अब कब होगी। उनके सवाल का समर्थन करते हुए अन्य पार्षदों ने भी कहा कि बैठक का एक समय निश्चित कर दें। जिस पर नगर परिषद कार्यकारी प्रधान ने कहा कि अब हर माह विकास कार्यों पर बैठक बुलाई जाएगी।
विज्ञापन
38 एजेंडों और करीब 600 मांगों को मंजूरी
बैठक में पार्षदों के रखे सभी 38 एजेंडों और करीब 600 मांगों को मंजूरी दे दी गई और पार्षदों को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। शहर में जाम की समस्या पर एजेंडा तैयार किया गया कि शहर थाने के पास की जगह या मोहता बाजार में बना सरकारी स्कूल की जगह में से एक तय की जाए। वहीं, नगर परिषद के नए कार्यालय निर्माण को लेकर पार्षदों ने खैरपुर के स्थान का प्रस्तावित किया। वहीं पार्षदों की सहमति ऑटो मार्केट में खाली पड़ी भूमि पर सहमति बन गई। वार्ड 13 की पार्षद कौशल्या देवी ने पार्क की सफाई का मुद्दा उठाया। नगर आयुक्त ने पार्षदों से पूछा कि किस वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए पार्षदों ने बताया कि ठेकेदार का टेंडर बदलने की मांग की जिस पर कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह ने सहमति जताई।