फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Mother's struggle for son's success, Hemant got 884th rank in UPSC

Sirsa News: बेटे की सफलता में मां का संघर्ष, हेमंत ने यूपीएससी में पाई 884वीं रैंक

Thu, 18 Apr 2024 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 18 Apr 2024 11:05 PM IST
विज्ञापन
Mother's struggle for son's success, Hemant got 884th rank in UPSC
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिरसा। शहरकी एमआईटीसी कॉलोनी निवासी हेमंत पारीक ने यूपीएससी की परीक्षा में 884वीं रैंक हासिल की। हेमंत की सफलता के पीछे उनकी मां का भी कड़ा संघर्ष किया है। उनकी उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है। वहीं अब हेमंत देश सेवा के लिए आतुर हैं।

सिरसा के एमआईटीसी कॉलोनी निवासी हेमंत ने अपनी 10वीं तक की शिक्षा राजस्थान में अपने पैतृक गांव भिराण में पूरी की। इसके बाद 12वीं कक्षा आर्य समाज स्कूल छानी बड़ी राजस्थान से पास की।
विज्ञापन

पिता के बीमार होने के बाद उसका परिवार सिरसा में रहने लगा। घर के आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण हेमंत की मां ने मजदूरी कर बेटी व बेटे को पढ़ाया। हेमंत की मां ने मनरेगा मजदूरी करके घर का लालन पालन किया। पिता भी ठीक होने के बाद पंडिताई करके घर का गुजारा चला रहे हैं। दोनों ने अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए कभी नहीं रोका।
विज्ञापन
विज्ञापन

हेमंत ने 12वीं के बाद जेबीटी की। वहीं ग्रेजुएशन के लिए हेमंत दिल्ली में पढ़ने के लिए चले गए। हेमंत ने बताया कि उन्होंने ग्रेजुएशन के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। डेढ़ साल तक दिनरात पढ़ाई की और आज यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। उनकी बड़ी बहन ने एमए बीएड की हुई है। अब भाई की उपलब्धि को देखकर अब उसकी बहन ने भी यूपीएससी की तैयारी करने का मन बनाया है।

14 घंटे करते थे पढ़ाई, पहले प्रयास में पाई सफलता

हेमंत ने बताया कि उसने दिल्ली में रहकर कोचिंग की है। करीब 14 घंटे तक वह पढ़ाई करता था। पढ़ाई ज्यादातर रात के समय में करता था। दिन में ही आराम करता था। टेलीग्राम पर आने वाले कंस्पेट को वह तैयारी के तौर पर प्रयोग करता था। कभी-कभी किसी डेटा को वेरिफाई या एनालाइज करने के लिए यू-ट्यूब का भी सहारा ले लेता था। पारिवारिक कार्यक्रमों को भी दरकिनार किया। उसे हर हाल में पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा को क्लीयर करना था। हेमंत ने बताया कि मेरी मां की मेहनत व दुआ से सब हुआ है। अब मजदूर मां के हाथों को आराम देने का काम करूंगा।




शुरुआत से ही अपने परिवार के हालात देखकर मन बना लिया था कि बनना तो आईएएस ही है। अखबारों में देखकर ओर पढ़कर हमेशा कुछ करने व बनने का ठाना था। जिस प्रकार ईमानदारी से मुकाम को पाया है उसी जज्बे व ताकत के साथ सभी के लिए काम करूंगा व ईमानदारी से लोगों की गरीबों की सेवा करता रहूंगा। -हेमंत पारिक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed