{"_id":"641207131093cff9ef0f7cf4","slug":"mockdrill-earthquake-hits-national-college-teams-rescue-13-students-sirsa-news-c-21-1-80353-2023-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"मॉकड्रिल : नेशनल कॉलेज में आया भूकंप, टीमों ने 13 विद्यार्थियों को बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मॉकड्रिल : नेशनल कॉलेज में आया भूकंप, टीमों ने 13 विद्यार्थियों को बचाया
Wed, 15 Mar 2023 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:27 PM IST
विज्ञापन
नेशनल कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान घायलों को रेस्क्यू करती एनडीआरएफ टीम। विज्ञप्ति
सिरसा। राजस्व विभाग ने राजकीय नेशनल कॉलेज में भूकंप आने की आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल करवाई गई। इस दौरान कॉलेज में भूकंप आया और भवन में फंसे 13 विद्यार्थियों को टीमों ने रेस्क्यू किया। किसी विद्यार्थी को खिड़की काटकर तो किसी विद्यार्थी को पहली व दूसरी मंजिल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ और कॉलेज की एनसीसी के युवक उपस्थित रहे।
एनडीआरएफ बठिंडा की टीम ने एसी/जीडी पंकज शर्मा, इंस्पेक्टर/जीडी सदानंन नायक के नेतृत्व में राहत व बचाव का कार्य किया। मॉक ड्रिल में जिला राजस्व विभाग, पुलिस, यातायात, गृह रक्षक, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा रोडवेज, रेडक्रॉस, पशुपालन, पीडब्ल्यूडी, खाद्य और आपूर्ति विभाग, मीडिया, राजकीय नेशनल महाविद्यालय के प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट, एनएसएस, स्वयंसेवक सहित कुल 1198 लोगों ने अपनी भूमिका निभाई। घायलव्यक्तियों को भी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस मॉक ड्रिल में भूकंप आना, आग लगना, शॉट सर्किट, भवन ढह जाना, भगदड़ मचना, बिजली से नुकसान होना, पाइपलाइन का नुकसान होना आदि दर्शाया गया। इन सभी कार्यों के लिए संबंधित विभाग की सभी टीमों ने मौके पर पहुंच कर अधिक से अधिक लोगों की जाने बचाने का कार्य किया। इस अवसर पर एसडीएम राजेंद्र कुमार, डीआरओ सुरेश कुमार, डीएसपी जय भगवान, प्रोजेक्ट ऑफिसर आपदा प्रबंधन अंजू राणा, प्रिंसिपल गवर्नमेंट नेशनल कॉलेज डॉ. संदीप गोयल मौजूद रहे।
ऐसे हुई मॉक ड्रिल
एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल में दिखाया गया कि किस प्रकार सिरसा में 6.6 तीव्रता का भूकंप आने की स्थिति में टीमों ने राहत कार्य किए जाने हैं। भूकंप का केंद्र प्रात: 10.33 बजे राजकीय नेशनल महाविद्यालय का बनाया गया। भूकंप का अलार्म बजते ही एससीसी और एनएसएस के बच्चों ने महाविद्यालय के बच्चों व अध्यापकों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इसके तुरंत बाद होमगार्ड व पुलिस विभाग की टीम ने बच्चों का रेस्क्यू किया। शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली विभाग व फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाव का कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया और इमारत की सीढियां ढह जाने के कारण पहली मंजिल से फंसे दो पीड़ितों को लेडर ड्रिल से बाहर निकाला। इसके उपरांत एनडीआरएफ बठिंडा की 27 लोगों की टीम ने मौके पर राहत व बचाव का कार्य शुरू किया, टीम द्वारा दीवारों को तोड़कर तीन बच्चों को तथा दो बच्चों को भवन की छत से रेस्क्यू किया गया।
विज्ञापन
कमियों को दूर करने के दिए निर्देश : एसडीएम
मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक किया गया। इस दौरान कुछ टीमों की कमियां नजर आने पर अवगत करवा कर सुधारने के लिए कहा गया। पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा विभाग, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, खाद्य और आपूर्ति, शिक्षा, नगर निगम, हरियाणा रोडवेज, पशु चिकित्सा की टीमों को भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समझाया गया।
राजेंद्र कुमार, एसडीएम
विज्ञापन
एनडीआरएफ बठिंडा की टीम ने एसी/जीडी पंकज शर्मा, इंस्पेक्टर/जीडी सदानंन नायक के नेतृत्व में राहत व बचाव का कार्य किया। मॉक ड्रिल में जिला राजस्व विभाग, पुलिस, यातायात, गृह रक्षक, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा रोडवेज, रेडक्रॉस, पशुपालन, पीडब्ल्यूडी, खाद्य और आपूर्ति विभाग, मीडिया, राजकीय नेशनल महाविद्यालय के प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट, एनएसएस, स्वयंसेवक सहित कुल 1198 लोगों ने अपनी भूमिका निभाई। घायलव्यक्तियों को भी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस मॉक ड्रिल में भूकंप आना, आग लगना, शॉट सर्किट, भवन ढह जाना, भगदड़ मचना, बिजली से नुकसान होना, पाइपलाइन का नुकसान होना आदि दर्शाया गया। इन सभी कार्यों के लिए संबंधित विभाग की सभी टीमों ने मौके पर पहुंच कर अधिक से अधिक लोगों की जाने बचाने का कार्य किया। इस अवसर पर एसडीएम राजेंद्र कुमार, डीआरओ सुरेश कुमार, डीएसपी जय भगवान, प्रोजेक्ट ऑफिसर आपदा प्रबंधन अंजू राणा, प्रिंसिपल गवर्नमेंट नेशनल कॉलेज डॉ. संदीप गोयल मौजूद रहे।
विज्ञापन
ऐसे हुई मॉक ड्रिल
एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल में दिखाया गया कि किस प्रकार सिरसा में 6.6 तीव्रता का भूकंप आने की स्थिति में टीमों ने राहत कार्य किए जाने हैं। भूकंप का केंद्र प्रात: 10.33 बजे राजकीय नेशनल महाविद्यालय का बनाया गया। भूकंप का अलार्म बजते ही एससीसी और एनएसएस के बच्चों ने महाविद्यालय के बच्चों व अध्यापकों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। इसके तुरंत बाद होमगार्ड व पुलिस विभाग की टीम ने बच्चों का रेस्क्यू किया। शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली विभाग व फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाव का कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया और इमारत की सीढियां ढह जाने के कारण पहली मंजिल से फंसे दो पीड़ितों को लेडर ड्रिल से बाहर निकाला। इसके उपरांत एनडीआरएफ बठिंडा की 27 लोगों की टीम ने मौके पर राहत व बचाव का कार्य शुरू किया, टीम द्वारा दीवारों को तोड़कर तीन बच्चों को तथा दो बच्चों को भवन की छत से रेस्क्यू किया गया।
विज्ञापन
कमियों को दूर करने के दिए निर्देश : एसडीएम
मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक किया गया। इस दौरान कुछ टीमों की कमियां नजर आने पर अवगत करवा कर सुधारने के लिए कहा गया। पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा विभाग, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, खाद्य और आपूर्ति, शिक्षा, नगर निगम, हरियाणा रोडवेज, पशु चिकित्सा की टीमों को भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समझाया गया।
राजेंद्र कुमार, एसडीएम