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Sirsa News: तपते रहे पर खेलते रहे, शिक्षा विभाग की दुर्व्यवस्था झेलते रहे

Wed, 05 Aug 2026 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 05 Aug 2026 11:37 PM IST
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mismanagement in sports competition
ये पकड़ा, अब नहीं जानें देगे। संवाद - फोटो : 1
- जिलास्तरीय खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को 40 डिग्री में नंगे पैर खेलना पड़ा कबड्डी और खो-खो
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कोच से लेकर रेफरी तक गर्मी से बचते रहे, पानी और छांव तक की व्यवस्था नहीं रही
फोटो -- 33 से 43

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहीद भगत सिंह स्टेडियम में बुधवार से जिलास्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया मगर शिक्षा विभाग व्यवस्था बनाने में विफल रहा। 40 डिग्री तापमान में कबड्डी और खो-खो के मुकाबले हुए। पानी का छिड़काव तक ग्राउंड में नहीं किया गया। तपती जमीन पर कबड्डी के अंडर-14 और अंडर-17 के मुकाबले हुए।
गर्मी इतनी ज्यादा था कि कोच से लेकर रेफरी तक साफे या कपड़े से सिर और मुंह ढके नजर आए। बार-बार खिलाड़ियों को पानी पिलाने की बात कहते हुए दिखे ताकि कोई खिलाड़ी डी हाईड्रेट होकर बीमार न हो जाए। वहीं, दूसरी टीमों की रणनीति देखने के लिए तपती धूप में बैठकर मुकाबले देखने को खिलाड़ी मजबूर रहे। शामियाने की व्यवस्था भी नहीं की गई ।
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महज पॉइंट व नंबर लिखने वाले निर्णायक मंडल के लिए एक शामियाना लगाया गया था। मैदान को सही तरह से साफ नहीं किया गया था। कांटों के कारण कई खिलाड़ी चोटिल हुए। कोच और संस्थाओं ने खेल विभाग और शिक्षा विभाग के आयोजनकर्ताओं को फोन किया मगर समाधान नहीं हुआ।
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उन्हें बताया कि महज 15 हजार रुपये का बजट दिया गया है। इतने पैसे में इसी प्रकार की व्यवस्था वह कर सकते हैं।
कोट्स
गर्मी बहुत ज्यादा है। पानी की पूरी व्यवस्था नहीं है। गर्मी में खेलने के बाद टीमों के बैठने के लिए भी प्रबंध नहीं है। खेल मैदान पहले तैयार नहीं किया गया। इस कारण चोटिल होने का खतरा है।
-सुखवीर कौर, खिलाड़ी।
तापमान बहुत ज्यादा है। पानी का पूरा प्रबंधन नहीं है। तपती धूप में मुकाबले की दूसरी टीमों का खेल देखना पड़ रहा है। इससे थकान बढ़ रही है। छाया का प्रबंधन नहीं है। मेडिकल सुविधा के तौर पर एंबुलेंस तक नहीं है।
-मनप्रीत, खिलाड़ी।
मैदान में कांटे हैं। कांटेदार घास भी उगी हुई है। एक या दो खिलाड़ियों को खेल के दौरान कांटे लगे हैं। गर्मी ज्यादा होने के कारण जमीन की तपिश बहुत है। नंगे पैर खेलना मुश्किल हो हो रहा है। पानी का छिड़काव भी नहीं किया गया है।
-वीरपाल, खिलाड़ी।
कोट्स
खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। 40 डिग्री तापमान में नंगे पैर कबड्डी और खो-खो के मुकाबले खेलने के लिए खिलाड़ी मजबूर हैं। यदि एक या दो पर्दे कबड्डी कोर्ट के आसपास लग जाते तो भी कुछ राहत मिल जाती। पानी की व्यवस्था शून्य है। कई खिलाड़ी खेल मैदान सही नहीं होने से चोटिल हो चुकी हैं। शिक्षा विभाग को बेहतर प्रबंध करना चाहिए था।
-राहुल झोरड़, कोच।
कोट्स
खेल मैदान सही तरीके से तैयार नहीं किए गए हैं। गर्मी बहुत ज्यादा है। खिलाड़ियों की ऊर्जा जल्दी खत्म होती है। पानी की व्यवस्था नहीं है। शामियाने तक बच्चों के खेल देखने के लिए तक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में दूसरी टीम कैसे खेलती है। यह तक खिलाड़ियों को 40 डिग्री में बैठकर देखना पड़ रहा है।

-कुलदीप बणी, सदस्य, उम्मीद क्लब बणी
कोट्स
इस संबंध में खेल आयोजित करवाने वाले अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए है। खिलाड़ियों के लिए गर्मी में पीने के पानी की व्यवस्था के साथ-साथ मेडिकल किट भी उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि गर्मी के मौसम में डी हाईड्रेशन जैसी समस्या का खिलाड़ियों को सामना न करना पड़े।
-सुभाष फुटेला, जिला शिक्षा अधिकारी।
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