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Sirsa News: वाल्मीकि चौक पर मीट-मछली बाजार की दुकानें बंद, दोबारा खुलीं तो होंगी सील
Wed, 28 Oct 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:25 AM IST
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बंद पड़ी मीट मार्केट की दुकानें। संवाद
हाईकोर्ट में एक दशक से चल रहे मामले में नगर परिषद की कार्रवाई, मीट मार्केट के दुकानदारों ने समेटा सामान
गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के पास बनी हुई थीं मीट-मछली की 38 दुकानें
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिसा। शहर के वाल्मीकि चौक पर चल रही मीट मार्केट व मछली बाजार की दुकानों को नगर परिषद ने बंद करवा दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर दुकानदारों को मंगलवार तक दुकानें बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
मंगलवार को दुकानदारों ने दुकानें बंद कर सामान समेटना शुरू कर दिया। दोपहर को नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक जयवीर सिंह अपनी टीम व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी दी कि यदि दोबारा यहां मीट की दुकानें खोली गईं तो उन्हें सील कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों ने दुकानदारों को बताया कि प्रशासन की ओर से मीट मार्केट के लिए वैकल्पिक जगह तलाश की जा रही है।
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इस मामले में नगर परिषद को 28 अक्तूबर को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। शहर के पटेल चौक और वाल्मीकि चौक क्षेत्र में 38 से अधिक दुकानें हैं। इनमें अकेले वाल्मीकि चौक पर करीब 18 दुकानें मीट व मछली बाजार से संबंधित हैं।
इन दुकानों के आसपास ऐतिहासिक महत्व का गुरुद्वारा चिल्ला साहिब स्थित है। गुरुद्वारा प्रबंधन धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए लंबे समय से इन दुकानों को बंद करवाने की मांग कर रहा है। यह मामला करीब एक दशक से हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
हाईकोर्ट ने नगर परिषद प्रशासन को दुकानों को बंद करवाकर 28 अक्तूबर 2026 तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। खास बात यह है कि अधिकतर दुकानदार नगर परिषद चेयरमैन के परिवार या रिश्तेदारी में हैं जो सालों यह काम कर रहे थे।
दुकानदारों के सामने कारोबार के लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था होने तक रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
मीट मार्केट के लिए कई बार बनी योजना, अब भी जगह की तलाश
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार मीट मार्केट को लेकर कभी हुडा सेक्टर 19 के आसपास तो कभी नटार रोड स्लॉटर के आसपास मार्केट विकसित करने की योजना बनाई गई थी जो कभी सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद भी निरंतर दुकानों के लिए जगह देखने का काम जारी रहा। मौजूदा समय में नगर परिषद अपनी जगह तलाश रहा है जहां पर मीट मार्केट विकसित किया जा सके।
दुकानों के लिए 21 नियम तय, पालन नहीं करने पर सील करने का था प्रावधान
मीट की दुकानों को लेकर विशेष आदेश शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 के आसपास जारी किए गए थे। इन आदेशों में दुकानदार को 21 नियमों का पालन करना था। इनमें दुकानों के आगे शीशे लगाने, खून व अन्य गंदगी न फैलने, मीट की कटिंग न करने, वेस्ट का निस्तारण करने, सीवरेज लाइन में खून व अन्य वेस्ट न डालने, एसी से लेकर सैनिटेशन की पूरी व्यवस्था आदि नियम लागू किए गए थे। इन नियमों का पालन न करने वालों की दुकानें सील करनी थीं।
शहर में 62 दुकानदारों के पास मीट बेचने के लाइसेंस
नगर परिषद के नियमानुसार कई दुकानदारों ने अपने लाइसेंस बनवाए हुए हैं। 62 दुकानदारों के पास मीट बेचने के लाइसेंस हैं। इसके अलावा भी शहर में 70 के आसपास दुकानदार बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मीट बेच रहे हैं।
दुकानदारों की मांग-मीट मार्केट के लिए जगह दे प्रशासन
दुकानदार रमेश भट्टी, प्रमोद भट्टी व सोनू भट्टी सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि वे सालों से वाल्मीकि चौक व पटेल चौक क्षेत्र में दुकानें चला रहे हैं। इन दुकानों से उनका परिवार चलता है। प्रशासन सालों से उन्हें मीट मार्केट के लिए जगह देने की बात कहता आया है। उनकी प्रशासन से मांग है कि मीट मार्केट को लेकर उन्हें जगह दें ताकि वे अपना व्यापार चला सकें।
कोट्स
हाईकोर्ट के आदेश पर नगर परिषद ने वाल्मीकि चौक के आसपास मीट मार्केट व मछली बाजार की दुकानें बंद करवा दी हैं। दुकानदार अपना सामान उठाकर ले गए हैं। उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर यहां मीट की दुकान खोली तो उसे सील कर दिया जाएगा।
-जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
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गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के पास बनी हुई थीं मीट-मछली की 38 दुकानें
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिसा। शहर के वाल्मीकि चौक पर चल रही मीट मार्केट व मछली बाजार की दुकानों को नगर परिषद ने बंद करवा दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर दुकानदारों को मंगलवार तक दुकानें बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
मंगलवार को दुकानदारों ने दुकानें बंद कर सामान समेटना शुरू कर दिया। दोपहर को नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक जयवीर सिंह अपनी टीम व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार के साथ मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी दी कि यदि दोबारा यहां मीट की दुकानें खोली गईं तो उन्हें सील कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों ने दुकानदारों को बताया कि प्रशासन की ओर से मीट मार्केट के लिए वैकल्पिक जगह तलाश की जा रही है।
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इस मामले में नगर परिषद को 28 अक्तूबर को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। शहर के पटेल चौक और वाल्मीकि चौक क्षेत्र में 38 से अधिक दुकानें हैं। इनमें अकेले वाल्मीकि चौक पर करीब 18 दुकानें मीट व मछली बाजार से संबंधित हैं।
इन दुकानों के आसपास ऐतिहासिक महत्व का गुरुद्वारा चिल्ला साहिब स्थित है। गुरुद्वारा प्रबंधन धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए लंबे समय से इन दुकानों को बंद करवाने की मांग कर रहा है। यह मामला करीब एक दशक से हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
हाईकोर्ट ने नगर परिषद प्रशासन को दुकानों को बंद करवाकर 28 अक्तूबर 2026 तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। खास बात यह है कि अधिकतर दुकानदार नगर परिषद चेयरमैन के परिवार या रिश्तेदारी में हैं जो सालों यह काम कर रहे थे।
दुकानदारों के सामने कारोबार के लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था होने तक रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
मीट मार्केट के लिए कई बार बनी योजना, अब भी जगह की तलाश
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार मीट मार्केट को लेकर कभी हुडा सेक्टर 19 के आसपास तो कभी नटार रोड स्लॉटर के आसपास मार्केट विकसित करने की योजना बनाई गई थी जो कभी सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद भी निरंतर दुकानों के लिए जगह देखने का काम जारी रहा। मौजूदा समय में नगर परिषद अपनी जगह तलाश रहा है जहां पर मीट मार्केट विकसित किया जा सके।
दुकानों के लिए 21 नियम तय, पालन नहीं करने पर सील करने का था प्रावधान
मीट की दुकानों को लेकर विशेष आदेश शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 के आसपास जारी किए गए थे। इन आदेशों में दुकानदार को 21 नियमों का पालन करना था। इनमें दुकानों के आगे शीशे लगाने, खून व अन्य गंदगी न फैलने, मीट की कटिंग न करने, वेस्ट का निस्तारण करने, सीवरेज लाइन में खून व अन्य वेस्ट न डालने, एसी से लेकर सैनिटेशन की पूरी व्यवस्था आदि नियम लागू किए गए थे। इन नियमों का पालन न करने वालों की दुकानें सील करनी थीं।
शहर में 62 दुकानदारों के पास मीट बेचने के लाइसेंस
नगर परिषद के नियमानुसार कई दुकानदारों ने अपने लाइसेंस बनवाए हुए हैं। 62 दुकानदारों के पास मीट बेचने के लाइसेंस हैं। इसके अलावा भी शहर में 70 के आसपास दुकानदार बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मीट बेच रहे हैं।
दुकानदारों की मांग-मीट मार्केट के लिए जगह दे प्रशासन
दुकानदार रमेश भट्टी, प्रमोद भट्टी व सोनू भट्टी सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि वे सालों से वाल्मीकि चौक व पटेल चौक क्षेत्र में दुकानें चला रहे हैं। इन दुकानों से उनका परिवार चलता है। प्रशासन सालों से उन्हें मीट मार्केट के लिए जगह देने की बात कहता आया है। उनकी प्रशासन से मांग है कि मीट मार्केट को लेकर उन्हें जगह दें ताकि वे अपना व्यापार चला सकें।
कोट्स
हाईकोर्ट के आदेश पर नगर परिषद ने वाल्मीकि चौक के आसपास मीट मार्केट व मछली बाजार की दुकानें बंद करवा दी हैं। दुकानदार अपना सामान उठाकर ले गए हैं। उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर यहां मीट की दुकान खोली तो उसे सील कर दिया जाएगा।
-जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।