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Sirsa News: ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
Wed, 28 Oct 2026 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:32 AM IST
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सिरसा। मुख्यमंत्री के ज्ञापन सौंपते हुए किसान संगठन के नेता। संगठन
फोटो - 04, 05
- बीकेई ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा मांगपत्र, लंबित मुआवजे सहित कृषि संबंधी समस्याएं उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने मंगलवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। संगठन ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र भेजा। इसमें ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की गई। किसानों की कई लंबित समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया गया।
बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख के नेतृत्व में यह मांगपत्र सौंपा गया। इसमें प्रभावित किसानों को 15 हजार रुपये के बजाय 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की गई। संगठन ने विशेष गिरदावरी करवाने और राहत राशि जल्द जारी करने को कहा।
औलख ने बताया कि जिले के भरोकां, दड़बी, बरूवाली, रानियां सहित कई गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। बीकेई ने उन किसानों को मुफ्त बीज और खाद किट देने की मांग की जिनकी लगातार दो फसलें खराब हुई हैं।
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संगठन ने रबी सीजन 2025-26 के दौरान बरूवाली और भरोकां में गेहूं, जौ, सरसों के नुकसान का मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाया। बीकेई के अनुसार प्रभावित किसानों को अभी तक राहत नहीं मिली है। संगठन ने नुकसान के आकलन और मुआवजा वितरण से जुड़ीं समस्याओं को दूर करने की मांग की।
अन्य कृषि संबंधी मुद्दे
बीकेई ने फसल पंजीकरण के सत्यापन में कथित गड़बड़ियों का मामला भी उठाया। संगठन ने कहा कि गलत मिलान से किसानों को परेशानी हो रही है। परमल धान की खरीद में नमी और निर्धारित खरीद सीमा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। खरीफ 2020 का लंबित मुआवजा जारी करने की मांग भी रखी गई। इसमें गोरीवाला, डबवाली, कालांवाली और सिरसा तहसीलों के किसानों का मामला शामिल है।
लंबित मुआवजे और बुनियादी सुविधाएं
संगठन ने रबी 2025-26 में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को भी जल्द मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही नहरों में दो सप्ताह पानी और एक सप्ताह बंदी का पुराना शेड्यूल बहाल करने को कहा गया। यह किसानों के लिए सिंचाई की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। बीकेई ने सिरसा में उपनिदेशक कृषि (डीडीए) का पद स्थायी रूप से भरने की मांग भी रखी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
विशेष फसल नुकसान के मामले
बीकेई ने सदेवाला गांव में गलत कीटनाशक के इस्तेमाल से 31 एकड़ कपास की फसल खराब होने का मामला उठाया। संगठन ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। फग्गू गांव में जेके एग्री जेनेटिक्स के धान बीज जेके-2154 को लेकर भी शिकायत की गई। बीकेई के अनुसार इस बीज से बोई गई फसल में बालियां नहीं आई थीं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। संगठन ने इन प्रभावित किसानों को भी मुआवजा देने की मांग की।
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- बीकेई ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा मांगपत्र, लंबित मुआवजे सहित कृषि संबंधी समस्याएं उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने मंगलवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। संगठन ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र भेजा। इसमें ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग की गई। किसानों की कई लंबित समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया गया।
बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख के नेतृत्व में यह मांगपत्र सौंपा गया। इसमें प्रभावित किसानों को 15 हजार रुपये के बजाय 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की गई। संगठन ने विशेष गिरदावरी करवाने और राहत राशि जल्द जारी करने को कहा।
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औलख ने बताया कि जिले के भरोकां, दड़बी, बरूवाली, रानियां सहित कई गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। बीकेई ने उन किसानों को मुफ्त बीज और खाद किट देने की मांग की जिनकी लगातार दो फसलें खराब हुई हैं।
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संगठन ने रबी सीजन 2025-26 के दौरान बरूवाली और भरोकां में गेहूं, जौ, सरसों के नुकसान का मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाया। बीकेई के अनुसार प्रभावित किसानों को अभी तक राहत नहीं मिली है। संगठन ने नुकसान के आकलन और मुआवजा वितरण से जुड़ीं समस्याओं को दूर करने की मांग की।
अन्य कृषि संबंधी मुद्दे
बीकेई ने फसल पंजीकरण के सत्यापन में कथित गड़बड़ियों का मामला भी उठाया। संगठन ने कहा कि गलत मिलान से किसानों को परेशानी हो रही है। परमल धान की खरीद में नमी और निर्धारित खरीद सीमा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। खरीफ 2020 का लंबित मुआवजा जारी करने की मांग भी रखी गई। इसमें गोरीवाला, डबवाली, कालांवाली और सिरसा तहसीलों के किसानों का मामला शामिल है।
लंबित मुआवजे और बुनियादी सुविधाएं
संगठन ने रबी 2025-26 में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को भी जल्द मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही नहरों में दो सप्ताह पानी और एक सप्ताह बंदी का पुराना शेड्यूल बहाल करने को कहा गया। यह किसानों के लिए सिंचाई की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। बीकेई ने सिरसा में उपनिदेशक कृषि (डीडीए) का पद स्थायी रूप से भरने की मांग भी रखी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
विशेष फसल नुकसान के मामले
बीकेई ने सदेवाला गांव में गलत कीटनाशक के इस्तेमाल से 31 एकड़ कपास की फसल खराब होने का मामला उठाया। संगठन ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। फग्गू गांव में जेके एग्री जेनेटिक्स के धान बीज जेके-2154 को लेकर भी शिकायत की गई। बीकेई के अनुसार इस बीज से बोई गई फसल में बालियां नहीं आई थीं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। संगठन ने इन प्रभावित किसानों को भी मुआवजा देने की मांग की।