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Sirsa News: 10 दिन पहले पार्टी में शामिल मास्टर गुरतेज सिंह कालांवाली से इनेलो के प्रत्याशी

Mon, 02 Sep 2024 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 02 Sep 2024 01:02 AM IST
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Master Gurtej Singh, who joined the party 10 days ago, is the INLD candidate from Kalanwali
संवाद न्यूज एजेंसी
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कालांवाली। 10 दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए मास्टर गुरतेज सिंह सुखचैन को इंडियन नेशनल लोकदल ने कालांवाली से चुनावी मैदान में उतारा है। राजनीतिक तौर पर उनका परिवार शुरुआत से ही इनेलो से जुड़ा हुआ है, लेकिन 2014 में इनेलो की ओर से उनके पिता के स्थान पर बलकौर सिंह को टिकट देने से नाराज गुरतेज सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी।
मास्टर गुरतेज सिंह का जन्म 2 अगस्त 1967 को गांव सुखचैन में हुआ। वे छह भाई बहन हैं। 13 जनवरी 1994 को उन्होंने जेबीटी टीचर के पद ज्वाइन किया। अपने शिक्षक के कार्यकाल के दौरान गांव सुखचैन, सुबाखेड़ा, जोहड़रोही में अपनी सेवा दी। सेवानिवृत से 13 माह पहले मास्टर गुरतेज सिंह ने 31 जुलाई 2024 को हैड टीचर के पद से सेवानिवृत्त ली थी।
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पिता की जगह बलकौर सिंह को टिकट मिलने पर छोड़ी थी पार्टी
मास्टर गुरतेज सिंह के पिता बुध सिंह आईटीआई से असिस्टेंट पद से 2003 में सेवानिवृत हुए थे। वे 2006 से 20016 तक जिला पार्षद रहे। 2014 में इनेलो ने बुध सिंह को कालांवाली से टिकट देने की घोषणा की। अकाली दल से गठबंधन होने के कारण इनेलो को बलकौर सिंह को टिकट देनी पड़ी। इससे मास्टर गुरतेज सिंह सुखचैन नाराज हो गए थे और पार्टी छोड़ दी थी।
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रानियां सीट से अभय सिंह के बेटे अर्जुन लड़ेंगे चुनाव, पार्टी ने की घोषणा

सिरसा इनेलो ने रविवार को अपने प्रत्याशियों की घोषणा की। रविवार को अधिकारिक तौर पर पार्टी ने अर्जुन चौटाला को रानियां से टिकट देने की घोषणा की है। 27 वर्षीय अर्जुन चौटाला इनेलो की यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला के छोटे बेटे हैं।
अर्जुन चौटाला का जन्म 3 अगस्त 1992 को हुआ था। तीसरी कक्षा से छठी कक्षा तक वे देहरादून, 7वीं से 12वीं तक शिमला के बिशप कॉटन स्कूल में पढ़े। इसके बाद उन्होंने यूएस के लॉस एंजेल्स में दाखिला लिया। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को जेल हो गई। दादा के जेल जाने की वजह से वह पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत आ गए। यहां उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी के नोएडा कैंपस में एलएलबी में दाखिला लिया। यहां भी तीसरे सेमेस्टर के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। पहली बार वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में कुरुक्षेत्र सीट से अर्जुन चौटाला ने राजनीति में कदम रखा था। भले ही उन्हें वहां पर हार का सामना करना पड़ा पर राजनीतिक तौर पर वह मजबूत होकर निकले। अब ऐसे आसार बने रहे हैं कि रानियां सीट से अर्जुन चौटाला एक मजबूत दावेदार के तौर पर अपने दादा चौधरी रणजीत सिंह के सामने खड़े हैं।

अर्जुन चौटाला का जन्म 3 अगस्त 1992 को हुआ था। तीसरी कक्षा से छठी कक्षा तक वे देहरादून, 7वीं से 12वीं तक शिमला के बिशप कॉटन स्कूल में पढ़े। इसके बाद उन्होंने यूएस के लॉस एंजेल्स में दाखिला लिया। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को जेल हो गई। दादा के जेल जाने की वजह से वह पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत आ गए। यहां उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी के नोएडा कैंपस में एलएलबी में दाखिला लिया। यहां भी तीसरे सेमेस्टर के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। पहली बार वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में कुरुक्षेत्र सीट से अर्जुन चौटाला ने राजनीति में कदम रखा था। भले ही उन्हें वहां पर हार का सामना करना पड़ा पर राजनीतिक तौर पर वह मजबूत होकर निकले। अब ऐसे आसार बने रहे हैं कि रानियां सीट से अर्जुन चौटाला एक मजबूत दावेदार के तौर पर अपने दादा चौधरी रणजीत सिंह के सामने खड़े हैं।
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