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गोदामों में गेहूं की सीधी खरीद को लेकर मंडी मजदूरों ने किया हंगामा, गोदाम का गेट खुलवाने पर अड़े रहे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2022 11:51 PM IST
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Mandi workers created a ruckus regarding direct purchase of wheat in warehouses, remained adamant on opening the gate of the warehouse
सिरसा मजदूरों को समझाते हुए आढ़ती एसोसिएशन प्रधान मनोहर लाल मेहता। - फोटो : Sirsa
सिरसा। गेहूं की सीधी खरीद को लेकर मंडी मजदूरों ने हंगामा कर दिया और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। मामले की सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी सचिव व आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मौके पर पहुंचकर मजदूरों को समझाने का प्रयास किया। परंतु प्रदर्शनकारी गेहूं की सीधी खरीद और खाली भरी प्रक्रिया बंद करने पर अड़े रहे।
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शुक्रवार को नागरिक अस्पताल बाईपास स्थित एक गोदाम के बाहर मंडी मजदूर एकत्रित हो गए तथा गोदाम का गेट खुलवाने की मांग करे हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। मजदूरों का आरोप है कि आढ़ती खरीददारों से मिलकर गेहूं की ट्रॉलियां सीधी गोदामों में भेज रहे हैं। जिनका मार्केट कमेेटी में भी कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने मार्केट कमेटी अधिकारियों पर भी सूचना मिलने के बाद भी समय न पहुंचने का आरोप लगाया। इस दौरान करीब घंटा भर चले हंगामे के बाद मार्केट कमेटी सचिव विरेंद्र मेहता व आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनोहर लाल मेहता मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मजदूर गेहूं की ट्रॉली खाली भरी को बंद किए जाने की मांग पर अड़े रहे। इसके पश्चात कमेटी सचिव व प्रधान ने समस्या का हल करने का आश्वासन देते सभी मजदूरों को जनता भवन स्थित आढ़ती एसोसिएशन कार्यालय में बुलाया।
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आढ़ती व मजदूरों के बीच हुई बैठक में नहीं बनी कोई सहमति
जनता भवन स्थित ऐसोसिएशन कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान मजदूरों व आढ़तियों के बीच काफी गर्मागर्मी हुई। इस दौरान एसोसिएशन प्रधान मनोहरलाल मेहता ने मजदूरों की मांग को सही बताया तो वहीं उनसे सुझाव रखने को कहा गया। जिसमें मजदूरों ने कहा कि खाली भरी प्रक्रिया बंद होनी चाहिए या फिर हमें प्रति क्विंटल के हिसाब से 25 रुपये मजदूरी दी जाए। लेकिन आढ़तियों का पक्ष 10 रुपये देने पर था, लेकिन मजदूर इस पर सहमत नहीं हुए।
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किसान की इच्छा सरकारी खरीद की बजाय निजी खरीद में अधिक है। क्योंकि इस दौरान किसान का समय बचता है तो वहीं साफ गेहूं होने की वजह से पंखा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। ट्रॉली को खाली करने के तुरंत बाद लौट दिया जाता है। जिसके चलते किसान निजी खरीदारों को गेहूं बेचने के इच्छुक रहता है।

-दीपक अग्रवाल, सचिव आढ़ती एसोसिएशन
आढ़तियों को सख्त हिदायत दी गई है कि टोकन कटवाने के बाद गेहूं का तौल मंडी में ही किया जाए। अगर इसके बावजूद कहीं गड़बड़ी होगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं मजदूरों को बोल दिया गया है कि कहीं सीधी खरीद का मामला आता है तो वे इसकी तुरंत सूचना दें। शुक्रवार को जिस गोदाम में गेहूं बिना टोकन कटवाए जाने का आरोप था वो बेबुनियाद पाया गया। किसान के पास आढ़ती की ओर से काटा गया ई-फार्म था।
-वीरेंद्र मेहता, सचिव मार्केट कमेटी सिरसा।

सिरसा गेहूं की सीधी खरीद को लेकर गोदाम के बाहर विरोध जताते मंडी मजदूर।

सिरसा गेहूं की सीधी खरीद को लेकर गोदाम के बाहर विरोध जताते मंडी मजदूर।- फोटो : Sirsa

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