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Sirsa News: प्रिंसिपल के बेटे से 1.27 लाख रुपये ठगने के आरोपी को मिली जमानत
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सिरसा। प्रिंसिपल के बेटे से 1.27 लाख रुपये की साइबर ठगी के आरोपी गांव देरवाला जिला झुंझुनू राजस्थान निवासी रिंपी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। आरोपी ने 14 नवंबर को जमानत याचिका दायर की थी। इस मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 18 जून 2025 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस को दी शिकायत में एफ ब्लॉक सिरसा निवासी संजीव कालरा ने बताया था कि वह राजेंद्र इंस्टीट्यूट सिरसा में प्रिंसिपल के पद पर काम करता है। 11 अप्रैल 2025 को उसके बेटे एरिन कालरा को टेलीग्राम पर नेहा श्रीवास्तव नाम के एक टेलीग्राम अकाउंट से एक मैसेज मिला, जिसमें कहा गया था कि वह टास्क पूरा करके पैसे कमा सकता है।
जब उसके बेटे ने उससे टास्क के बारे में पूछा, तो उसे टास्क ट्रैकर अपडेट नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। फिर उसने उस ग्रुप में एक यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के बारे में एक टास्क शेयर किया। 12 अप्रैल 2025 को उसके बेटे ने उनके बताए अनुसार तीन टास्क पूरे किए। इसके बाद उसका बेटा उनके बैंक अकाउंट में पेमेंट भेजता रहा।
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एरिन कालरा के बैंक अकाउंट में पैसे खत्म हो गए तो उसने अपने दोस्त रमन के अकाउंट से रुपये भेजे। एक लाख 27 हजार 400 रुपये भेजने के बाद आरोपियों ने कहा कि दो लाख 36 हजार रुपये और भेजने होंगे। संजीव कालरा ने पुलिस को बताया कि बेटे से सारी बात जानने के बाद उसे अहसास हुआ कि उसके बेटे के साथ धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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पुलिस को दी शिकायत में एफ ब्लॉक सिरसा निवासी संजीव कालरा ने बताया था कि वह राजेंद्र इंस्टीट्यूट सिरसा में प्रिंसिपल के पद पर काम करता है। 11 अप्रैल 2025 को उसके बेटे एरिन कालरा को टेलीग्राम पर नेहा श्रीवास्तव नाम के एक टेलीग्राम अकाउंट से एक मैसेज मिला, जिसमें कहा गया था कि वह टास्क पूरा करके पैसे कमा सकता है।
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जब उसके बेटे ने उससे टास्क के बारे में पूछा, तो उसे टास्क ट्रैकर अपडेट नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। फिर उसने उस ग्रुप में एक यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के बारे में एक टास्क शेयर किया। 12 अप्रैल 2025 को उसके बेटे ने उनके बताए अनुसार तीन टास्क पूरे किए। इसके बाद उसका बेटा उनके बैंक अकाउंट में पेमेंट भेजता रहा।
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एरिन कालरा के बैंक अकाउंट में पैसे खत्म हो गए तो उसने अपने दोस्त रमन के अकाउंट से रुपये भेजे। एक लाख 27 हजार 400 रुपये भेजने के बाद आरोपियों ने कहा कि दो लाख 36 हजार रुपये और भेजने होंगे। संजीव कालरा ने पुलिस को बताया कि बेटे से सारी बात जानने के बाद उसे अहसास हुआ कि उसके बेटे के साथ धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।