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Sirsa News: जिले में चार साल से मलेरिया पर लगी लगाम, 30 मरीज ही मिले, इस साल अब तक एक भी पीड़ित नहीं मिला
Thu, 25 Apr 2024 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 25 Apr 2024 01:42 AM IST
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गंबूजिया मछली डालते कर्मचारी।
सिरसा। जिले में स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों व लोगों की जागरुकता के चलते बीते चार सालों में मलेरिया का ग्राफ गिरा है। बीते चार सालों में 30 लोग मलेरिया की चपेट में आए हैं। इस साल अब तक जिले में एक भी मलेरिया का मरीज नहीं आया है। सर्वे के दौरान जिले के 20 स्थानों को हाई रिस्क पर रखा गया है। गर्मी की शुुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आज विश्व मलेरिया दिवस दिवस है। वर्ष 2024 में विश्व मलेरिया दिवस की थीम अधिक न्यायसंगत विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाना है। बारिश का सीजन आने से पहले ही विभाग ने जागरुकता अभियान के साथ ही जिले के 407 तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ दी हैं। जिले भर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 55 टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। नागरिक अस्पताल में मलेरिया पीड़ितों के लिए 60 बिस्तर अलग से रखे गए हैं। संवाद
ये स्थान हाई रिस्क पर
नाथ मोहल्ला, भाट मोहल्ला व जेजे कॉलोनी, शमशाबाद पट्टी, ढाणी तेजा सिंह, सिकलीगर मोहल्ला, चतरगढ़पट्टी, प्रेम नगर, शक्ति नगर, कीर्ति नगर, चंडीगढ़ मोहल्ला, मेला ग्राउंड, गिद कॉलोनी, सुभाष बस्ती, महावीर कॉलोनी, थेहड़ मोहल्ला, पीर बस्ती, कुचिया मोहल्ला, गोशाला मोहल्ला, संजय कॉलोनी, एकता बस्ती, चांद मारी ढाणी, बाजीगर बस्ती, रेगर मोहल्ला क्षेत्र।
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मलेरिया को लेकर बीते चार वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष, मरीज, नोटिस, स्लाइड
2020, 8, 1900, 1 लाख 20 हजार
2021, 8, 3268, 1 लाख 86 हजार 774
2022, 7, 1830, 1 लाख 71 हजार 77
2023, 7, 1800, 31000
जिले में स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी
मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की कमी है। जिले में 165 एमपीएचडब्ल्यू के पद हैं। इसमें से सिर्फ 56 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। शेष पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके चलते अन्य कर्मचारियों पर अधिक कार्यभार है। हालांकि विभाग की ओर से कुछ कामों में आशा वर्कर्स व एएनएम कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाता है।
ये हैं मलेरिया के लक्षण
. सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार
. सिर दर्द व उल्टियां
. बुखार उतरते समय ज्यादा पसीने आना
ये हैं बचाव के उपाय
-- -सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाएं। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौदी को खाली करें तथा सूखाकर ही पानी भरे।
-- -पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखे। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल तथा अन्य बर्तनों को हटा दे, ताकि बारिश का पानी जमा न हो सके।
-- -अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दे, गड्ढों में मिट्टी भर दे। यदि यह संभव न हो तो जमा पानी में काला तेल डाल दे।
-- -घर से बाहर घूमने जाए तो पूरी बाजू के कपड़े पहने।
-- -सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे।
गांवों व शहरी क्षेत्राें में मच्छरों से बचाव के लिए तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं। वहीं पीएचसी व सीएचसी के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। अगर किसी व्यक्ति को बुखार हो जाता है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला नागरिक अस्पताल में जांच करवाएं।
-डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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आज विश्व मलेरिया दिवस दिवस है। वर्ष 2024 में विश्व मलेरिया दिवस की थीम अधिक न्यायसंगत विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाना है। बारिश का सीजन आने से पहले ही विभाग ने जागरुकता अभियान के साथ ही जिले के 407 तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ दी हैं। जिले भर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 55 टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। नागरिक अस्पताल में मलेरिया पीड़ितों के लिए 60 बिस्तर अलग से रखे गए हैं। संवाद
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ये स्थान हाई रिस्क पर
नाथ मोहल्ला, भाट मोहल्ला व जेजे कॉलोनी, शमशाबाद पट्टी, ढाणी तेजा सिंह, सिकलीगर मोहल्ला, चतरगढ़पट्टी, प्रेम नगर, शक्ति नगर, कीर्ति नगर, चंडीगढ़ मोहल्ला, मेला ग्राउंड, गिद कॉलोनी, सुभाष बस्ती, महावीर कॉलोनी, थेहड़ मोहल्ला, पीर बस्ती, कुचिया मोहल्ला, गोशाला मोहल्ला, संजय कॉलोनी, एकता बस्ती, चांद मारी ढाणी, बाजीगर बस्ती, रेगर मोहल्ला क्षेत्र।
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मलेरिया को लेकर बीते चार वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष, मरीज, नोटिस, स्लाइड
2020, 8, 1900, 1 लाख 20 हजार
2021, 8, 3268, 1 लाख 86 हजार 774
2022, 7, 1830, 1 लाख 71 हजार 77
2023, 7, 1800, 31000
जिले में स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी
मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की कमी है। जिले में 165 एमपीएचडब्ल्यू के पद हैं। इसमें से सिर्फ 56 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। शेष पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके चलते अन्य कर्मचारियों पर अधिक कार्यभार है। हालांकि विभाग की ओर से कुछ कामों में आशा वर्कर्स व एएनएम कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाता है।
ये हैं मलेरिया के लक्षण
. सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार
. सिर दर्द व उल्टियां
. बुखार उतरते समय ज्यादा पसीने आना
ये हैं बचाव के उपाय
गांवों व शहरी क्षेत्राें में मच्छरों से बचाव के लिए तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं। वहीं पीएचसी व सीएचसी के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। अगर किसी व्यक्ति को बुखार हो जाता है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला नागरिक अस्पताल में जांच करवाएं।
-डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी, नागरिक अस्पताल सिरसा।