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Sirsa News: महात्मा विरेंद्र ने डेरा जगमालवाली का निरीक्षण किया, जांची व्यवस्थाएं
Sun, 11 Aug 2024 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:54 AM IST
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डेरा जगमालवाली का दौरा करते महात्मा विरेंद्र।
कालांवाली(सिरसा)। महात्मा विरेंद्र ढिल्लो ने डेरा मस्ताना शाह बिलोचिस्तानी आश्रम जगमालवाली की जिम्मेदारी संभाल ली है। शनिवार को उन्होंने डेरे की गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने डेरा का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं। अभी दूसरा पक्ष इस मामले में सामने नहीं आ रहा है। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से डेरे में करीब 700 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
महात्मा विरेंद्र ढिल्लो ने सर्वप्रथम डेरा जगमालवाली के क्वार्टर में कई सालों से सेवा कर रहे ब्रह्मचारी सेवादारों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने लंगर हाल में जाकर संगत के लिए बनने वाले लंगर की व्यवस्था देखी। डेरे में ही बनी डेयरी में जाकर पशुओं को हरा-चारा डाला। इसके बाद डेरे में गेहूं की सफाई कर रहे सेवादारों से मिले और उनका कुशल मंगल जाना। हालांकि कुछ ज्यादा संगत महात्मा विरेंद्र ढिल्लो से मिलने नहीं पहुंची।
बाबा जी की समाधि पर टेका माथा
डेरे के निरीक्षण के दौरान महात्मा विरेंद्र ढिल्लो ने डेरे में बनाई गई संत बहादुर चंद वकील साहिब की समाधि पर माथा टेका। इसके बाद डेरे के सामने बनी कॉलोनी में पहुंचे और लोगों से मुलाकात की। इसके बाद डेरे में बनी कैंटीन के सेवादारों से मुलाकात की।
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शुक्रवार को पगड़ी पहनाकर सौंपी गई थी जिम्मेदारी
संत बहादुर चंद वकील साहिब के एक अगस्त को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में चोला छोड़ने के लगभग आठ दिन बाद शुक्रवार शाम आठ बजे महात्मा विरेंद्र ढिल्लो को पगड़ी पहनाकर उत्तराधिकारी बनाया गया है। इस दौरान डेरा कमेटी ने यह भी फैसला लिया कि गुरु गद्दी को ज्यादा समय के लिए खाली नहीं छोड़ा जा सकता। इसलिए महाराज के आदेश का पालन किया गया है। जब तक विवाद थम नहीं जाता, तब तक महात्मा न तो सत्संग करेंगे, न ही नामदान देंगे और न ही संत वकील साहब की गद्दी पर बैठेंगे।
भारी संख्या में तैनात रहा पुलिस बल
डेरा जगमालवाली में गद्दी का विवाद शुरू होने के बाद से भारी पुलिस बल तैनात है। करीब 700 पुलिस कर्मचारियों को यहां पर तैनात किया गया है और कालांवाली के डीएसपी राजीव यहां पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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महात्मा विरेंद्र ढिल्लो ने सर्वप्रथम डेरा जगमालवाली के क्वार्टर में कई सालों से सेवा कर रहे ब्रह्मचारी सेवादारों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने लंगर हाल में जाकर संगत के लिए बनने वाले लंगर की व्यवस्था देखी। डेरे में ही बनी डेयरी में जाकर पशुओं को हरा-चारा डाला। इसके बाद डेरे में गेहूं की सफाई कर रहे सेवादारों से मिले और उनका कुशल मंगल जाना। हालांकि कुछ ज्यादा संगत महात्मा विरेंद्र ढिल्लो से मिलने नहीं पहुंची।
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बाबा जी की समाधि पर टेका माथा
डेरे के निरीक्षण के दौरान महात्मा विरेंद्र ढिल्लो ने डेरे में बनाई गई संत बहादुर चंद वकील साहिब की समाधि पर माथा टेका। इसके बाद डेरे के सामने बनी कॉलोनी में पहुंचे और लोगों से मुलाकात की। इसके बाद डेरे में बनी कैंटीन के सेवादारों से मुलाकात की।
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शुक्रवार को पगड़ी पहनाकर सौंपी गई थी जिम्मेदारी
संत बहादुर चंद वकील साहिब के एक अगस्त को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में चोला छोड़ने के लगभग आठ दिन बाद शुक्रवार शाम आठ बजे महात्मा विरेंद्र ढिल्लो को पगड़ी पहनाकर उत्तराधिकारी बनाया गया है। इस दौरान डेरा कमेटी ने यह भी फैसला लिया कि गुरु गद्दी को ज्यादा समय के लिए खाली नहीं छोड़ा जा सकता। इसलिए महाराज के आदेश का पालन किया गया है। जब तक विवाद थम नहीं जाता, तब तक महात्मा न तो सत्संग करेंगे, न ही नामदान देंगे और न ही संत वकील साहब की गद्दी पर बैठेंगे।
भारी संख्या में तैनात रहा पुलिस बल
डेरा जगमालवाली में गद्दी का विवाद शुरू होने के बाद से भारी पुलिस बल तैनात है। करीब 700 पुलिस कर्मचारियों को यहां पर तैनात किया गया है और कालांवाली के डीएसपी राजीव यहां पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।