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Sirsa News: नर्सिंग की नई पौध तैयार कर रही मधु बिश्नोई, हर वर्ष 50 छात्राओं को देती हैं ट्रेनिंग

Thu, 11 May 2023 09:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 11 May 2023 09:35 PM IST
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Madhu Bishnoi preparing new nursing plant, gives training to 50 girl students every year
नर्सिंग की छात्राओें को ट्रेनिंग देती मधु बिश्नोई।
सिरसा। एकतरफ बीमार की देखभाल करना, दूसरी तरफ खुद को और परिवार को संक्रमण से बचाना, चुनौतियां आसान नहीं हैं। इन्हीं में सामन्जस्य बैठाने का काम करती हैं नर्स। पिछले 14 वर्षों से मधु बिश्नोई ऐसी नर्सें तैयार कर रही हैं जो न केवल अपने फील्ड की माहिर बन चुकी है, बल्कि बीमारों की तिमारदारी कर उन्हें दवाओं के साथ-साथ हौसला भी देती हैं। मधु बिश्नोई हर वर्ष 50 से ज्यादा छात्राओं को नर्सिंग का कोर्स करवाती हैं।
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शहर के लॉर्ड शिवा कॉलेज स्थित नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल मधु बिश्नोई ने मेडिकल की पढ़ाई करते हुए उन्होंने नर्सिंग के फील्ड को चुना। मधु बिश्नोई कहती हैं कि मरीज को इलाज के साथ-साथ हौसले की जरूरत होती है। नर्स मरीजों की देखभाल के साथ-साथ हौसला भी देती है।
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कोरोना काल सभी ने देखा और झेला है। इस दौरान सभी तरह के काम ठप हो गए। आमजन के रोजगार का संकट आया। स्वास्थ्य का क्षेत्र ऐसा रहा, जिसने लोगों की सहायता की। इसलिए कोरोना के बाद नर्सिंग का रुझान भी बढ़ा है। पहले से ज्यादा छात्राएं अब नर्सिंग के फील्ड में आ रही हैं। मधु बिश्नोई बताती हैं कि नर्सिंग के फील्ड में यही सिखाया जाता है कि बीमारों की सेवा के साथ उन्हें हौसला कैसे दिया जाए। मनोबल बढ़ाना जरूरी है। दवाओं से ज्यादा हौसला काम करता है।
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पुरुषों की भी नर्सिंग के कॅरिअर में एंट्री, लेकिन चुनौतियां बरकरार
अब सरकार ने भी मंजूरी दे दी है कि पुरुष भी नर्स (नर्सिंग ऑफिसर) बन सकते हैं। कोर्स में पुरुषों को भी दाखिला मिलने लगा है और सरकार ने पुरुष नर्स भर्ती भी किए हैं। उनके सामने भी चुनौतियां अनेक हैं। नर्सिंग का कार्य क्षेत्र काफी फैला हुआ है, लेकिन गायनी जैसे विभाग में पुरुष नर्स को काम करने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पढ़ाई के दौरान डिलिवरी तक करवाए जाने का प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन ड्यूटी के दौरान अकसर गर्भवती या उनके परिजनों द्वारा विरोध करने पर उनकी ड्यूटी नहीं लग पाती। इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू वार्ड के अलावा अन्य सामान्य वार्डों में पुरुष नर्स कामकाज आसानी से देख रहे हैं। वर्ष 2018 में भर्ती हुए मनदीप सिंह बताते हैं कि नर्सिंग का क्षेत्र बहुत बेहतरीन है और सेवा का माध्यम है। वे कहते हैं कि चुनौतियां हर क्षेत्र हैं इसलिए घबराना नहीं चाहिए और अपना काम ईमानदारी से करते रहना चाहिए।
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