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मुख्यमंत्री जी मुझे मेरा कलेजे का टुकड़ा दिलवा दो
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Wed, 28 Jan 2015 11:34 PM IST
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सामान्य अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले का खामियाजा पिछले चार माह से एक मां को भुगतना पड़ रहा है।
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पीड़िता ने अक्टूबर 2014 को सिरसा के सिविल अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया था, लेकिन एक गर्भवती महिला ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे लड़की नहीं पुत्र की प्राप्ति हुई थी और उसका बच्चा बदल दिया गया।
इसके बाद सच्चाई सामने लाने के लिए प्रशासन ने नवजात बच्चों व उनकी माताओं के रक्त का सैंपल लिया और डीएनए जांच के लिए मधुबन लैब में भिजवा दिया।
पीड़ित मां को प्रशासन डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही सौंपेगा लेकिन रिपोर्ट नहीं आने से मां अंजली का बुरा हाल है।
करीवाला निवासी अंजली देवी के पति लक्षमण ने सीएम को लिखे पत्र में बताया है कि वह मजदूरी करता है। उसने पुलिस अधीक्षक से मिलकर डीएनए रिपोर्ट जल्द मंगवा कर फैसला करने की गुहार लगाई थी।
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एसपी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया जिस कारण उसका नवराज बच्चा अस्पताल की नर्सरी में है। हर रोज उन्हें अस्पताल आना पड़ता है क्योंकि प्रशासन डीएनए रिपोर्ट के बिना उनका बच्चा नहीं छोड़ सकता।
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उन्हें अपने नवजात बच्चे से वंचित हुए चार माह हो चुके हैं। पीड़ित मां अंजलि और पिता लक्ष्मण ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्ती से इस मामले को निपटाने का आदेश दिया जाए ताकि उनका बच्चा उन्हें मिल सके।
डीएनए रिपोर्ट आने में इतना समय क्यों लग रहा है इसकी जांच करवाई जाए।