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Sirsa News: जेआरएफ छात्रों ने कहा- यूनिवर्सिटी को नहीं दिया लीगल नोटिस, प्रशासन ने बैठाई जांच

Sat, 25 Nov 2023 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 25 Nov 2023 10:33 PM IST
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JRF students said - University was not given legal notice, administration set up investigation
चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा।
सिरसा।
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चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन विभाग में पीएचडी करने को लेकर दो जेआरएफ छात्रों ने छह माह पहले आवेदन किया था। लेकिन किन्हीं कारणों से उनका एडमिशन नहीं हो पाया। ऐसे में बीते दिनों छात्रों के नाम से विवि प्रशासन को लीगल नोटिस भेज दिया गया। विवि प्रशासन ने छात्रों से संपर्क किया तो उन्होंने मेल व लिखित में विवि प्रशासन को पत्र भेजा कि उन्होंने कोई एडमिशन को लेकर लीगल नोटिस नहीं भेजा है।
छात्रों से जवाब मिलने के बाद विवि प्रशासन ने इस मामले में विवि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है कि छात्रों के नाम से लीगल नोटिस किन लोगों द्वारा भेजा गया है। इस मामले में विवि प्रशासन ने लीगल सेल से राय मांगी, ताकि ठोस कार्रवाई अमल में लाई जा सके। जिससे कोई ओर भविष्य में यूनिवर्सिटी को छात्रों के नाम से बदनाम करने का काम न करें।
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यह है मामला
विवि के मास कम्युनिकेशन विभाग में पीएचडी करने के लिए नरवाना व जींद के दो जेआरएफ छात्रों ने आवेदन किया था। 6 माह पहले आवेदन किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से विवि प्रशासन आवेदन नहीं कर पाया। जबकि विवि प्रशासन ने दोनों छात्रों को एडमिशन देने की प्रक्रिया को जारी रखे हुए था ताकि उन्हें पीएचडी करवाई जा सके। जबकि कुछ दिन पहले विवि प्रशासन को सिरसा के एक एडवोकेट के हवाल से लीगल नोटिस प्राप्त हुआ और यह लीगल नोटिस दोनों छात्रों के नाम से विवि को भेजा गया। इस पर संबंधित विभाग के चेयरमैन की ओर से संपर्क किया तो छात्रों ने ऐसा कोई भी नोटिस उनके द्वारा भेजे जाने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, दोनों छात्रों ने मेल व पत्र के माध्यम से विवि प्रशासन को बताया कि उनकी ओर से कोई लीगल नोटिस नहीं भेजा गया है। एक छात्र ने कहा कि वह पीएचडी में एडमिशन नहीं लेना चाहता है, ऐसे में उसने कोई लीगल नोटिस नहीं भेजा है। ---
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दोनों छात्रों ने मुझे से संपर्क किया था और छात्राें के कहने पर ही मैंने लीगल नोटिस विवि को भेजा है। अब उनका कहना है कि उन्होंने नहीं भिजवाया है तो वह कोई दबाव में कह रहे होंगे या अन्य कारण हो सकते है। उनके लिखित में देने के बाद कोई लीगल नोटिस का औचित्य नहीं रहता है।
परमिंद्र , अधिवक्ता

पीएचडी मामले में लीगल सेल से राय ली गई और इस मामले की जांच करवाई जा रही है।
आरके बंसल, रजिस्ट्रार।
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