बदलाव: सिरसा जिला जेल में शुरू होगा जेल रेडियो, 6 बंदी बनेंगे रेडियो जॉकी
- हरियाणा में कुल 19 जेल हैं, जिनमें 3 जेलों में रेडियो पहले ही लाया जा चुका है।
विस्तार
हरियाणा की जिला जेल सिरसा में भी अब जेल रेडियो अपनी दस्तक देने वाला है। इसके तहत इस जेल में ऑडिशन किए गए और जेल सुधारक व तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा ने 6 बंदियों को चुन लिया। बता दें कि चयनित दो बंदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। करीब 70 साल पुरानी सिरसा जिला जेल प्रदेश की सबसे पुरानी जेलों में से एक है। यहां करीब 1250 कैदी हैं, जबकि क्षमता 800 बंदियों की है।
हरियाणा की तीन जेलों में है रेडियो
बता दें कि हरियाणा में कुल 19 जेल हैं, जिनमें 3 जेलों में रेडियो पहले ही लाया जा चुका है। जनवरी-फरवरी 2021 के दौरान पानीपत, फरीदाबाद और अंबाला की सेंट्रल जेल में रेडियो का उद्घाटन किया गया। उस दौरान जेल मंत्री रणजीत सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आईएएस राजीव अरोड़ा, जेल महानिरीक्षण आईपीएस सेल्वराज, जेल अधीक्षक देवी दयाल और वर्तिका नंदा मौजूद थे।
अब सिरसा जिला जेल में आएगा रेडियो
जानकारी के मुताबिक, तीसरे चरण के तहत सिरसा जिला जेल में जेल रेडियो स्थापित किया जाएगा। फिलहाल, दूसरे चरण के तहत हरियाणा की कई जेलों में रेडियो लाने का काम चल रहा है। इनमें जिला जेल करनाल, जिला जेल रोहतक, जिला जेल गुरुग्राम और केंद्रीय कारागार (प्रथम) हिसार शामिल हैं। वहीं, तीसरे चरण के तहत सिरसा, सोनीपत, जींद, झज्जर और यमुनानगर जिला जेल शामिल हैं।
जेल रेडियो से चलेगा यह अभियान
सिरसा हरियाणा के जेल मंत्री रंजीत सिंह का यह निर्वाचन क्षेत्र भी है। जेल का रेडियो नशा मुक्ति अभियान के विशेष थीम पर केंद्रित होगा। इस पूरे क्षेत्र में नशाखोरी एक बहुत बड़ी समस्या है, इसलिए जेल रेडियो में इस मुद्दे को केंद्र में रखा जाएगा। इसके लिए कमरे का चयन हो चुका है और स्टूडियो बनाया जा रहा है।
जेल अधिकारियों का विशेष योगदान
बता दें कि सिरसा जेल रेडियो की स्थापना और सफलता के लिए जेल के अधीक्षक श्री शेर सिंह पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। उनके मुताबिक, यह पहला मौका होगा, जब बंदी जेल के माइक पर खुद अपनी आवाज सुनेंगे। गौरतलब है कि हरियाणा जेल रेडियो की संकल्पना तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा ने की। 2019 में इस फाउंडेशन ने जिला जेल, आगरा में जेल रेडियो स्थापित किया था। हरियाणा जेल रेडियो उन्हीं की संकल्पना पर आधारित है। वह तिनका मॉडल ऑफ प्रिजन रिफार्म के तहत देश की जेलों में रेडियो लाने पर काम कर रही हैं। बता दें कि वर्तिका दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कालेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं।