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स्कूलों में गुड मॉर्निंग के जगह विद्यार्थियों को बोलना होगा जय हिंद : शिक्षा मंत्री त्रिखा

Sat, 03 Aug 2024 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 03 Aug 2024 02:11 AM IST
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Instead of Good Morning in schools, students will have to say Jai Hind: Education Minister Trikha
निपुण योजना की ओर से लगाई गई स्टाॅल का निरीक्षण करती ​शिक्षा मंत्री व टीएलएम के बारे में जानकार
सिरसा। प्रदेश की शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने कहा कि सभी राजकीय स्कूलों में गुड मॉर्निंग के जगह विद्यार्थियों को जय हिंद बोलना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में बच्चों को संस्कारित बनाना भी जरूरी है। किताबी ज्ञान के भरोसे विद्यार्थियों का समुचित विकास नहीं हो सकता।शुक्रवार को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में शिक्षा विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी मनाते हैं, लेकिन लिए जिनके लिए और जिनकी वजह से मनाते है उनको भी नमन जरूर होना चाहिए। इसलिए आज के बाद सिरसा जिले के हर स्कूल में गुड मॉर्निंग के बजाय जय हिंद बोला जाएगा। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी ज्ञान सिंह को शिक्षा मंत्री को निर्देश जारी किए कि सभी राजकीय स्कूलों में पत्र जारी कर दें। कार्यक्रम में बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला और गोपाल कांडा ने शिरकत नहीं की।
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कार्यक्रम में सबसे पहले शिक्षा मंत्री का स्वागत राजकीय विद्यालयों की छात्राओं ने तिलक कर किया। इस दौरान छात्राओं को शिक्षा मंत्री ने स्वयं तिलक लगाया और उनका मुंह मीठा करवाया। इस दौरान विभाग की ओर से निपुण हरियाणा व अन्य स्टॉलें लगाई गई। वहीं, सेल्फी प्वाइंट पर मंत्री ने सभी के साथ सेल्फी खिंचवाई। विभाग द्वारा लगाई गई स्टॉलों का मंत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों ने स्टाॅल में लगाई गई टीएलएम व शिक्षा मॉडलों की जानकारी दी।
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मंत्री ने एसएमसी से किए सीधे सवाल जवाब
ज्योति, एसएमसी प्रधान, पंजुआना
ज्योति : मिड-डे मील, शिक्षा का स्तर, बहुत अच्छा है स्कूल में। हर समस्या को मिलकर सुलझा लेते हैं।
शिक्षा मंत्री : एसएमसी की कितनी मीटिंग होती है।
ज्योति : मैडम हर तीन महीने में 3 होती है।
मंत्री : गलत, हर महीने एक बैठक होनी जरूरी, सुनिश्चित करें।
मंत्री : पीएम ने इन दिनों क्या काम दिया हुआ है।
ज्येाति : पता नहीं मैम।
मंत्री : कल क्या बना था मिड-डे मील में।
ज्योति : पता नहीं, कल छुट्टी थी, कल नहीं, परसो छुट्टी थी
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अमृतपाल, प्रधान
मंत्री : हिंदी नहीं बोल पा रही हैं तो पंजाबी में बोलो, मैनू चंगी तरह आउंदी पंजाबी
मंत्री : कल क्या खाना है मिड डे मील में।
अमृतपाल : खिचड़ी
मंत्री : आपने खाकर देखी।
अमृतपाल : नहीं
मंत्री : एसएमसी का काम है, खाना खाकर देखना कि कैसा बना है और कितने विद्यार्थियों को दिया गया है आदि।
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सोनिका, नाथूसरी कलां
सोनिका : स्कूल का 100 फीसदी परिणाम आया है, हर स्ट्रीम में बच्चे अच्छे हैं।
मंत्री : हमारे स्कूल की बेटी तनीषा ने मन की बात में पीएम से बात की, वो मेरी ही बेटी है। आपसे भी मिलना चाहती थी, लेकिन आ नहीं पाई।
मंत्री : मैं खुद आ जाऊंगी आपके घर।
मंत्री : कोई सुझाव, व्यवस्था सही करने के लिए।
सोनिका : हां जी, स्कूलों में 15 अगस्त वाले दिन कार्यक्रम के लिए 500 रुपये मिलते हैं, जो कि बहुत कम होते हैं।
मंत्री : 18 जिलों में किए कार्यक्रम में किसी एसएमसी ने इस बात का जिक्र नहीं किया।
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