{"_id":"d5596ca872acdc72436381b196cda96f","slug":"information-of-terror-in-passenger-train-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" पैंसेजर ट्रेन में आतंकी की सूचना,पुलिस फोर्स ने घेरी ट्रेन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैंसेजर ट्रेन में आतंकी की सूचना,पुलिस फोर्स ने घेरी ट्रेन
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:15 AM IST
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फाजिल्का से रेवाड़ी आने वाली पैंसेजर ट्रेन में शनिवार शाम को एक संदिग्ध व्यक्ति के होने की सूचना मिलने पर फतेहाबाद के भट्टूकलां रेलवे स्टेशन पर हड़कम्प मच गया।
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ट्रैन को रोककर सुरक्षा बलों ने ट्रेन की पूरी तरह से तलाशी ली व एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ आरंभ कर दी। हालांकि हिरासत में लिया गया व्यक्ति संदिग्ध नहीं निकला। जिससे पुलिस ने राहत की सांस ली।
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फाजिल्का से रेवाड़ी आने वाली सवारी गाड़ी जब सिरसा जिले के डिंग पहुंची तो ट्रैन की एक बोगी में एक बिखरी सी दाड़ी वाला एक व्यक्ति टेबलेट पर इंटरनेट चला रहा था। इंटरनेट के साथ ही व्यक्ति नेपाली भाषा में किसी से फोन पर बात कर रहा था। इसी बात से ही उसी बोगी में सवार एक दंपति व उसके दो बच्चों को उस पर शक हुआ।
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ट्रैन जैसे ही डिंग स्टेशन पर रूकी तो महिला व उसके पति ने संदिग्ध व्यक्ति के ट्रैन में होने की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। संदिग्ध व्यक्ति उसी बोगी से उतरकर ट्रैन के आगे वाली बोगी में चढ़ गया। ट्रैन भट्टूकलां के लिए रवाना हो गई। स्टेशन मास्टर रमेश ने भट्टकलां के स्टेशन मास्टर अरविंद सिंह को दी। अरविंद सिंह ने तुंरत भट्टू के थाना प्रभारी जगदीश को सूचित किया।
सूचना पाकर एसएचओ पुलिस बल के साथ स्टेशन पर पहुंच गए। ट्रेन के पहुंचते ही पुलिस ने ट्रैन को पूरी तरह से घेर लिया। ट्रैन की बोगी में बैठे संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और गाड़ी में सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस ने पूरी गाड़ी खाली करवा दी।पूरे पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया।
एसपी ओपी नरवाल,एएसपी गंगाराम पूनियां,फतेहाबाद एसएचओ दिनेश कुमार,सीआईए इंचार्ज दलीप सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सवा घंटा चले सर्च अभियान में कुछ नहीं मिला। जसिके बाद 5 बजकर 13 मिनट पर ट्रैन को आदमपुर के लिए रवाना कर दिया गया।
पुलिसद संदिग्ध व्यक्ति को लेकर भट्टूकलां थाने में पहुंची। जहां पर पुलिस ने पूछताछ शुरू की। पूछताछ में युवक ने खुद की पहचान दीनदयाल (40) पुत्र बनवारी लाल शर्मा निवासी महनसर जिला झुझनु राजस्थान के रूप में हुई। एसपी ने देर रात को खुलासा करते हुए बताया कि दीनदयाल जीण माता का भक्त है।
इसके पिता बनवारी लाल की 40 साल पूर्व भारत में मणिपुर राइफल में फौज में कार्यरत थे। दीनदयाल के जन्म के एक साल बाद में नेपाल चले गए।
एसपी के अनुसार दीनदयाल तांत्रिक विद्या का काम करता है और उसका फेसबुक के माध्यम से सिरसा जिले के कालांवाली के डाक्टर चाइल्ड स्पैशलिस्ट डा.कृष्ण कुमार से संपर्क हुआ। उसके बाद वह फतेहाबाद के बनगांव निवासी मनोज कुमार के संपर्क में आया। ये दोनों ही माता के भक्त हैं।
16 अगस्त को दीनदयाल नेपाल से भारत में अपने पैतृक गांव झुझनु आया और अब वह कालावांली में डाक्टर के पास आया हुआ था। जहां से वह फतेहाबाद के गांव बनगांव निवासी मनोज के पास आ रहा था। मनोज उसे भट्टूकलां के रेलवे स्टेशन पर लेने के लिए आया हुआ था।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने दीनदयाल के बारे में इसके गांव के सरपंच वहां के थाना प्रभारी से पूछताछ की और नेपाल में भी पूछताछ की। जिसके बाद किसी प्रकार से संदिग्ध जैसी कोई बात सामने नहीं आई। पुलिस ने गहन पूछताछ के बाद दीनदयाल को मनोज के साथ भेज दिया।
ऐसे हुआ दीनदयाल पर शक
दीनदयाल जिस बोगी में बैठा था। उसमें वह नेपाली भाषा में बात कर रहा था और पीठू बैग टांगा हुआ था। उसका हुलिया संदिग्ध जैसे लग रहा था। जिससे बोगी में बैठ दंपति व उसके छोटे बच्चों को शक हुआ और उन्होंने स्टेशन मास्टर को सारी जानकारी दी।
तांत्रिक विद्या का काम करता है दीनदयाल
एसपी ने बताया कर दीनदयाल के पास नेपाली करंसी के दो-दो के नोट मिले हैं। जिसे वह अपने भक्तों को खजाना के रूप में देता था। भक्त इस खजाने को जेब में रखते हैं और बदले में 100-500 का नोट मिलता है। ये भी बता दें कि दीनदयाल नेपाल की त्रिभवन विश्वविद्यालय से बीकाम तक पढ़ा भी हुआ है।
सूचना सच होती तो क्या करती पुलिस
संदिग्ध आंतकी होने की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो सही लेकिन पुलिस के पास उससे निपटने के लिए उपकरण ही नहीं थे।
पुलिस के पास विस्फोटक पदार्थ निष्क्रिय करने के लिए दस्ता व उपकरण नहीं थे। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि पुलिस के पास उचित मात्रा में हथियार नहीं दिखाई दिए। डॅग स्कवायड की भी कमी दिखाई दी। हालाकि एसपी ने जोर दिया कि हिसार रेंज से विस्फोटक पदार्थ निष्क्रिय करने वाली टीम पहुंची हुई थी।