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व्हाट्सएप ग्रुप में इशारों में बताते थे झोटा फ्लाइंग की लोकेशन
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सिरसा। रोडवेज फ्लाइंग और महाप्रबंधक की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर कर विभाग को चुना लगाने वाले परिचालकों के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। रोडवेज महाप्रबंधक ने इसका पर्दाफाश कर दिया है। परिचालक व्हाट्सएप ग्रुपों में फ्लाइंग की सूचना देकर दूसरे परिचालकों को आगाह करते थे। परिचालकों की ओर से कोविड 19 के नाम से अलग-अलग 2 ग्रुप बनाए गए थे। जिसमें सिरसा, फतेहाबाद और हिसार के परिचालक भी जुड़े हुए हैं। सिरसा रोडवेज महाप्रबंधक केआर कौशल ने मामले पर कार्रवाई करते हुए पांच परिचालकों को सस्पेंड कर दिया है जबकि 23 परिचालकों को चार्जशीट किया गया है।
बताया जा रहा है। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार के परिचालकों की ओर से 2 ग्रुप बनाए गए थे। परिचालक जैसे ही बस स्टैंड से निकलते उसी के साथ ही वह ग्रुप को भी सक्रिय कर देते। परिचालकों की ओर से अलग-अलग रूटों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए थे। रूट के दौरान जिस भी स्थान पर फ्लाइंग होती उसकी सूचना ग्रुप में साझा कर दी जाती थी। जिसके बाद उस रूट के परिचालक भी यात्रियों की टिकट संबंधित हर प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर देते। ग्रुपों से लोकेशन शेयर करने का मामला सामने आते ही महाप्रबंधक की ओर से ग्रुपों से जुड़े परिचालकों को सस्पेंड और चार्जशीट कर दिया गया है।
ग्रुप एडमिन मिले सिरसा के पांच परिचालक, किया सस्पेंड
व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच की गई तो सिरसा के सुरेंद्र, जयकिशन, जतिन, विपिन और संजय ग्रुप एडिमन पाए गए। वहीं इन ग्रुपों में जुड़े हुए 23 अन्य परिचालकों को भी चार्जशीट कर दिया। वहीं इन ग्रुपों में सिरसा के साथ-साथ फतेहाबाद और हिसार के परिचालक भी जुड़े हुए थे। जिसके बाद रोडवेज महाप्रबंधक ने उन सभी की जानकारी संबंधित डिपो प्रबंधकों को दे दी है। ऐसे में उन सभी परिचालकों पर संबंधित डिपो अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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यात्रियों से पैसे लेकर टिकट न दे करते थे गबन
ग्रुपों से जुड़े सभी परिचालक फ्लाइंग के न होने पर कई यात्रियों से टिकट की राशि तो ले लेते लेकिन उन्हें टिकट नहीं देते थे। इस तरह सभी परिचालक रोडवेज के साथ बड़ा गबन कर रहे थे। जिसका महाप्रबंधक की ओर से पर्दाफाश किया गया है। इससे पहले भी रोडवेज के साथ गबन करने मामले में महाप्रबंधक की ओर से कई परिचालकों को सस्पेंड किया गया है।
इशारे में बताते थे फ्लाइंग की लोकेशन, अब रिकॉर्ड खंगाल रहा विभाग
शुरूआती जांच में खुलासा हुआ है कि फ्लाइंग की सूचना व्हाट्सएप ग्रुपों में अलग ही अंदाज में दी जाती थी। इशारों में बताया जाता था कि फ्लाइंग कहां पर है और कहां पर नहीं है। जहां पर फ्लाइंग होती थी तो ग्रुप में मैसेज भेजा था कि झोटा (फ्लाइंग टीम) कहां पर है। फिर बताया था कि हिसार का झोटा इस रूट पर है। इतना ही नहीं यदि किसी रूट पर कोई भी फ्लाइंग नहीं होती थी तो सूचना दी जाती थी कि आज फतेहाबाद-सिरसा रूट पर मौसम साफ (यदि फ्लाइंग न होने से रास्ता साफ) है। अब विभाग ने इन ग्रुपों में शामिल नंबरों का डाटा खंगालना शुरू कर दिया है। क्योंकि ग्रुप में अधिकतर नाम से नंबर सेव नहीं किए गए हैं। हो सकता है कि लिंक भेजकर ग्रुप में जोड़ा हो। क्योंकि लिंक से जुड़ने पर जरूरी नहीं होता कि नंबर मोबाइल में सेव करना पड़े।
परिचालकों की ओर से कोविड 19 व भाई-भाई के नाम से 2 ग्रुप बनाए गए थे। इनमें सिरसा के पांच परिचालक ग्रुपों के एडमिन थे। जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है और 23 परिचालकों को चार्जशीट किया गया है। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार के परिचालक भी इन ग्रुपों से जुड़े हुए हैं। उनकी जानकारी संबंधित डिपो अधिकारियों को दे दी गई है।
-केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा।
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बताया जा रहा है। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार के परिचालकों की ओर से 2 ग्रुप बनाए गए थे। परिचालक जैसे ही बस स्टैंड से निकलते उसी के साथ ही वह ग्रुप को भी सक्रिय कर देते। परिचालकों की ओर से अलग-अलग रूटों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए थे। रूट के दौरान जिस भी स्थान पर फ्लाइंग होती उसकी सूचना ग्रुप में साझा कर दी जाती थी। जिसके बाद उस रूट के परिचालक भी यात्रियों की टिकट संबंधित हर प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर देते। ग्रुपों से लोकेशन शेयर करने का मामला सामने आते ही महाप्रबंधक की ओर से ग्रुपों से जुड़े परिचालकों को सस्पेंड और चार्जशीट कर दिया गया है।
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ग्रुप एडमिन मिले सिरसा के पांच परिचालक, किया सस्पेंड
व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच की गई तो सिरसा के सुरेंद्र, जयकिशन, जतिन, विपिन और संजय ग्रुप एडिमन पाए गए। वहीं इन ग्रुपों में जुड़े हुए 23 अन्य परिचालकों को भी चार्जशीट कर दिया। वहीं इन ग्रुपों में सिरसा के साथ-साथ फतेहाबाद और हिसार के परिचालक भी जुड़े हुए थे। जिसके बाद रोडवेज महाप्रबंधक ने उन सभी की जानकारी संबंधित डिपो प्रबंधकों को दे दी है। ऐसे में उन सभी परिचालकों पर संबंधित डिपो अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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यात्रियों से पैसे लेकर टिकट न दे करते थे गबन
ग्रुपों से जुड़े सभी परिचालक फ्लाइंग के न होने पर कई यात्रियों से टिकट की राशि तो ले लेते लेकिन उन्हें टिकट नहीं देते थे। इस तरह सभी परिचालक रोडवेज के साथ बड़ा गबन कर रहे थे। जिसका महाप्रबंधक की ओर से पर्दाफाश किया गया है। इससे पहले भी रोडवेज के साथ गबन करने मामले में महाप्रबंधक की ओर से कई परिचालकों को सस्पेंड किया गया है।
इशारे में बताते थे फ्लाइंग की लोकेशन, अब रिकॉर्ड खंगाल रहा विभाग
शुरूआती जांच में खुलासा हुआ है कि फ्लाइंग की सूचना व्हाट्सएप ग्रुपों में अलग ही अंदाज में दी जाती थी। इशारों में बताया जाता था कि फ्लाइंग कहां पर है और कहां पर नहीं है। जहां पर फ्लाइंग होती थी तो ग्रुप में मैसेज भेजा था कि झोटा (फ्लाइंग टीम) कहां पर है। फिर बताया था कि हिसार का झोटा इस रूट पर है। इतना ही नहीं यदि किसी रूट पर कोई भी फ्लाइंग नहीं होती थी तो सूचना दी जाती थी कि आज फतेहाबाद-सिरसा रूट पर मौसम साफ (यदि फ्लाइंग न होने से रास्ता साफ) है। अब विभाग ने इन ग्रुपों में शामिल नंबरों का डाटा खंगालना शुरू कर दिया है। क्योंकि ग्रुप में अधिकतर नाम से नंबर सेव नहीं किए गए हैं। हो सकता है कि लिंक भेजकर ग्रुप में जोड़ा हो। क्योंकि लिंक से जुड़ने पर जरूरी नहीं होता कि नंबर मोबाइल में सेव करना पड़े।
परिचालकों की ओर से कोविड 19 व भाई-भाई के नाम से 2 ग्रुप बनाए गए थे। इनमें सिरसा के पांच परिचालक ग्रुपों के एडमिन थे। जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है और 23 परिचालकों को चार्जशीट किया गया है। सिरसा, फतेहाबाद और हिसार के परिचालक भी इन ग्रुपों से जुड़े हुए हैं। उनकी जानकारी संबंधित डिपो अधिकारियों को दे दी गई है।
-केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा।