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Sirsa News: बैठक में अध्यक्ष ने गोद दिए पार्कों को किया रद्द

Wed, 09 Apr 2025 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 09 Apr 2025 12:02 AM IST
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In the meeting, the chairman cancelled the adopted parks
सिरसा के पंचायत भवन में साधारण बैठक में मौजूद पार्षद।
सिरसा। नगर परिषद की पहली साधारण बैठक मंगलवार को पंचायत भवन में हुई। आपसी परिचय नाम की इस बैठक में पार्षदों के तेवर गर्म रहे। दो साल की मेहनत के बाद गोद दिए पार्कों को अध्यक्ष ने पहली बैठक में ही रद्द कर दिया।
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सामुदायिक भवन में पुस्तकालय बनाने की निविदा भी रद्द कर इस भवन को किराये पर देने का निर्णय लिया गया। विकास के दावे पर पार्षद बोले कि किराये की जगह पर बैठक करने पर शर्म आनी चाहिए। पूर्व और पराजित पार्षदों का समर्थन करने पर अध्यक्ष ने पार्षदों से माफी मांगी।
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पार्षदों ने पूर्व पार्षदों पर स्ट्रीट लाइट लगवाकर वाहवाही लूटने का आरोप लगाया तो अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप ने कहा कि पूर्व पार्षदों ने अपने घर नहीं सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट लगाई है। वह भी वार्ड में ही स्ट्रीट लाइट लगा रहे हैं। इस पर पार्षद गोपी राम सैनी, नरेश मेहता, एडवोकेट चंचल रानी, चंद्रिका गनेरीवाला आदि ने विरोध जताया।
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उन्होंने कहा कि आपका सदन में पूर्व पार्षदों का समर्थन करना गलत है। हमें जनता ने चुना है। अगर आपके कर्मचारी और अधिकारी पराजित उम्मीदवारों और पूर्व पार्षदों के कहने पर कार्य करेंगे तो वे जनता को क्या जवाब देंगे। विरोध बढ़ने पर अध्यक्ष ने माफी मांगते हुए कहा कि उनके कहने का गलत मतलब नहीं था। अब आप पार्षद हैं। इसलिए संबंधित क्षेत्र में विकास कार्य करवाएं।

अध्यक्ष ने पहली बैठक में पार्कों को गोद देने संबंधी जिला नगर आयुक्त की दो साल की मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने सभी संस्थाओं को दिए हुए पार्कों की निविदा को रद्द कर दिया। एफ ब्लॉक में गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए प्रस्तावित पुस्तकालय को भी अध्यक्ष ने निरस्त कर दिया।

अध्यक्ष की फिसली जुबां तो पार्षदों ने जताया विरोध

अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप ने कहा कि अगर हारे हुए और पूर्व पार्षद काम करवाते हैं तो क्या गलत है। उनका भी ध्यान रखना जरूरी है। वह भी आपके ही वार्ड में काम करवा रहे हैं। इस पर पार्षद गोपीराम सैनी, रमेश मेहता, चंचल रानी, आशा रंगा, चंद्रिका गनेरीवाला सहित कई पार्षदों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगने का पता मौजूदा पार्षद को होना चाहिए लेकिन कई पूर्व पार्षद स्ट्रीट लाइट लगाने संबंधी अपनी फोटो ऑनलाइन ग्रुपों में भेज रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष के माफी मांगने पर मामला शांत हुआ।

महिला पार्षदों ने लगाए विकास कार्यों में धांधली करने के आरोप

31 वार्ड की पार्षद अनु मल्होत्रा ने कहा कि उनके वार्ड में पूर्व पार्षद के समय लवली पार्क में 80 लाख रुपये खर्च किए गए लेकिन मौके पर 20 लाख रुपये से ज्यादा काम नहीं हुआ है। पार्क में लाइट लगी होने के दावे के बावजूद वहां एक भी लाइट नहीं है। वहीं, वार्ड 23 पार्षद कुसुम रानी ने कहा कि उनके वार्ड में कई सड़कें कागजों में बन चुकी हैं लेकिन मौके पर कोई सड़क नहीं है। अनु मल्होत्रा ने कहा कि कार्यकारी अधिकारी के आवास के पीछे ग्रीन बेल्ट गोद दी गई है। इसके बावजूद वहां से झुग्गियां नहीं हट सकी हैं। नलकूप ऑपरेटर भी लापरवाही का आरोप लगा। पार्षदों ने हर आरोप की गंभीरता से जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि हर ऑपरेटर पार्षदों के संपर्क में रहेगा। हर आरोप की जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

पार्षद प्रतिनिधियों और निजी पीए को बाहर भेजने पर जताई आपत्ति

अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप ने हाउस की पहली बैठक में पहुंचे पार्षद प्रतिनिधियों को बाहर जाने के आदेश दिए। केवल उनका पीए अंदर रहा जबकि अध्यक्ष के आदेशों के बाद भी दो-तीन पार्षद प्रतिनिधि बाहर नहीं गए। इस पर एक पार्षद के आपत्ति जताने पर अध्यक्ष ने दोनों पार्षद प्रतिनिधियों को बाहर जाने के लिए कहा। प्रतिनिधियों ने कहा कि कई पार्षदों को सदन की कार्यप्रणाली का पता नहीं है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि यह पहली बैठक है। अगली बार सब सीख जाएंगे। इस पार्षद प्रतिनिधि भड़क गए। उन्होंने कहा कि आपका पीए भी सरकारी नहीं है। इसे भी बाहर निकालो। अध्यक्ष ने कहा कि आप माहौल खराब न करें। इसलिए पीए को भी बाहर भेज देता हूं। इसलिए अध्यक्ष ने अपने सिक्योरिटी गार्ड और अन्य कर्मचारियों को बाहर भेज दिया।

निरक्षर जनता के कारण अधिकारी कर रहे हैं मलिन बस्ती की अनदेखी : मनीष

वार्ड 13 के पार्षद मनीष ने कहा कि उनका निर्वाचन क्षेत्र सिंगीकाट मोहल्ला है। जहां पर ज्यादातर लोग निरक्षर हैं। मलिन बस्ती होने के कारण कोई भी अधिकारी इस क्षेत्र को गंभीरता से नहीं लेता। यूसी 15 के नाम पर करोड़ों रुपये के एस्टीमेट बनाने के बावजूद सड़क बनने का पता नहीं चल पा रहा है। इसकी प्रगति जानने के लिए वह कई बार नगर परिषद के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन उन्हें एस्टीमेट तक नहीं दिया गया।


जमीन देने से शिक्षा विभाग का इन्कार, पार्किंग का सपना अधूरा
अधिकारियों ने शहरवासियों को बाजार में पार्किंग का सपना दिखाया था लेकिन शिक्षा विभाग ने इसके लिए स्कूल की जमीन देने से इन्कार कर दिया है। इसलिए अब नगर परिषद एंटी नारकोटिक्स कार्यालय की जगह पर बहुमंजिली पार्किंग बनाएगा। इसके लिए पुलिस के साथ पत्राचार किया जा रहा है। वार्ड नंबर 20 के पार्षद संजीव रातुसरिया ने पार्किंग का मुद्दा उठाया तो इसका खुलासा। एसडीओ अनिल मोहिल ने बताया कि पार्किंग की पीपीटी बनाकर मुख्यालय भेजी जानी है। उसकी अनुमति मिलने के बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए कंसलटेंट फर्म चुनी जा चुकी है।
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