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Sirsa News: 35 करोड़ की लागत से सेम ग्रस्त क्षेत्र में लगेंगे सेलो ट्यूबवेल, पहले चरण में लगाए 17 ट्यूबवेल, 300 एकड़ में पहली बार हुई बिजाई
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ेलो ट्यूबवेल लगने के बाद मौके का निरीक्षण करते कृषि विभाग के अधिकारी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। चोपटा सेम ग्रस्त क्षेत्र में कृषि विभाग की ओर सेलो ट्यूबवेल लगाकर पानी की निकासी करवाई जा रही है। इसके लिए कृषि विभाग ने 17 गांवों को तीन चरणों में बांटकर काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से पहले चरण में ट्यूबवेल लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अभी 17 स्थानों पर सेलो ट्यूबवेल (सोलर से चलने वाले ट्यूबवेल) लगाए गए हैं। पहली बार सेम ग्रस्त 300 एकड़ में गेहूं की बिजाई की गई है।
चोपटा क्षेत्र के 17 गांवों की 20 हजार एकड़ जमीन सेम से ग्रस्त है। सेम के कारण यहां पर अब तक फसलों की बिजाई तक नहीं हो पाई है। जिसके कारण किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने जब इस समस्या को सरकार के समक्ष उठाया तो सेम के पानी की निकासी के लिए योजना तैयार की गई। अब कृषि विभाग की ओर से सेम ग्रस्त क्षेत्र को तीन चरणों में बांटकर सेलो ट्यूबवेल लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग की ओर से अभी पहले चरण में चार गांवों को योजना में शामिल किया गया। इसके तहत सेम ग्रस्त क्षेत्र में सोलर से चलने वाले ट्यूबवेलों को लगाकर वहां के पानी का निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में चार गांवों में 17 ट्यूबवेल लगाकर पानी निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिसे पाइप लाइन के माध्यम से सेम नाले में डाला जा रहा है।
100 फीट बोर करने के बाद निकाला जा रहा है सेम का पानी
कृषि विभाग की ओर से पहले चरण में नाथूसरी कलां, नाथूसरी खुर्द, रूपाणा, गुडिया खेड़ा, निर्बाण गांव को शामिल किया है। खेत में 100 फीट बोर करने के बाद उस पर 5 से 10 एचपी की मोटर लगाकर पानी को निकाला जा रहा है। हालांकि अभी कृषि विभाग की ओर से प्रक्रिया को शुरू किया गया है। पूरे क्षेत्र में ट्यूबवेल लगाने के बाद दो से तीन वर्षों में सेम की समस्या खत्म होने की संभावना है। जिससे 20 हजार एकड़ जमीन को तैयार कर खेती के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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दूसरे चरण में लगाए जाएंगे 130 ट्यूबवेल
विभाग की ओर से दूसरे चरण में तरकांवाली, शाहपुरिया, शंकर मंदोरी, रूपाणा बिश्नोइयां, रूपाणा गंजा नहराणा और माखोसराणी गांव को शामिल किया गया है। इन गांवों में 130 सेलो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। सेम पानी की निकासी होने के बाद किसानों को इसका काफी लाभ मिल सकेगा।
एक एकड़ पर आ रहा है 18 से 20 हजार रुपये का खर्च
सेम ग्रस्त भूमि से पानी निकालने के लिए सेलो ट्यूबवेलों को लगाया जा रहा है। जिसके चलते प्रति एकड़ पर 18 से 20 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। कृषि विभाग की ओर से टेंडर लगाकर कंपनी का ठेका दिया जा रहा है। जिसके बाद कंपनी संबंधित कर्मचारी प्लान के तहत पानी की निकासी करवा रहे हैं।
सेम ग्रस्त क्षेत्र से पानी की निकासी करवाने के लिए सेलो ट्यूबवेल लगाए गए हैं। चोपटा क्षेत्र के 20 हजार एकड़ से सेम पानी की निकासी करवाई जानी है। पहले चरण में चार गांवों में ट्यूबवेल लगाकर काम शुरू किया गया है। 17 ट्यूबवेल अभी काम कर रहे हैं। जिसके चलते पहली बार तीनों गांवों की 300 एकड़ जमीन में गेहूं की बिजाई हो पाई है।
- अर्जुन पूनिया, एएसओ, कृषि विभाग, सिरसा।
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चोपटा क्षेत्र के 17 गांवों की 20 हजार एकड़ जमीन सेम से ग्रस्त है। सेम के कारण यहां पर अब तक फसलों की बिजाई तक नहीं हो पाई है। जिसके कारण किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने जब इस समस्या को सरकार के समक्ष उठाया तो सेम के पानी की निकासी के लिए योजना तैयार की गई। अब कृषि विभाग की ओर से सेम ग्रस्त क्षेत्र को तीन चरणों में बांटकर सेलो ट्यूबवेल लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग की ओर से अभी पहले चरण में चार गांवों को योजना में शामिल किया गया। इसके तहत सेम ग्रस्त क्षेत्र में सोलर से चलने वाले ट्यूबवेलों को लगाकर वहां के पानी का निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में चार गांवों में 17 ट्यूबवेल लगाकर पानी निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिसे पाइप लाइन के माध्यम से सेम नाले में डाला जा रहा है।
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100 फीट बोर करने के बाद निकाला जा रहा है सेम का पानी
कृषि विभाग की ओर से पहले चरण में नाथूसरी कलां, नाथूसरी खुर्द, रूपाणा, गुडिया खेड़ा, निर्बाण गांव को शामिल किया है। खेत में 100 फीट बोर करने के बाद उस पर 5 से 10 एचपी की मोटर लगाकर पानी को निकाला जा रहा है। हालांकि अभी कृषि विभाग की ओर से प्रक्रिया को शुरू किया गया है। पूरे क्षेत्र में ट्यूबवेल लगाने के बाद दो से तीन वर्षों में सेम की समस्या खत्म होने की संभावना है। जिससे 20 हजार एकड़ जमीन को तैयार कर खेती के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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दूसरे चरण में लगाए जाएंगे 130 ट्यूबवेल
विभाग की ओर से दूसरे चरण में तरकांवाली, शाहपुरिया, शंकर मंदोरी, रूपाणा बिश्नोइयां, रूपाणा गंजा नहराणा और माखोसराणी गांव को शामिल किया गया है। इन गांवों में 130 सेलो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। सेम पानी की निकासी होने के बाद किसानों को इसका काफी लाभ मिल सकेगा।
एक एकड़ पर आ रहा है 18 से 20 हजार रुपये का खर्च
सेम ग्रस्त भूमि से पानी निकालने के लिए सेलो ट्यूबवेलों को लगाया जा रहा है। जिसके चलते प्रति एकड़ पर 18 से 20 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। कृषि विभाग की ओर से टेंडर लगाकर कंपनी का ठेका दिया जा रहा है। जिसके बाद कंपनी संबंधित कर्मचारी प्लान के तहत पानी की निकासी करवा रहे हैं।
सेम ग्रस्त क्षेत्र से पानी की निकासी करवाने के लिए सेलो ट्यूबवेल लगाए गए हैं। चोपटा क्षेत्र के 20 हजार एकड़ से सेम पानी की निकासी करवाई जानी है। पहले चरण में चार गांवों में ट्यूबवेल लगाकर काम शुरू किया गया है। 17 ट्यूबवेल अभी काम कर रहे हैं। जिसके चलते पहली बार तीनों गांवों की 300 एकड़ जमीन में गेहूं की बिजाई हो पाई है।
- अर्जुन पूनिया, एएसओ, कृषि विभाग, सिरसा।