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Sirsa News: नाथूसरी चोपटा में किसानों ने पांच घंटे तक तहसील कार्यालय का घेराव कर कामकाज ठप रखा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jun 2023 11:09 PM IST
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In Nathusari Chopta, farmers surrounded the tehsil office and stalled the work for five hours.
नाथूसरी चोपटा ​स्थित तहसील कार्यालय में धरना देते किसान।
चोपटा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को धरने के 37वें दिन नाथूसरी चोपटा के तहसील कार्यालय का घेराव कर पांच घंटे तक कामकाज ठप रखा। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर 12 बजे किसानों द्वारा तहसील कार्यालय पर तालाबंदी का ऐलान कर दिया गया और किसान गेट पर एकत्रित हो गए। इसके बाद गेट बंद कर दिया।
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सूचना मिलने पर नाथूसरी चोपटा थाना प्रभारी राजाराम दलबल के साथ तहसील प्रांगण पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। तहसीलदार कृष्ण कुमार व नायब तहसीलदार अरविंद यादव ने भी किसानों से बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद एसडीएम राजेंद्र कुमार व कार्यवाहक डीडीए ने किसानों से सात दिन का समय मांगा गया। इसके बाद किसानों ने कार्यालय का गेट खोला।
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37 दिन से धरना दे रहे किसान
तहसील कार्यालय में वीरवार को किसानों ने मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं होने के कारण तहसील कार्यालय पर तालाबंदी की घोषणा की थी। किसान यहां पर 37 दिन से धरना दे रहे हैं। सुबह दस बजे से ही किसान धरना स्थल पर पहुंचने लगे। इसके बाद किसानों ने 12 बजे तहसील कार्यालय गेट के आगे नारेबाजी शुरू कर दी। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल के नेतृत्व में ब्लॉक के सरपंचों और युवा कांग्रेसी नेता सुमित बैनीवाल ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया।
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किसानों की बढ़ती संख्या देखकर भेजे अधिकारी
किसानों के धरने पर बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा एसडीएम राजेंद्र कुमार, कार्यवाहक डीडीए राजेश सिहाग, एएसओ संजय कुमार को बातचीत के लिए भेजा गया। उनके साथ तहसीलदार कृष्ण कुमार, नायब तहसीलदार अरविंद यादव, एडीओ शैलेंद्र सहारण सहित कई अधिकारियों ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत शुरू की। किसानों ने बताया कि बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद, जिला अध्यक्ष भरत सिंह झाझड़ा, प्रदेश सचिव अमन बैनीवाल, प्रकाश ममेरां, जयवीर स्वामी, अरविंद रायपुर, दिवान सहारण, नरेंद्र आदि ने कहा कि किसानों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों की मांग 2022 का बीमा क्लेम व मुआवजा जारी करने, सीएससी सेंटर द्वारा रद्द हुए बीमे को बहाल करने, गेहूं व सरसों की समय पर खरीद व भुगतान किया जाए और हर साल बीमा व मुआवजा देने की निश्चित तिथि तय की जाए आदि हैं।

किसानों की मांग जायज है। इनकी मांग सरकार को पूरी करनी चाहिए। किसान खेतों में कड़ी मेहनत करके फसल तैयार करता है। इसके बाद फसल नष्ट हो जाती है। मगर किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिलता है।
संतोष बैनीवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष, हरियाणा सरपंच एसोसिएशन
दोबारा पोर्टल खोला जाएगा : एसडीएम
किसान प्रतिनिधिमंडल से बातचीत हुई है। बीमा क्लेम के कागजात की दोबारा स्टडी के लिए सात दिन का समय मांगा है। पहले किए गए पत्राचार में कोई कमी रही है, तो उसको दूर किया जाएगा। सीएससी सेंटर से करवाए गए बीमे जो रिजेक्ट हो गए हैं, उनके लिए दोबारा पोर्टल खोला जाएगा।

राजेंद्र कुमार, एसडीएम

जब तक बीमे की राशि किसानों के खाते में नहीं आ जाती है, तब तक धरना जारी रहेगा। ज्यादा लंबी लड़ाई के लिए किसानों को तैयार रहना होगा। अगर सात दिन में समाधान नहीं हुआ तो फिर से तालाबंदी कर देंगे।
रवि आजाद, युवा प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
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