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Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   I got polio child admission to school

एडमिशन लेने आई पोलियोग्रस्त बच्ची को पाठशाला से निकाला

Fri, 04 Jul 2014 11:35 PM IST
sirsa
sirsa Updated Fri, 04 Jul 2014 11:35 PM IST
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अपने पिता के साथ शहर की एक प्राथमिक पाठशाला में एडमिशन लेने गई पोलियोग्रस्त बच्ची को स्कूल से बाहर निकाल देने का मामला सामने आया है। बच्ची का कसूर बस इतना है कि घरेलू हिंसा की वजह से वह एक शहर में टिक नहीं पा रही है। कुछ समय पहले उसने पाठशाला से नाम कटवाकर उपमंडल डबवाली के एक गांव में स्थित पाठशाला में एडमिशन ले लिया था। अब वह दोबारा स्कूल में पढ़ने आई तो शिक्षकों ने उसे यह सिला दिया।
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भाटी कॉलोनी निवासी सोनू रिक्शा चालक है। शुक्रवार को वह अपनी छह वर्षीय बेटी ज्योति का एडमिशन करवाने के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर एक में गया था। यहां अध्यापिकाओं ने ज्योति को एडमिशन देने से इंकार करते हुए पाठशाला से बाहर का रास्ता दिखा दिया। सोनू के अनुसार उसकी बेटी ने पहली कक्षा उपरोक्त पाठशाला से ही पास की है। दूसरी कक्षा में भी एडमिशन इसी पाठशाला में लिया था लेकिन घरेलू कारणों की वजह से उसकी बेटी अपनी मां के साथ जम्मू चली गई। जम्मू से वापस आने के बाद उपमंडल डबवाली के गांव मौजगढ़ की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 26 अप्रैल 2014 को एडमिशन लेकर वहां पढ़ने लगी। अब उसकी बेटी पुन: उसके साथ रहने लगी है।
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सोनू के अनुसार तीन जुलाई 2014 को गांव मौजगढ़ की पाठशाला से ज्योति का नाम कटवाने के बाद वह उसका एडमिशन करवाने के लिए डबवाली की राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर एक में पहुंचा था। वहां मौजूद अध्यापिकाओं ने उसे नाम कटवाने का प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा। शुक्रवार को वह प्रमाण पत्र सहित पाठशाला में पहुंचा। लेकिन अध्यापिकाओं ने ज्योति का एडमिशन लेने से साफ तौर पर इंकार कर दिया। अध्यापिकाओं ने यह कहा कि वह अपनी बेटी का शहर के किसी अन्य निजी स्कूल में एडमिशन करवा दे। उसे तथा उसकी बेटी को पाठशाला से बाहर निकल जाने के लिए कहा।
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काफी समय से थी गैरहाजिर
पोलियोग्रस्त ज्योति एडमिशन लेने के लिए अपने पापा के साथ पाठशाला में आई थी। घरेलू विवाद के चलते ज्योति काफी समय तक गैरहाजिर रही। संबंधित कक्षा इंचार्ज ने लंबे समय तक पाठशाला से गैरहाजिर रहने के कारण उसका एडमिशन करने से इंकार कर दिया था। बच्ची के माता-पिता से उसकी पाठशाला में लगातार उपस्थिति की जिम्मेदारी लेकर एडमिशन किया जाएगा।
-शशि बाला, इंचार्ज, राजकीय प्राथमिक पाठशाला डबवाली
 
बच्चे को एडमिशन लेने का अधिकार
बच्ची को एडमिशन लेने से नहीं रोका जा सकता। उसे हर हाल में एडमिशन मिलेगा। फिलहाल इस मामले की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
-संत कुमार, बीईओ, डबवाली
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