फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Housing Board flats were dilapidated in nine years, 788 families are in danger

नौ वर्षों में ही हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट हुए जर्जर, 788 परिवारों पर मंडरा रहा खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Housing Board flats were dilapidated in nine years, 788 families are in danger
हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट की दीवार और फर्श जमीन में बैठे होने की जानकारी देते वासी। - फोटो : Sirsa
सिरसा। गुरुग्राम में स्थित सोसायटी में हुए हादसा की तरह सिरसा में हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट भी हादसे का कारण बन सकते हैं। शहर के सेक्टर 19 में हाउसिंग बोर्ड की ओर से वर्ष 2013 में 1260 फ्लैटों का निर्माण किया गया था। लंबे समय से यह फ्लैट खाली थे। अब इन फ्लैटों में 788 से अधिक परिवार रह रहे हैं। फ्लैटों की स्थिति खराब और जर्जर होने के कारण यह कभी भी धराशायी हो सकते हैं। फ्लैट वासी कई बार इस मामले की शिकायत अधिकारियों को भी दे चुके हैं।
विज्ञापन

हालांकि हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट तीन मंजिला हैं। खाली पड़े फ्लैटों में वर्ष 2017 में थेहड़ को खाली करवा कर वहां के करीब 788 परिवारों को फ्लैटों में शिफ्ट कर दिया। फ्लैटों में लंबे समय से सीवरेज की समस्या चल रही है। जिसके कारण वहां पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सीवरेज का पानी दीवारों और नींव में उतरने के कारण दीवारें और जमीन पर लगाए गया पत्थर भी बैठना शुरू हो चुके हैं। जिसके कारण यहां पर कभी भी उनके धराशायी होने का खतरा बना रहता है। फ्लैट वासियों का कहना है कि इसके लिए वे कई बार अधिकारियों को शिकायत भी दे चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन

1260 फ्लैटों का हुआ था निर्माण, 472 पड़े हैं खाली
हाउसिंग बोर्ड ने वर्ष 2013 में फ्लैटों का निर्माण करवाया गया था। इन फ्लैटों में करीब 788 परिवारों की रिहायश है। इनमें से 472 फ्लैट अभी खाली पड़े हैं। फ्लैटों के अंदर डाली गई पानी की पाइप जगह-जगह से लीकेज हो रही है। जिसके कारण पहली से लेकर तीसरी मंजिल की छत से पानी भी टपकता रहता है। ऐसे में मजबूती कम होने के कारण फ्लैट वासियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दीवारों के साथ रहती है जलभराव की स्थिति
कॉलोनी में सीवरेज की समस्या होने के कारण दूषित पानी बाहर गलियों में जमा रहता है। जिस कारण पानी फ्लैटों की नींव में जा रहा है। जिसके चलते कई फ्लैटों में दरारें आ गईं है तो तो कई में पत्थर धंस चुके हैं। जिसके कारण लोग डर के माहौल में रहने पर मजबूर हैं।
फ्लैटों की दीवारों में डाले गए बीम की सरिये निर्माण सामग्री झड़ जाने से नजर आने लगे हैं। कई फ्लैटों की दीवारें धंसी हुई है और दरारें भी आ रही हैं। कभी भी यहां पर बड़ा हादसा हो सकता है। सभी फ्लैटों की स्थिति खराब है। इसके लिए शिकायत भी दी गई है लेकिन इसका कोई भी समाधान नहीं हो पाया है।
जय भगवान, फ्लैट वासी
फ्लैट की छतों से पानी टपकता रहता है। छत गिरने का भी डर बना रहता है। कई परिवार के लोग एक ही फ्लैट में रहते हैं। हर समय जान जाने का भी डर बना रहता है। फ्लैट में डाली गई पानी की पाइप जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। जिससे पानी रिस-रिसकर जमीन में नींव में जाकर उसे खोखला कर रहा है।
सोनू, फ्लैट वासी
जमीन पर कहीं भी खोदाई की जाती है तो वहां से सीवरेज का दूषित पानी निकलना शुरू हो जाता है। फ्लैटों के नीचे भी यहीं स्थिति है। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों और उपायुक्त को भी लिखित में शिकायत दी जा चुकी है। सुनवाई के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है।
सुनील कुमार, फ्लैट वासी
कई फ्लैट अब एक तरफ से झुकना भी शुरू हो चुके हैं। करीब चार हजार लोग इन फ्लैटों में रहते है। जमीन खोखली होने के कारण यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है। डर के माहौल में जीवन बीताने को मजबूर हो रहे हैं।

सुखविंद्र सिंह, फ्लैट वासी
थेहड़ विस्थापित परिवारों को उपायुक्त और पुरातत्व विभाग के निर्देशों के बाद इन फ्लैटों में शिफ्ट किया गया था। फ्लैटों की मरम्मत और अन्य व्यवस्था अधिकारियों की तरफ से ही करवाई जानी है।
-अनिल कक्कड़, एसडीओ, हाउसिंग बोर्ड, सिरसा।

फ्लैट की दीवार से निकला बीम और दिखाई देता सरिया।

फ्लैट की दीवार से निकला बीम और दिखाई देता सरिया। - फोटो : Sirsa

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed