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गेहूं के सीजन में भी अग्निशमन केंद्र में चालकों की कमी
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:27 AM IST
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फायर ब्रिगेड
- फोटो : Desk
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सिरसा के अग्निशमन केंद्र में कर्मचारियों की कमी है। जिस कारण लोगों का जीवन जोखिम में है। अनुबंधित कर्मचारियों के सहारे विभाग चल रहा है उनमें भी कर्मचारियों की संख्या जरूरत से कम हैं। आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विभाग ने 10 चालकों की शीघ्र भर्ती के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा हुआ है। सिरसा में 10, कालांवाली, रानियां, डबवाली और ऐलनबाद में दो-दो गाड़ियां मौजूद हैं। ग्रामीण क्षेत्र को नजदीकी अग्निशमन केंद्र से जोड़ा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर वहां तुरंत गाड़ी भेजी जा सके।
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सिरसा में अग्निशमन केंद्र में जरूरत से कम कर्मचारियों की संख्या जान-माल के लिए जोखिम बन सकती है। कायदे के अनुसार गाड़ियों की संख्या से तीन गुणा कर्मचारी होने चाहिए क्योंकि आठ-आठ घंटों की शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। खास कर गेहूं के सीजन में जोखिम बढ़ जाता है क्योंकि हर वर्ष इस सीजन में अकेले सिरसा केंद्र के अधीन क्षेत्र में रिकॉर्ड के मुताबिक 100 से 125 आग लगने की घटनाएं होती हैं। पूरे जिले की बात करें तो यह संख्या ढाई सौ के पार होती है। सभी गाड़ियां पानी से भर कर केंद्रों में रोक दी गई हैं। फोन द्वारा सूचना मिलने के बाद गाडिय़ां तुरंत रवाना हो जाती हैं। सिरसा अग्निशमन केंद्र में अधिक संख्या अनुबंधित कर्मचारियों की है।
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अग्निशमन अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि चालकों की कमी है जिसके मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि हमने कम से कम 10 चालकों की तुरंत भर्ती के लिए विभाग को लिखा हुआ है। फिलहाल सिरसा में 10 चालक हैं और 10 ही गाड़ियां हैं। शिफ्टों में ड्यूटी लगाने पर चालकों की कमी हो जाएगी। जोखिम न रहे इसके लिए चालकों की भर्ती के लिए लिखा गया है। अब देखना यह है कि विभाग समय रहते चालकों की भर्ती कर पाता है या नहीं।
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सैकड़ों गांवों पर एक भी केंद्र नहीं
सभी केंद्रों को उनके नजदीकी गांवों के साथ जोड़ा गया है ताकि आगजनी की घटना होने पर तुरंत गाड़ियां पहुंच सकें। इसके अलावा डिंग और चोपटा क्षेत्र काफी बड़ा क्षेत्र है जहां पर कोई अग्निशमन केंद्र नहीं हैं। इस क्षेत्र में सिरसा से ही गाड़ियां भेजी जाती हैं। बता दें कि चोपटा विकास मंच कई वर्षों से चोपटा में अग्निशमन केंद्र की मांग उठाता आ रहा है ताकि इस क्षेत्र के लोगों का जोखिम कम हो सके। राजस्थान की सीमा से सटे इस क्षेत्र में नजदीक अग्निशमन केंद्र नहीं है।
इस प्रकार है कर्मचारियों और गाड़ियों का विवरण
सिरसा में दो बाउजर वाटर, दो फोम टेंडर, एक रेस्को, एक मिस्ट, दो समाल टेंडर, दो वाटर टेंडर हैं। मौजूदा समय में 10 गाड़ियों पर 10 ही चालक हैं। 10 गाड़ियों पर कम से 20 चालक होने चाहिए ताकि रात और दिन में गाड़ियों को चलाने के लिए चालक उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार 32 फायरमैन हैं जिनमें से 26 फायरमैन कच्चे हैं। कालांवाली में दो गाड़ियां हैं जिन पर 14 फायरमैन और छह चालक हैं। डबवाली में दो गाड़ियों पर छह चालक और 14 फायरमैन और इसी संख्या ऐलनबाद और रानियां की है। कुल मिला कर जिले को कवर करने के लिए 18 गाड़ियां हैं।