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स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने दी दस्तक, योजनाओं की जमीनी हकीकत जांची
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स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम रवाना होते हुए।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। सरकार की ओर से आमजन की सुविधाओं के लिए जारी की गई योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने सिरसा में दस्तक दी। दो दिन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच की और अब इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को दी जाएगी। टीम ने पहले दिन ग्रामीण क्षेत्रों में जबकि दूसरे दिन नागरिक अस्पताल में निरीक्षण कर व्यवस्था देखी। रिकॉर्ड भी देखा और इसकी रिपोर्ट तैयार की। सिविल सर्जन से भी मुलाकात की।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की गई है। एनएचएम, नसबंदी, टीबी मुक्त अभियान, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना सहित अन्य योजनाएं हैं। लेकिन इनका धरातल पर लाभ जनता को मिल पा रहा है या नहीं, इसकी स्थिति जानने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीमों को भेजकर जांच करवाने का फैसला लिया। टीमें हेल्थ सेंटर और अस्पतालों में जाकर जांच कर रही है। दिल्ली से दो सदस्यीय टीम सोमवार को सिरसा पहुंची। पहले दिन टीम सदस्यों ने गांव पनिहारी और बड़ागुढ़ा जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की। दूसरे दिन मंगलवार को शहर के नागरिक अस्पताल में दस्तक दी। इस दौरान टीम सदस्यों ने नीकू नर्सरी, प्रसूता वार्ड, सामान्य ओपीडी, महिला रोग ओपीडी, लैब, इमरजेंसी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर, टीबी अस्पताल में जाकर जांच की। उन्होंने रिकॉर्ड भी तलब किया और जानकारी हासिल की कि किस योजना में कितने रोगियों को लाभ मिला है।
अस्पताल में रही चकाचक सफाई व्यवस्था, वर्दी में नजर आया स्टाफ
दिल्ली से आई टीम के कारण अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। जहां एक ओर पूरा अस्पताल स्टाफ वर्दी में नजर आया वहीं दूसरी ओर सफाई व्यवस्था भी सामान्य दिनों के मुकाबले चकाचक नजर आई। ओपीडी में लगातार सफाई की जा रही थी। सभी डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी लगातार अपनी सीटों पर बैठा रहा। इसके अलावा डिस्पेंसरी पर भी ज्यादा भीड़ एकत्र नहीं होने दी गई और अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई। टीम सदस्यों ने सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल से भी मुलाकात की। टीम में शामिल अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन ने डाटा भी लिया और इसकी रिपोर्ट भी तैयार की। अब इस रिपोर्ट की एक कॉपी स्वास्थ्य मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ एक कॉपी सिविल सर्जन ऑफिस को भी दी जाएगी। जांच टीम सदस्यों ने मीडिया से अधिकारिक रूप से बात करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया और नाम भी ना छापने की गुजारिश की।
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टीम को ये दिखाई दी समस्याएं और अव्यवस्था
-रक्त जांच लैब के बाहर मरीजों की भारी भीड़ थी।
-मरीजों ने टीम सदस्यों को बताया कि 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते।
-मरीजों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन भी कई दिन से खराब थी, जो अभी चालू हुई है।
-कई दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें बाहर से लेना पड़ता है।
-बिस्तर की कमी है जिस कारण कई बार एक बेड पर दो-दो मरीजों को भी लेटाना पड़ता है।
दिल्ली से दो सदस्यीय टीम सोमवार को आई थी और पहले दिन ग्रामीण क्षेत्रों जबकि दूसरे दिन नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया है। रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार आगे काम करेंगे।
-डॉ. मनीष बांसल, सिविल सर्जन, सिरसा।
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की गई है। एनएचएम, नसबंदी, टीबी मुक्त अभियान, मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना सहित अन्य योजनाएं हैं। लेकिन इनका धरातल पर लाभ जनता को मिल पा रहा है या नहीं, इसकी स्थिति जानने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीमों को भेजकर जांच करवाने का फैसला लिया। टीमें हेल्थ सेंटर और अस्पतालों में जाकर जांच कर रही है। दिल्ली से दो सदस्यीय टीम सोमवार को सिरसा पहुंची। पहले दिन टीम सदस्यों ने गांव पनिहारी और बड़ागुढ़ा जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की। दूसरे दिन मंगलवार को शहर के नागरिक अस्पताल में दस्तक दी। इस दौरान टीम सदस्यों ने नीकू नर्सरी, प्रसूता वार्ड, सामान्य ओपीडी, महिला रोग ओपीडी, लैब, इमरजेंसी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर, टीबी अस्पताल में जाकर जांच की। उन्होंने रिकॉर्ड भी तलब किया और जानकारी हासिल की कि किस योजना में कितने रोगियों को लाभ मिला है।
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अस्पताल में रही चकाचक सफाई व्यवस्था, वर्दी में नजर आया स्टाफ
दिल्ली से आई टीम के कारण अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। जहां एक ओर पूरा अस्पताल स्टाफ वर्दी में नजर आया वहीं दूसरी ओर सफाई व्यवस्था भी सामान्य दिनों के मुकाबले चकाचक नजर आई। ओपीडी में लगातार सफाई की जा रही थी। सभी डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी लगातार अपनी सीटों पर बैठा रहा। इसके अलावा डिस्पेंसरी पर भी ज्यादा भीड़ एकत्र नहीं होने दी गई और अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई। टीम सदस्यों ने सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल से भी मुलाकात की। टीम में शामिल अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन ने डाटा भी लिया और इसकी रिपोर्ट भी तैयार की। अब इस रिपोर्ट की एक कॉपी स्वास्थ्य मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ एक कॉपी सिविल सर्जन ऑफिस को भी दी जाएगी। जांच टीम सदस्यों ने मीडिया से अधिकारिक रूप से बात करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया और नाम भी ना छापने की गुजारिश की।
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टीम को ये दिखाई दी समस्याएं और अव्यवस्था
-रक्त जांच लैब के बाहर मरीजों की भारी भीड़ थी।
-मरीजों ने टीम सदस्यों को बताया कि 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते।
-मरीजों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन भी कई दिन से खराब थी, जो अभी चालू हुई है।
-कई दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें बाहर से लेना पड़ता है।
-बिस्तर की कमी है जिस कारण कई बार एक बेड पर दो-दो मरीजों को भी लेटाना पड़ता है।
दिल्ली से दो सदस्यीय टीम सोमवार को आई थी और पहले दिन ग्रामीण क्षेत्रों जबकि दूसरे दिन नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया है। रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार आगे काम करेंगे।
-डॉ. मनीष बांसल, सिविल सर्जन, सिरसा।