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Sirsa News: आर्य समाज यज्ञशाला में दीपोत्सव व महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस पर हवन
Tue, 21 Oct 2025 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 21 Oct 2025 11:47 PM IST
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डबवाली।शहर की आर्य समाज की ओर से दीपोत्सव एवं महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस पर हवन करते
डबवाली। शहर की आर्य समाज की ओर से दीपोत्सव एवं महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार सुबह 9 बजे वैदिक हवन यज्ञ एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन यज्ञशाला में अध्यक्ष एसके आर्य के सानिध्य में किया गया।
यज्ञब्रह्मा का दायित्व आर्य समाज के प्रचार प्रमुख विजय कुमार शास्त्री ने निभाया जबकि मुख्य यजमान के तौर पर संस्था संरक्षक राजकुमार गर्ग लोहेवालों ने आहुतियां डालीं। इस अवसर पर अध्यक्ष एसके आर्य ने दीपोत्सव पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली से हमारे अनेक महापुरुषों की स्मृतियां जुड़ी हैं। हमें इस पावन पर्व पर उन सब महापुरुषों को याद करना चाहिए, जिन्होंने समाज में अच्छाई व धर्म का प्रचार किया। उन्होंने कहा कि धर्म का कोई भेद नहीं हो सकता, मानव मात्र का एक ही धर्म है और धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें अपना यह लोक और परलोक दोनों संवारने चाहिए।
आर्य ने कहा कि वे सभी कार्य जिनसे दूसरे प्राणियों का भला होता है वो परोपकार की श्रेणी में आते हैं। परोपकार ही धर्म है, ओर इससे विपरीत कार्य करना अधर्म है। इसलिए मानव को जितना हो सके परोपकार करना चाहिए। यज्ञ ब्रह्मा विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का बनवास काटकर अयोध्या नगरी लौटे तो अयोध्यावासियों ने घी के दीये जलाकर उनका स्वागत किया, उनके उमंग, उत्साह और खुशी को दर्शाती दीपावली, हम आज भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और उल्लास से मनाते हैं।
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तदोपरांत महामंत्री डॉ. रामफल आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी एवं प्रभु श्रीराम को समर्पित सुंदर-सुंदर भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष व संपत्ति अधिकारी भारत मित्र छाबड़ा, वरिष्ठ सदस्य कुलदीप सिंह पटवारी, मास्टर तेजस आर्य लड्डू सहित अन्य ने यज्ञ में आहुतियां डाली। कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ, उद्घोष के बाद लड्डू व जलेबियों का प्रसाद वितरित किया गया।
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यज्ञब्रह्मा का दायित्व आर्य समाज के प्रचार प्रमुख विजय कुमार शास्त्री ने निभाया जबकि मुख्य यजमान के तौर पर संस्था संरक्षक राजकुमार गर्ग लोहेवालों ने आहुतियां डालीं। इस अवसर पर अध्यक्ष एसके आर्य ने दीपोत्सव पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली से हमारे अनेक महापुरुषों की स्मृतियां जुड़ी हैं। हमें इस पावन पर्व पर उन सब महापुरुषों को याद करना चाहिए, जिन्होंने समाज में अच्छाई व धर्म का प्रचार किया। उन्होंने कहा कि धर्म का कोई भेद नहीं हो सकता, मानव मात्र का एक ही धर्म है और धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें अपना यह लोक और परलोक दोनों संवारने चाहिए।
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आर्य ने कहा कि वे सभी कार्य जिनसे दूसरे प्राणियों का भला होता है वो परोपकार की श्रेणी में आते हैं। परोपकार ही धर्म है, ओर इससे विपरीत कार्य करना अधर्म है। इसलिए मानव को जितना हो सके परोपकार करना चाहिए। यज्ञ ब्रह्मा विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का बनवास काटकर अयोध्या नगरी लौटे तो अयोध्यावासियों ने घी के दीये जलाकर उनका स्वागत किया, उनके उमंग, उत्साह और खुशी को दर्शाती दीपावली, हम आज भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और उल्लास से मनाते हैं।
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तदोपरांत महामंत्री डॉ. रामफल आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी एवं प्रभु श्रीराम को समर्पित सुंदर-सुंदर भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष व संपत्ति अधिकारी भारत मित्र छाबड़ा, वरिष्ठ सदस्य कुलदीप सिंह पटवारी, मास्टर तेजस आर्य लड्डू सहित अन्य ने यज्ञ में आहुतियां डाली। कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ, उद्घोष के बाद लड्डू व जलेबियों का प्रसाद वितरित किया गया।