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Sirsa News: पेंशनरों की मांगों को लेकर हरियाणा स्टेट पेंशनर समाज सख्त, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

Tue, 06 May 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 06 May 2025 01:15 AM IST
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haryana state pensioner samaj strict
सिरसा। हरियाणा स्टेट पेंशनर समाज की मासिक बैठक रविवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त डीपीसी सहीराम चाहर ने की। इस अवसर पर नवनियुक्त राज्य उपप्रधान गुरदीप सैनी और महासचिव रमेश पुरी का समाज की ओर से फूल मालाओं से स्वागत किया गया। दोनों को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन राजकुमार खुंगर ने किया।
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बैठक में पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान राज्य उपप्रधान गुरदीप सैनी और सहीराम चाहर ने कहा कि पेंशनरों के हितों के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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इस मौके पर जिला प्रधान राजेंद्र मोहन गुप्ता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार 8वें वेतन आयोग को लागू करने से पहले ही रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोतरी रोकने जा रही है। 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा, जिससे देशभर में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसका खामियाजा भविष्य में भुगतना पड़ सकता है।
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बैठक में महासचिव अजीत सिंह रंगा, कोषाध्यक्ष राजकुमार खुंगर, केवल कृष्ण सोनी, फतेह सिंह विर्क, कुलवंत सिंह, महेंद्र स्वामी, टीएल मक्कड़, जगमिंद्र सिंह, दलबीर भांभू, मदन नारंग, नीलकंठ शास्त्री, राजेंद्र कुमार डीपीई, गुरजंट सिंह, दलीप कुमार, इंद्रजीत सेठी, सुरेश गुप्ता, पिंकी गुप्ता समेत बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।


ये हैं पेंशनर समाज की प्रमुख मांगें:
पेंशनर की आयु 65 वर्ष होने पर 5 फीसदी, 70 वर्ष पर 10 फीसदी, 75 वर्ष पर 15 फीसदी और 80 वर्ष पर 20 फीसदी पेंशन बढ़ाई जाए।
सभी बीमारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा तुरंत लागू की जाए।
आयुष्मान कार्ड अस्पतालों में मान्य नहीं है, इसे प्रभावी बनाया जाए।
मेडिकल भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये किया जाए, क्योंकि दवाओं व जांच की दरें कई गुना बढ़ चुकी हैं।
कोरोना काल के 18 महीने का रोका गया मंहगाई भत्ता 6% ब्याज सहित लौटाया जाए।
कम्यूटेशन की अवधि कोर्ट आदेशानुसार 15 साल से घटाकर 10 साल 8 महीने की जाए।
कम्यूटेशन के तहत काटी गई अधिक राशि को ब्याज सहित वापस किया जाए।
फैमिली पेंशनर्स को भी एलटीसी (लीव ट्रैवल कंसेशन) की सुविधा दी जाए।
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