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Haryana: चौटाला परिवार के युवराजों में नहीं होगी चुनाव की जंग, बिजली मंत्री के बेटे गगनदीप का नामांकन रद्द

Sun, 30 Oct 2022 10:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 30 Oct 2022 10:33 PM IST
सार

बिजली मंत्री ने वार्ड नंबर छह के ही राजकुमार को समर्थन दिया है। पिछले कुछ दिनों से बिजली मंत्री खुद इसी वार्ड में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। 

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Haryana Panchayat Election: Zilla Parishad election nomination of  Gagandeep cancelled
कर्ण सिंह चौटाला। गगनदीप सिंह चौटाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के सिरसा में जिला परिषद के वार्ड नंबर छह से नामांकन दाखिल करने वाले बिजली मंत्री रणजीत सिंह के बेटे गगनदीप के नामांकन की जांच करने के बाद नामांकन रद्द हो गया है। गगनदीप का शहरी क्षेत्र का वोट होने के कारण वे पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने वार्ड नंबर छह के ही उम्मीदवार राजकुमार को अपना समर्थन दिया है। 

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बता दे कि बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने विधायक अभय सिंह चौटाला के पुत्र कर्ण चौटाला के सामने अपने बेटे को चुनाव लड़ाने के लिए मैदान में उतारा था। रणजीत सिंह ने अपने पुत्र के साथ ही खारियां गांव के राजकुमार नैन को चुनावी मैदान में उतार दिया था और कहा था कि यदि उसका पुत्र किसी कारण से लड़ नहीं पाया, तो वह उनके उम्मीदवार होंगे। पिछले कुछ दिनों से बिजली मंत्री खुद इसी वार्ड में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी के समर्थित उम्मीदवारों की जो सूची में भी बिजली मंत्री के पुत्र का नाम शामिल था।
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गुरुवार को बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला के बेटे गगनदीप (चाचा) ने सिरसा के वार्ड नंबर 6 से जिला परिषद के लिए नामांकन भरा था। वह पहली बार भाजपा के सहारे चुनावी मैदान में उतरे थे। इससे पहले इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला के बेटे कर्ण सिंह चौटाला (भतीजा) भी उसी वार्ड से शनिवार को पर्चा भर चुके हैं। इस चुनाव में ताल ठोकने वाले दोनों उम्मीदवार चाचा-भतीजे थे। लेकिन इसलिए इस रोचक जंग पर पूरे हरियाणा की नजर थी। लेकिन अब गगनदीप का नामांकन रद्द होने पर चाचा भतीजा आमने सामने नहीं रहे।    
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अभय सिंह चौटाला भी रह चुके जिला परिषद के चेयरमैन
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला भी जिला परिषद के चेयरमैन रह चुके हैं। उसके बाद वह विधायक बने। उनकी पत्नी कांता सिंह चौटाला भी जिला परिषद का चुनाव लड़ चुकी हैं। वह भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला से हार गई थीं। ऐसे में अभय सिंह चौटाला अपनी राजनीतिक विरासत बेटे कर्ण सिंह चौटाला को सौंपने की तैयारी में हैं।

इनेलो नेता कर्ण सिंह पिछले चुनाव में वार्ड नंबर-16 से पार्षद बनकर उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वह दूसरी बार इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं। इस वार्ड में उनकी पार्टी की स्थिति मजबूत बताई जा रही है। वह इस चुनाव में जीत हासिल कर चेयरमैन की कुर्सी तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। दूसरी ओर रणजीत सिंह कैबिनेट मंत्री पर रहते हुए अपने बेटे गगनदीप को सियासी विरासत देना चाहते हैं।
 
रणजीत सिंह खुद निर्दलीय हैं। इसलिए वह भाजपा के सहारे चुनावी जंग जीतकर बेटे को आगे बढ़ाना चाहते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों में वह भाजपा की लगातार तारीफ करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस चुनाव के सहारे वह भाजपा में अपना विश्वास बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि वह मानते हैं कि परिवार में बच्चों की नादानी की वजह से यह पंचायत चुनाव लड़ना पड़ रहा है।  


कर्ण सिंह चौटाला
कर्ण सिंह चौटाला इनेलो जिला प्रभारी हैं और हरियाणा वालीबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। वह दूसरी बार जिला परिषद का चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी आयु 31 वर्ष है। वह 12वीं तक पढ़े हुए हैं।

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