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Sirsa News: खंड ओढां की महिला गुरजीत कौर स्वावलंबन की राह पर बढ़ीं

Tue, 06 Jan 2026 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 06 Jan 2026 12:11 AM IST
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Gurjit Kaur, a woman from Block Odhan, moved on the path of self-reliance.
महिला गुरजीत कौर।
सिरसा। महिला सशक्तीकरण की दिशा में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। इसी कड़ी में खंड ओढ़ां की महिला गुरजीत कौर आज स्वावलंबन की ओर बढ़ती एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। गांव देसूमलकाना की रहने वाली गुरजीत कौर ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
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गुरजीत कौर जिस स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, उसका नाम जीसज स्वयं सहायता समूह है। उन्होंने वर्ष 2014 में इस समूह की सदस्यता ली थी। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त आय की आवश्यकता महसूस हो रही थी। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उन्हें पहली बार 15 हजार रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत में गुरजीत कौर ने गांव में ही छोटे स्तर पर काम शुरू किया। उन्होंने महिलाओं की पसंद और गांव की जरूरतों को समझते हुए कॉस्मेटिक सामान, लैसें, रीलें और रोजमर्रा में उपयोग आने वाले अन्य सामान की बिक्री शुरू की। धीरे-धीरे उनका काम चल निकला और गांव की महिलाओं व युवतियों में उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी। इससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि होने लगी।
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पहला लोन चुकाने के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
पहले ऋण को समय पर चुकाने के बाद गुरजीत कौर का आत्मविश्वास और बढ़ा। इसके बाद उन्होंने चार से पांच बार स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ऋण लिया। हर बार ऋण का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया। कभी उन्होंने सामान की संख्या बढ़ाई, तो कभी नए उत्पाद जोड़े। इससे उनका कारोबार धीरे-धीरे मजबूत होता चला गया।
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गुरजीत कौर का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिली, बल्कि बचत, लेन-देन और आत्मनिर्भर बनने की समझ भी विकसित हुई। समूह की बैठकों में महिलाओं को आपसी सहयोग, अनुशासन और योजनाओं की जानकारी दी जाती है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग मिलता है।
प्रतिमाह कर रही 10 हजार रुपये कमाई
आज गुरजीत कौर अपने व्यवसाय से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। प्रतिमाह 10 हजार रुपये गुरजीत कमा रही है। वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अब उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। उनके इस सफर ने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।



खंड ओढ़ां क्षेत्र में गुरजीत कौर जैसी महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। स्वयं सहायता समूह न केवल आर्थिक मजबूती का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान को भी नई दिशा दे रहे हैं। गुरजीत कौर की कहानी निश्चित रूप से महिला स्वावलंबन की दिशा में एक सशक्त उदाहरण है। - सुमन रानी, ब्लॉक कलस्टर कोऑर्डिनेटर ओढां।
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