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डेरा प्रमुख ‘खेल सरपंच’ तो कोच बने ‘पंच’
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:04 AM IST
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dera
- फोटो : Bureau
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‘तिरंगा रुमाल छू लीग’ के द्वारा ग्रामीण आंचल की खेल ‘रुमाल छू’ को नए नियमों और कलेवर में बांधकर अंतर्राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने वाले संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां अपने प्रयास में काफी हद तक सफल होते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण आंचल के इस खेल में ग्रामीण टच भी रखा है। निर्णायक की भूमिका निभाने वाले कोच को ‘खेल पंच’ की उपाधि दी है। उनकी टी शर्ट के पीछे भी ‘खेल पंच’ लिखा हुआ है। थर्ड अंपायर के रूप में मैच के रिव्यू देखकर अंतिम निर्णय देने वाले डेरा प्रमुख को ‘खेल सरपंच’ की उपाधि से अलंकृत किया गया है। बारीकी से जांच करने के बाद ‘खेल सरपंच’ अंतिम निर्णय के रूप में ग्रीन लाइट जलाकर अपना निर्णय देते हैं।
इस अवसर पर मीडिया से रूबरू होते हुए डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने कहा कि तिरंगा रुमाल छू लीग करवाने का आइडिया एमएसजी ऑनलाइन गुरुकुल फिल्म के दौरान आया। इस फिल्म में उन्होंने भी रुमाल छू खेल खेला है। खिलाड़ियों को खेल संबंधित टिप्स देते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का लक्ष्य दायरे तक पहुंचाना हो, जिसमें रुमाल रखा होता है। ज्यादा भागते हैं तो पावर चली जाती है। स्पीड करते हैं तो खिलाड़ी आगे निकल जाते हैं, खिलाड़ियों को ब्रेक पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि अभी खेल नया है और खिलाड़ी धीरे धीरे इसके नियमों को समझेंगे।
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इस अवसर पर मीडिया से रूबरू होते हुए डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने कहा कि तिरंगा रुमाल छू लीग करवाने का आइडिया एमएसजी ऑनलाइन गुरुकुल फिल्म के दौरान आया। इस फिल्म में उन्होंने भी रुमाल छू खेल खेला है। खिलाड़ियों को खेल संबंधित टिप्स देते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का लक्ष्य दायरे तक पहुंचाना हो, जिसमें रुमाल रखा होता है। ज्यादा भागते हैं तो पावर चली जाती है। स्पीड करते हैं तो खिलाड़ी आगे निकल जाते हैं, खिलाड़ियों को ब्रेक पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि अभी खेल नया है और खिलाड़ी धीरे धीरे इसके नियमों को समझेंगे।
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पहले उन्होंने 20-ट्वेंटी क्रिकेट का फार्मूला दिया, जिसे आज पूरी दुनियां स्वीकार चुकी है। उसके बाद गिल्ली-डंडे को ‘गुलस्टिक’ बना नया रूप दिया और अब ग्रामीण आंचल की पांच खेलों को मिलाकर बनाए गए रुमाल छू खेल को भी युवा वर्ग बेहद पसंद कर रहा है।
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