{"_id":"69fcd21b851688c97c0d91e9","slug":"group-pashudhan-insurance-sirsa-news-c-128-1-svns1027-158046-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाएगी सामूहिक पशुधन बीमा योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाएगी सामूहिक पशुधन बीमा योजना
Thu, 07 May 2026 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 07 May 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत दुधारू गाय और भैंस का बीमा कर पशुपालकों को पशु की मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को अचानक होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।
उप निदेशक डाॅ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत दुधारू गाय और भैंस दोनों को बीमा सुरक्षा दी जाती है। दुधारू गाय के लिए आयु सीमा 2 से 10 वर्ष तथा दुधारू भैंस के लिए 3 से 12 वर्ष निर्धारित की गई है। पशु के दूध उत्पादन के आधार पर बीमा राशि तय की जाती है। एक परिवार पहचान पत्र में 10 बड़े पशु (गाय, भैंस) या 100 छोटे पशु (भेड़ बकरी) या 50 सूअर का पशुबीमा कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।
उप निदेशक ने कहा कि दुधारू गाय पर अधिकतम 40 हजार से 90 हजार रुपये तक तथा दुधारू भैंस पर एक लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे पशुपालकों को पशु हानि की स्थिति में बड़ी आर्थिक राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन
इन परिस्थितियों में मिलेगा लाभ
उप निदेशक ने बताया कि इस योजना में सामान्य मृत्यु, बीमारी, दुर्घटना, करंट लगना और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों को कवर किया गया है। बीमारी से मृत्यु होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा 21 दिन बाद लागू होगी जबकि दुर्घटना से मृत्यु होने पर बीमा शुरू होते ही कवर का लाभ मिल जाएगा। इस योजना से पशुपालकों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा और पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। पशु की चोरी इस योजना में शामिल नहीं है।
प्रीमियम में बड़ी राहत
उप निदेशक ने कहा कि योजना के तहत 60 हजार रुपये तक की बीमा राशि पर कुल प्रीमियम का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा ही किसान को देना होगा जबकि शेष राशि सरकार वहन करेगी। वहीं, 60 हजार रुपये से अधिक की बीमा राशि पर अतिरिक्त राशि का पूरा 2.78 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पशु की बीमा राशि 60 हजार रुपये है तो किसान को केवल लगभग 250 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, 80 हजार रुपये के बीमा पर किसान का कुल खर्च लगभग 806 रुपये तक आएगा।
अनुसूचित जाति वर्ग को विशेष लाभ
योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इस वर्ग के लाभार्थियों को पशुधन बीमा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष सहायता मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए पशु का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र, लाभार्थी का आधार कार्ड तथा बैंक खाते की जानकारी आवश्यक होगी। इसके साथ ही सरल पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य रहेगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत दुधारू गाय और भैंस का बीमा कर पशुपालकों को पशु की मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को अचानक होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।
उप निदेशक डाॅ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत दुधारू गाय और भैंस दोनों को बीमा सुरक्षा दी जाती है। दुधारू गाय के लिए आयु सीमा 2 से 10 वर्ष तथा दुधारू भैंस के लिए 3 से 12 वर्ष निर्धारित की गई है। पशु के दूध उत्पादन के आधार पर बीमा राशि तय की जाती है। एक परिवार पहचान पत्र में 10 बड़े पशु (गाय, भैंस) या 100 छोटे पशु (भेड़ बकरी) या 50 सूअर का पशुबीमा कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।
विज्ञापन
उप निदेशक ने कहा कि दुधारू गाय पर अधिकतम 40 हजार से 90 हजार रुपये तक तथा दुधारू भैंस पर एक लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे पशुपालकों को पशु हानि की स्थिति में बड़ी आर्थिक राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन
इन परिस्थितियों में मिलेगा लाभ
उप निदेशक ने बताया कि इस योजना में सामान्य मृत्यु, बीमारी, दुर्घटना, करंट लगना और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों को कवर किया गया है। बीमारी से मृत्यु होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा 21 दिन बाद लागू होगी जबकि दुर्घटना से मृत्यु होने पर बीमा शुरू होते ही कवर का लाभ मिल जाएगा। इस योजना से पशुपालकों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा और पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। पशु की चोरी इस योजना में शामिल नहीं है।
प्रीमियम में बड़ी राहत
उप निदेशक ने कहा कि योजना के तहत 60 हजार रुपये तक की बीमा राशि पर कुल प्रीमियम का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा ही किसान को देना होगा जबकि शेष राशि सरकार वहन करेगी। वहीं, 60 हजार रुपये से अधिक की बीमा राशि पर अतिरिक्त राशि का पूरा 2.78 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पशु की बीमा राशि 60 हजार रुपये है तो किसान को केवल लगभग 250 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, 80 हजार रुपये के बीमा पर किसान का कुल खर्च लगभग 806 रुपये तक आएगा।
अनुसूचित जाति वर्ग को विशेष लाभ
योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इस वर्ग के लाभार्थियों को पशुधन बीमा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष सहायता मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए पशु का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र, लाभार्थी का आधार कार्ड तथा बैंक खाते की जानकारी आवश्यक होगी। इसके साथ ही सरल पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य रहेगा।