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ग्राउंड रिपोर्ट : नशामुक्त मीरपुर काॅलोनी में खोखली हो रही जिंदगी, गांव के युवाओं ने छोड़ी लत
Thu, 05 Dec 2024 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 05 Dec 2024 11:04 PM IST
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गांव मीरपुर कॉलोनी में पंचायती चौपाल के बाथरूम में लगे वॉशबेेसिन में पड़ी सिल्वर पन्नी, लाइटर व
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला पुलिस प्रशासन अब तक सिरसा के 148 गांव और शहर के 10 वार्डों को नशा मुक्त घोषित कर चुका है, जबकि इनमें से काफी गांव की हकीकत बिल्कुल इसके उलट हैं। वीरवार को जब संवाददाता ने मीरपुर कॉलोनी की पड़ताल की तो चौकाने वाले दृश्य सामने आए।
यहां के युवा अभी भी नशे की गिरफ्त में हैं। वहीं मीरपुर गांव में काफी बदलाव दिखा। यहां के युवा नशे से बाहर निकलकर खेल से जुड़ गए हैं और अपना करियर संवारने में लगे हैं।
शहर से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव मीरपुर कॉलोनी को पुलिस प्रशासन ने दो महीने पहले ही नशा मुक्त घोषित किया था। जब संवाददाता गांव की स्थिति जानने पहुंचे तो मीरपुर कॉलोनी की तस्वीर बिल्कुल विपरीत थी। गांव की चौपाल के पीछे नशे में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज, लाइटर, सिल्वर पन्नी बरामद हुई। चौपाल में बने शौचालयों में भी यह सामान बरामद हुआ।
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स्थानीय लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गांव के युवा अब भी चिट्टा और मेडिकल नशे का सेवन कर रहे हैं। नशे के आदी युवकों ने गांव के आसपास ही अपने ठिकाने बनाए हुए हैं। चौपाल के पीछे नशे करते हुए युवक को कई बार पकड़ा है।
दुकानदारों और ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नशे के कारण दो युवाओं की मौत हो चुकी है। कुछ लोगों ने गांव के सरपंच पर भी कोई ठोस कदम न उठाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा के नशे के आदी युवक अन्य युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहे हैं। इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही।
पूर्व सरपंच बोले- आसानी से मिल जाता है नशा, पुलिस बरते सख्ती
गांव के पूर्व सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि गांव में नशा करने वाले काफी युवक हैं। ये अन्य युवकों को भी चपेट में ले रहे हैं। प्रशासन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। गांव में चिट्टे के अलावा मेडिकल नशा भी काफी है। ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग और युवक नशे की गोलियों का सेवन करते हैं। ये उन्हें आसानी से मिल जाती है। पुलिस और पंचायत को सख्ती बरतनी चाहिए।
सामूहिक प्रयास से बदली गांव मीरपुर की सूरत खेलों व पढ़ाई की ओर से अग्रसर हो रहे युवा
मीरपुर कॉलोनी के बाद संवाददाता साथ लगते गांव मीरपुर पहुंचे। यहां नशे को लेकर स्थिति में काफी सुधार दिखा। गांव के खेल मैदान में जाकर युवाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास से सफलता देखने को मिली है। गांव में पंचायत, पुलिस, और सामाजिक संगठनों ने मिलकर जागरूकता अभियान चलाया। युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में समझाने के लिए प्रयास किए। इसके बाद गांव में नशे पर विजय पाई है। गांव के सरपंच वेदप्रकाश ने बताया कि गांव में जागरूकता के बाद गांव अब कोई भी युवक नशे की गिरफ्त में है। युवा खेलों की ओर अग्रसर हैं। गांव में युवाओं के खेलने के लिए ग्रांउड भी बनाया गया है। इसमें युवा सुबह शाम कसरत के साथ क्रिकेट खेलते हैं। इसके बाद जब संवाददाता गांव के अंदर पहुंचे तो चौपाल पर बैठे ग्रामीण ने बताया कि गांव में नशा खत्म हो चुका है। युवा किसी प्रकार का नशा नहीं करते। गांव ज्यादातर युवा पढ़े लिखे होने के कारण सभी अपने काम में व्यस्त रहते हैं।
जिले में नशा मुक्त घोषित गांवों और वार्डों की समीक्षा की जा रही है। अगर कहीं कोई नशे की ऐसी शिकायत मिलती है तो टीम उस गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक करती है। इसके अलावा नशा तस्करों पर भी कार्रवाई की जा रही है। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए इलाज करवाया जा रहा है। लोगों से भी अपील है कि लोग भी पुलिस का सहयोग करें। विक्रांत भूषण, पुलिस अधीक्षक।
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सिरसा। जिला पुलिस प्रशासन अब तक सिरसा के 148 गांव और शहर के 10 वार्डों को नशा मुक्त घोषित कर चुका है, जबकि इनमें से काफी गांव की हकीकत बिल्कुल इसके उलट हैं। वीरवार को जब संवाददाता ने मीरपुर कॉलोनी की पड़ताल की तो चौकाने वाले दृश्य सामने आए।
यहां के युवा अभी भी नशे की गिरफ्त में हैं। वहीं मीरपुर गांव में काफी बदलाव दिखा। यहां के युवा नशे से बाहर निकलकर खेल से जुड़ गए हैं और अपना करियर संवारने में लगे हैं।
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शहर से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव मीरपुर कॉलोनी को पुलिस प्रशासन ने दो महीने पहले ही नशा मुक्त घोषित किया था। जब संवाददाता गांव की स्थिति जानने पहुंचे तो मीरपुर कॉलोनी की तस्वीर बिल्कुल विपरीत थी। गांव की चौपाल के पीछे नशे में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज, लाइटर, सिल्वर पन्नी बरामद हुई। चौपाल में बने शौचालयों में भी यह सामान बरामद हुआ।
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स्थानीय लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गांव के युवा अब भी चिट्टा और मेडिकल नशे का सेवन कर रहे हैं। नशे के आदी युवकों ने गांव के आसपास ही अपने ठिकाने बनाए हुए हैं। चौपाल के पीछे नशे करते हुए युवक को कई बार पकड़ा है।
दुकानदारों और ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नशे के कारण दो युवाओं की मौत हो चुकी है। कुछ लोगों ने गांव के सरपंच पर भी कोई ठोस कदम न उठाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा के नशे के आदी युवक अन्य युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहे हैं। इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही।
पूर्व सरपंच बोले- आसानी से मिल जाता है नशा, पुलिस बरते सख्ती
गांव के पूर्व सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि गांव में नशा करने वाले काफी युवक हैं। ये अन्य युवकों को भी चपेट में ले रहे हैं। प्रशासन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। गांव में चिट्टे के अलावा मेडिकल नशा भी काफी है। ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग और युवक नशे की गोलियों का सेवन करते हैं। ये उन्हें आसानी से मिल जाती है। पुलिस और पंचायत को सख्ती बरतनी चाहिए।
सामूहिक प्रयास से बदली गांव मीरपुर की सूरत खेलों व पढ़ाई की ओर से अग्रसर हो रहे युवा
मीरपुर कॉलोनी के बाद संवाददाता साथ लगते गांव मीरपुर पहुंचे। यहां नशे को लेकर स्थिति में काफी सुधार दिखा। गांव के खेल मैदान में जाकर युवाओं से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास से सफलता देखने को मिली है। गांव में पंचायत, पुलिस, और सामाजिक संगठनों ने मिलकर जागरूकता अभियान चलाया। युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में समझाने के लिए प्रयास किए। इसके बाद गांव में नशे पर विजय पाई है। गांव के सरपंच वेदप्रकाश ने बताया कि गांव में जागरूकता के बाद गांव अब कोई भी युवक नशे की गिरफ्त में है। युवा खेलों की ओर अग्रसर हैं। गांव में युवाओं के खेलने के लिए ग्रांउड भी बनाया गया है। इसमें युवा सुबह शाम कसरत के साथ क्रिकेट खेलते हैं। इसके बाद जब संवाददाता गांव के अंदर पहुंचे तो चौपाल पर बैठे ग्रामीण ने बताया कि गांव में नशा खत्म हो चुका है। युवा किसी प्रकार का नशा नहीं करते। गांव ज्यादातर युवा पढ़े लिखे होने के कारण सभी अपने काम में व्यस्त रहते हैं।
जिले में नशा मुक्त घोषित गांवों और वार्डों की समीक्षा की जा रही है। अगर कहीं कोई नशे की ऐसी शिकायत मिलती है तो टीम उस गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक करती है। इसके अलावा नशा तस्करों पर भी कार्रवाई की जा रही है। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए इलाज करवाया जा रहा है। लोगों से भी अपील है कि लोग भी पुलिस का सहयोग करें। विक्रांत भूषण, पुलिस अधीक्षक।

गांव मीरपुर कॉलोनी में पंचायती चौपाल के बाथरूम में लगे वॉशबेेसिन में पड़ी सिल्वर पन्नी, लाइटर व