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Sirsa News: फरवाई कलां में तीन तरफ लगा घग्गर का पानी, 20 फुट ऊंचे बांधों के सहारे रोका
Wed, 19 Jul 2023 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:27 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव बुर्जकर्मगढ़ के बाद अब गांव फरवाई कलां व खुर्द में भी स्थिति खराब होना शुरू हो चुकी है। गांवों के तीन तरफ घग्गर नदी का पानी लगा हुआ है, जबकि एक तरफ नेशनल हाईवे होने के चलते कुछ राहत है। गांव से करीब 20 फुट ऊंचाई पर ग्रामीणों ने बांध बनाकर अभी पानी रोका हुआ है। अगर बांध में कोई दरार आती है तो गांव डूबने की आशंका बनी हुई है। इसी गांव की गोशाला में 500 गोवंश है। इन्हें समिति ने शिफ्ट करने को लेकर भी तैयारी कर ली है।
गांव फरवाई कलां और खुर्द के बीच में ही श्रीराधे कृष्ण गोशाला बनी है। नेशनल हाईवे से यह गोशाला करीब 20 फुट नीचे है। यहां 20 फुट ऊंचाई पर बांध बना हुआ है। इसके सहारे घग्गर का पानी अभी गांव से बाहर रोका हुआ है। अभी तक इस पानी का स्तर कम नहीं हो पा रहा है। गांव के अधिक लोग पहले ही गांव को खाली कर जा चुके है। गोशाला में 500 के करीब गोवंश है। बांध टूटने के बाद पूरे गांव में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। इसके चलते गोशाला समिति ने अब साथ लगते गांव हांडीखेड़ा में गोवंश को शिफ्ट करने के लिए प्लानिंग बनाई गई है। हांडीखेड़ा गांव में दो डेयरियां खाली पड़ी हैं। जिनमें गोवंश को शिफ्ट किया जा सकता है। समिति सदस्य भूप सिंह ने बताया कि अगर यहां पर बांध टूटता है तो सबसे अधिक नुकसान गोशाला को होगा। प्रशासन की ओर से अभी तक उनका सहयोग नहीं किया जा रहा है।
बुर्जकर्मगढ़़ की फिरनी में भरा पानी
जिले में अभी तक बुर्जकर्मगढ़ में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण यहां पर गांव वासी कश्ती के माध्यम से आ- जा रहे हैं। लगातार मकानों में दरारें भी आ रही हैं। इससे ग्रामीणों में मायूसी भी छाई हुई है। गांव की ढाणियां पहले ही पानी भर चुका है।
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हाईवे के नीचे के साइफन किए बंद, दोनों गांवों में बढ़ रहा घग्गर का जलस्तर
गांव पनिहारी और बुर्जकर्मगढ़ के ग्रामीणों ने बरनाला रोड हाईवे के नीचे के दो साइफन खोल दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने अन्य गांवों को बचाने के लिए साइफनों को बंद करवा दिया। इसके कारण इन गांवों में घग्गर के पानी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गांव के चारों तरफ छह से सात फुट तक पानी भरा हुआ है। गांवों में हरा चारा और लंगर पहुंचाने के लिए लगातार संस्थाएं कार्य कर रही हैं।
घग्गर का यह है जलस्तर
स्थान, क्यूसेक
गुहलाचीका, 46029
खनौरी, 13500
चांदपुरा, 20500
सरदूलगढ़, 52780
ओटू हेड, 38468
राजस्थान साइफन, 22802
डिंग रोड क्षेत्र से आ रहीं सरदूलगढ़ की बसें, चंडीगढ़ रूट भी बहाल
सिरसा से सरदूलगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे का साइफन धंसने के बाद रोड को बंद कर दिया गया है। इसके बाद पंजाब रूट की बसें वाया डिंग रोड क्षेत्र से सिरसा की तरफ आ रही है। सिरसा से चंडीगढ़ के रूट को भी बस को बहाल कर दिया गया है। बसों को फतेहाबाद से अग्रोहा और बरवाला से चंडीगढ़ तक भेजा जा रहा है। वहीं, दिल्ली की बसों को अभी बहादुरगढ़ से ही वापस बुलाया जा रहा है।
10 बसें व 20 चालक रखें रिर्जव
इसके अलावा डिपो की आठ बसों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है और 10 बसों को बस स्टैंड पर ही रिजर्व रखा गया है। ताकि आपातकालीन स्थिति के दौरान बसों को रवाना कर ग्रामीणों को निकाला जा सके और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए 20 चालक भी रिजर्व रखे गए है।
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सिरसा। गांव बुर्जकर्मगढ़ के बाद अब गांव फरवाई कलां व खुर्द में भी स्थिति खराब होना शुरू हो चुकी है। गांवों के तीन तरफ घग्गर नदी का पानी लगा हुआ है, जबकि एक तरफ नेशनल हाईवे होने के चलते कुछ राहत है। गांव से करीब 20 फुट ऊंचाई पर ग्रामीणों ने बांध बनाकर अभी पानी रोका हुआ है। अगर बांध में कोई दरार आती है तो गांव डूबने की आशंका बनी हुई है। इसी गांव की गोशाला में 500 गोवंश है। इन्हें समिति ने शिफ्ट करने को लेकर भी तैयारी कर ली है।
गांव फरवाई कलां और खुर्द के बीच में ही श्रीराधे कृष्ण गोशाला बनी है। नेशनल हाईवे से यह गोशाला करीब 20 फुट नीचे है। यहां 20 फुट ऊंचाई पर बांध बना हुआ है। इसके सहारे घग्गर का पानी अभी गांव से बाहर रोका हुआ है। अभी तक इस पानी का स्तर कम नहीं हो पा रहा है। गांव के अधिक लोग पहले ही गांव को खाली कर जा चुके है। गोशाला में 500 के करीब गोवंश है। बांध टूटने के बाद पूरे गांव में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। इसके चलते गोशाला समिति ने अब साथ लगते गांव हांडीखेड़ा में गोवंश को शिफ्ट करने के लिए प्लानिंग बनाई गई है। हांडीखेड़ा गांव में दो डेयरियां खाली पड़ी हैं। जिनमें गोवंश को शिफ्ट किया जा सकता है। समिति सदस्य भूप सिंह ने बताया कि अगर यहां पर बांध टूटता है तो सबसे अधिक नुकसान गोशाला को होगा। प्रशासन की ओर से अभी तक उनका सहयोग नहीं किया जा रहा है।
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बुर्जकर्मगढ़़ की फिरनी में भरा पानी
जिले में अभी तक बुर्जकर्मगढ़ में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण यहां पर गांव वासी कश्ती के माध्यम से आ- जा रहे हैं। लगातार मकानों में दरारें भी आ रही हैं। इससे ग्रामीणों में मायूसी भी छाई हुई है। गांव की ढाणियां पहले ही पानी भर चुका है।
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हाईवे के नीचे के साइफन किए बंद, दोनों गांवों में बढ़ रहा घग्गर का जलस्तर
गांव पनिहारी और बुर्जकर्मगढ़ के ग्रामीणों ने बरनाला रोड हाईवे के नीचे के दो साइफन खोल दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने अन्य गांवों को बचाने के लिए साइफनों को बंद करवा दिया। इसके कारण इन गांवों में घग्गर के पानी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गांव के चारों तरफ छह से सात फुट तक पानी भरा हुआ है। गांवों में हरा चारा और लंगर पहुंचाने के लिए लगातार संस्थाएं कार्य कर रही हैं।
घग्गर का यह है जलस्तर
स्थान, क्यूसेक
गुहलाचीका, 46029
खनौरी, 13500
चांदपुरा, 20500
सरदूलगढ़, 52780
ओटू हेड, 38468
राजस्थान साइफन, 22802
डिंग रोड क्षेत्र से आ रहीं सरदूलगढ़ की बसें, चंडीगढ़ रूट भी बहाल
सिरसा से सरदूलगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे का साइफन धंसने के बाद रोड को बंद कर दिया गया है। इसके बाद पंजाब रूट की बसें वाया डिंग रोड क्षेत्र से सिरसा की तरफ आ रही है। सिरसा से चंडीगढ़ के रूट को भी बस को बहाल कर दिया गया है। बसों को फतेहाबाद से अग्रोहा और बरवाला से चंडीगढ़ तक भेजा जा रहा है। वहीं, दिल्ली की बसों को अभी बहादुरगढ़ से ही वापस बुलाया जा रहा है।
10 बसें व 20 चालक रखें रिर्जव
इसके अलावा डिपो की आठ बसों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है और 10 बसों को बस स्टैंड पर ही रिजर्व रखा गया है। ताकि आपातकालीन स्थिति के दौरान बसों को रवाना कर ग्रामीणों को निकाला जा सके और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए 20 चालक भी रिजर्व रखे गए है।