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Sirsa News: घग्गर नदी उफान पर, 54 हजार क्यूसेक तक पहुंचा जलस्तर, 49 गांवों में बाढ़ का खतरा

Sun, 16 Jul 2023 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 16 Jul 2023 11:49 PM IST
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Ghaggar river in spate, water level reaches 54 thousand cusecs, danger of flood in 49 villages
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। जिले में घग्गर नदी में 54 हजार क्यूसेक तक पानी पहुंच रहा है। जगह-जगह से तटबंध टूट रहे हैं। इससे जिले के 49 गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 24 गांवों के साथ घग्गर का पानी लग चुका है। इसके चलते लोगों ने इन गांवों से पलायन का रहे हैं। वहीं, गांव खैरेकां में नदी पर बने नेशनल हाईवे का पुल में दरार की आशंका पर प्रशासन ने उसे बंद करवा हाईवे का वन-वे कर दिया। एनएचएआई के अधिकारियों ने पुल को बिलकुल ठीक बताया है। बाद में इसको शुरू कर दिया।
जिले में घग्गर नदी अपने विकराल रूप में आ रही है। रविवार सुबह सिरसा के साथ लगते गांव मीरपुर में करीब 400 फुट और 50 फुट में नदी का तटबंध टूटा गया। इसके साथ लगते गांव सहारणी से एक जगह से नदी का छोटा तटबंध काफी लंबाई में टूटा चुका है। इसके कारण नदी में बोई गई धान व अन्य फसलों में चार से पांच फुट तक पानी बह रहा है। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जेसीबी मशीनें, मिट्टी के बैग और ट्रैक्टर ट्राॅलियों को लगा दिया गया है और बांध की मजबूती को बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि मीरपुर से ओटू तक नदी में ही करीब चार हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। गांव सहारणी में तटबंध टूटने से करीब सात गांवों खतरा बना हुआ है। अधिकारी भी लगातार गांवों का निरीक्षण कर रहे हैं और मुख्य तटबंध की स्थिति जांच रहे हैं।
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साथ लगते गांव से बुर्जकर्मगढ़ का संपर्क टूटा
बरनाला रोड पर स्थित बुर्जकर्मगढ़ गांव का संपर्क साथ लगते गांवाें से टूट चुका है। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ घग्गर का पानी जमा हो गया है। देर रात तक इसका संपर्क जिला मुख्यालय से टूटने की आशंका बनी हुई है। खतरे को देखते हुए गांव वासियों ने पहले ही इस गांव को खाली कर दिया है। फरवाई कलां और फरवाई खुर्द गांव से भी काफी लोगों ने सामान निकाल लिया है। लगातार स्थिति खराब होते हुए नजर आ रही है।
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10 गांवों में बाढ़ जैसे हालात होने से के कारण लोग कर रहे पलायन
तीन दिन पहले गांव मुसाहिबवाला और पनिहारी से घग्गर का मुख्य तटबंध जबकि गांव नेजाडेला खुर्द का छोटा तटबंध टूटने से 10 गांवों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। गांव मुसाहिबवाला, पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द, नेजाडेला कलां और झोपड़ा गांव में स्थिति खराब हो रही है। गांव सहारणी, मल्लेवाला, बुढ़ाभाणा और सहारणी में सरकारी बांध के साथ पानी लग चुका है। इन गांवों के बाहरी तरफ बने बांधों पर तीन से चार फुट तक पानी का चढ़ाव हो चुका है। इन सभी गांवों में लोगों ने घर से सामान, पशु, गेहूं निकाल कर रिश्तेदारों के पास पहुंचा रहे हैं।


गांव फिरोजाबाद के समीप तटबंध में आई हल्की दरार, मिट्टी डालकर किया बंद
रानियां। गांव फिराेजाबाद के साथ घग्गर के तटबंध में हल्की दरार आ गई। इसके कारण पानी खेतों की ओर मुड़ गया। इस दौरान तटबंधों पर ठीकरी पहरा दे रहे किसानों ने ग्रामीणों को सूचना दी। गांव के गुरुद्वारा घर में मुनादी होने के बाद ग्रामीण तटबंध पर पहुंच गए। सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद जेसीबी व ट्रैक्टर-टॉलियां से मिट्टी डालकर दरार को पाटने का काम किया गया। एसडीएम वेद बैनीवाल ने किसानों से बातचीत की और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। नहरी विभाग के एसडीओ अंकुर चोपड़ा व जेई भी मौके का निरीक्षण करने पहुंचे। वहीं आप जिलाध्यक्ष हैप्पी रानियां, अखिल भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव विनीत कंबोज भी किसानों का सहयोग करने के लिए पहुंचे। संवाद



आठ हजार एकड़ फसलों को नुकसान
घग्गर नदी का मुख्य तटबंध टूटने के कारण अब तक करीब आठ हजार एकड़ फसल में जलभराव हो गया है। घग्गर नदी के बीच में बोई फसल पूरी तरह से चोपट हो चुकी है। मीरपुर से लेकर ओटू हेड तक करीब 10 गांवों की फसल में पांच से छह फुट तक पानी भरा हुआ है।

घग्गर की यह है स्थिति
स्थान, क्यूसेक
गुहला चीका, 52381
खनौरी, 15375
चांदपुरा, 22050
सरदूलगढ़, 54000
सिरसा, 54000
ओटू, 30300
राजस्थान साइफन, 26300

49 गांवों में 24 घंटे निगरानी करेंगे अधिकारी व कर्मचारी

सिरसा। जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के जलस्तर पर 24 घंटे लगातार निगरानी के लिए सिंचाई, पुलिस, शिक्षा, वन व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संबंधित गांवों के सरपंच व ग्रामीण भी इनका सहयोग करेंगे।

उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि यदि घग्गर में कहीं भी जल रिसाव की जानकारी मिलती है तो नागरिक जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष (01666-248882) को सूचित कर सकते हैं। इसके अलावा उपायुक्त कैंप कार्यालय के दूरभाष नंबर 01666-248880 एवं 248870, संबंधित तहसील नियंत्रण कक्ष ऐलनाबाद में 98134-12498, रानियां में 99693-25455, सिरसा में 83970-71389 और कालांवाली में 78887-89668 और व्हाट्सएप नंबर 93109-28257 पर भी बिना देरी के जानकारी दी जा सकती है। जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के साथ लगते उपमंडल कालांवाली, सिरसा व ऐलनाबाद में 49 संवेदनशील गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें उपमंडल कालांवाली में गांव मत्तड़, लहंगेवाला व रंगा, उपमंडल सिरसा में गांव नागोकी, किराड़कोट, बुढाभाणा, मल्लेवाला, नेजाडेला खुर्द, सहारणी, खैरेकां, बनसुधार, चामल, झोरड़नाली, मुसाहिबवाला, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ, फरवाई कलां, नेजाडेला कलां, झोपड़ा, मीरपुर, अहमदपुर, केलनियां, अलानुर, चकेरियां शामिल है। इसी प्रकार उपमंडल ऐलनाबाद में गांव धनूर, अबूतगढ, ओटू, फिरोजाबाद, नगराणा थेड़, ढाणी सतनाम सिंह, ढाणी आसा सिंह, मोहर सिंह थेहड़, नागोकी, जीवन नगर, हारणी, करीवाला, ढाणी शहीदांवाली, ढाणी प्रताप सिंह, गिदड़ांवाली, कुत्ताबढ, रत्ताखेड़ा, शेखुखेड़ा, पट्टी कृपाल, मौजुखेड़ा, बुढीमेड़ी, अमृतसर, दया सिंह थेड़, ठोबरियां, तलवाड़ा खुर्द शामिल है।


दो दिन बाद स्थिति सामान होने की है संभावना : हुड्डा
सिरसा में अभी 54 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। दो दिनों तक अभी जलस्तर लगातार बढ़ेगा। इसके बाद राहत मिलने की उम्मीद है। घग्गर नदी फैलने के कारण तेजी से पानी की निकासी हो रही है। इसके लिए बांध मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। - अजीत हुड्डा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग सिरसा।
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