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Sirsa News: घग्गर रौद्र रूप में, फरवाई कलां से लोगों को पलायन शुरू, एनडीआरएफ की दो टीमें बुलाईं
Sat, 15 Jul 2023 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:43 PM IST
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गांव फरवाई कलां में बाढ़ का खतरा होने के कारण घर से सामान बाहर निकालते हुए ग्रामीण ।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव पनिहारी में घग्गर नदी का 150 फुट चौड़ा बांध टूटने और गांव फरवाई कलां का इलाका नीचा होने के कारण यहां पर पानी भरने के आसार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में गांव से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। लोग घर के आगे मुख्य गेट पर जेसीबी से मिट्टी की बड़ी दीवार बना रहे हैं।
गांव फरवाई कलां की फिरनी तक घग्गर नदी का पानी पहुंच गया है। ऐसे में ग्रामीण गांव को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। गांव से करीब 600 परिवार ने अपने घर का सामान अपने रिश्तेदारों और जानकारों के घर पहुंचा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1962 से 2010 तक यह गांव छह बार घग्गर नदी की चपेट में आ चुका है। अब फिर से वही स्थिति बन गई है। गांव फरवाई कलां का लेवल पनिहारी से करीब 10 से 12 फुट नीचा है। गांव में करीब तीन हजार वोट हैं और 650 मकान बने हुए हैं। गांव का लेवल नीचा होने के कारण यहां से पानी की निकासी आगे नहीं हो पाती।
ग्रामीण मुकेश कुमार, राम सिंह व करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बताया कि 1962 में फरवाई कलां में घग्गर का पानी भर गया था। इसके बाद 1988, 93, 94, 95, 2010 में भी गांव बाढ़ की चपेट में आ गया था और अब 2023 में भी वही स्थिति बन गई है। गांव में कभी भी पानी घुस सकता है। इसके चलते वह अभी से ही घर का सामान निकालकर दूसरी जगह पहुंच रहे हैं। गांव वासी रामकुमार, वेदप्रकाश ने बताया कि गांव में पानी घुसने के पूरे आसार है। इसके कारण वह घर के गेट के आगे मिट्टी लगा रहे हैं। घर में भैंसे, तुड़ी सहित अन्य सामान को बचाने के लिए मिट्टी लगाई जा रही है।
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घग्गर के बांधों को मजबूत करेगी एनडीआरएफ की टीमें
गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचे का खतरा होने के चलते प्रशासन ने एनडीआरएफ की दो टीमों के लिए मुख्यालय का पत्र भेजा है। इन टीमों को बाढ़ संभावित गांवों से सामान बाहर निकलवाने और घग्गर के बांधों को मजबूत करने के लिए लगाया जाएगा। जल्द ही टीमों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अभी पुलिस बल तैनात किया गया है और एंबुलेंस भी लगा दी गई है, ताकि इमरजेंसी स्थिति में लोगों को गांव से बाहर निकाला जा सके।
डेरा व सामाजिक संस्थाओं से भी प्रशासन ने साधा संपर्क
घग्गर के बढ़ते जलस्तर के कारण गांवों में बाढ़ का खतरा होने के चलते प्रशासन ने अब डेरा व सामाजिक संस्थाओं के साथ संपर्क साधा है। अभी तक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्थिति खराब होती है तो प्रशासन की ओर से उनकी भी सहायता ली जाएगी। बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं की ओर से हर वर्ष बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए कार्य किया जाता है। गांवों से लोगों को बाहर निकालने व बांध को बांधने के लिए भी डेरा की टीम कई बार कार्य कर चुकी है। अभी तक जिले में कहीं पर कैंप लगाने व स्वास्थ्य शिविर लगाने को लेकर कोई भी कार्य नहीं किया गया है।
पानी से आबादी को बचाने का प्रयास : उपायुक्त
घग्गर नदी के बांध टूटने के बाद उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीना, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने बाइक पर सवार होकर कई गांवों का निरीक्षण भी किया। उपायुक्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को तेल आदि पर होने वाले खर्च की भरपाई जिला प्रशासन द्वारा करवाई जाएगी। इसके साथ ही जनस्वास्थ्य व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी गांवों में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आबादी को पानी से बचाया जाए, इसके लिए जरूरी प्रयास व कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीछे से ही पानी का बहाव काफी अधिक रहा है तथा सिरसा में अनुमान से अधिक पानी पहुंचा है, जिस कारण लगातार घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। मैनपावर, मनरेगा, मशीनरी व मिट्टी के बैगों की व्यवस्था की जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन स्थिति की संभावना के मद्देनजर एनडीआरएफ से संपर्क किया जा रहा है।
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सिरसा। संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव पनिहारी में घग्गर नदी का 150 फुट चौड़ा बांध टूटने और गांव फरवाई कलां का इलाका नीचा होने के कारण यहां पर पानी भरने के आसार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में गांव से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। लोग घर के आगे मुख्य गेट पर जेसीबी से मिट्टी की बड़ी दीवार बना रहे हैं।
गांव फरवाई कलां की फिरनी तक घग्गर नदी का पानी पहुंच गया है। ऐसे में ग्रामीण गांव को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। गांव से करीब 600 परिवार ने अपने घर का सामान अपने रिश्तेदारों और जानकारों के घर पहुंचा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1962 से 2010 तक यह गांव छह बार घग्गर नदी की चपेट में आ चुका है। अब फिर से वही स्थिति बन गई है। गांव फरवाई कलां का लेवल पनिहारी से करीब 10 से 12 फुट नीचा है। गांव में करीब तीन हजार वोट हैं और 650 मकान बने हुए हैं। गांव का लेवल नीचा होने के कारण यहां से पानी की निकासी आगे नहीं हो पाती।
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ग्रामीण मुकेश कुमार, राम सिंह व करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बताया कि 1962 में फरवाई कलां में घग्गर का पानी भर गया था। इसके बाद 1988, 93, 94, 95, 2010 में भी गांव बाढ़ की चपेट में आ गया था और अब 2023 में भी वही स्थिति बन गई है। गांव में कभी भी पानी घुस सकता है। इसके चलते वह अभी से ही घर का सामान निकालकर दूसरी जगह पहुंच रहे हैं। गांव वासी रामकुमार, वेदप्रकाश ने बताया कि गांव में पानी घुसने के पूरे आसार है। इसके कारण वह घर के गेट के आगे मिट्टी लगा रहे हैं। घर में भैंसे, तुड़ी सहित अन्य सामान को बचाने के लिए मिट्टी लगाई जा रही है।
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घग्गर के बांधों को मजबूत करेगी एनडीआरएफ की टीमें
गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचे का खतरा होने के चलते प्रशासन ने एनडीआरएफ की दो टीमों के लिए मुख्यालय का पत्र भेजा है। इन टीमों को बाढ़ संभावित गांवों से सामान बाहर निकलवाने और घग्गर के बांधों को मजबूत करने के लिए लगाया जाएगा। जल्द ही टीमों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अभी पुलिस बल तैनात किया गया है और एंबुलेंस भी लगा दी गई है, ताकि इमरजेंसी स्थिति में लोगों को गांव से बाहर निकाला जा सके।
डेरा व सामाजिक संस्थाओं से भी प्रशासन ने साधा संपर्क
घग्गर के बढ़ते जलस्तर के कारण गांवों में बाढ़ का खतरा होने के चलते प्रशासन ने अब डेरा व सामाजिक संस्थाओं के साथ संपर्क साधा है। अभी तक स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्थिति खराब होती है तो प्रशासन की ओर से उनकी भी सहायता ली जाएगी। बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं की ओर से हर वर्ष बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए कार्य किया जाता है। गांवों से लोगों को बाहर निकालने व बांध को बांधने के लिए भी डेरा की टीम कई बार कार्य कर चुकी है। अभी तक जिले में कहीं पर कैंप लगाने व स्वास्थ्य शिविर लगाने को लेकर कोई भी कार्य नहीं किया गया है।
पानी से आबादी को बचाने का प्रयास : उपायुक्त
घग्गर नदी के बांध टूटने के बाद उपायुक्त पार्थ गुप्ता, पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीना, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने बाइक पर सवार होकर कई गांवों का निरीक्षण भी किया। उपायुक्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को तेल आदि पर होने वाले खर्च की भरपाई जिला प्रशासन द्वारा करवाई जाएगी। इसके साथ ही जनस्वास्थ्य व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी गांवों में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आबादी को पानी से बचाया जाए, इसके लिए जरूरी प्रयास व कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीछे से ही पानी का बहाव काफी अधिक रहा है तथा सिरसा में अनुमान से अधिक पानी पहुंचा है, जिस कारण लगातार घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। मैनपावर, मनरेगा, मशीनरी व मिट्टी के बैगों की व्यवस्था की जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन स्थिति की संभावना के मद्देनजर एनडीआरएफ से संपर्क किया जा रहा है।