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Sirsa News: खतरे से ऊपर बह रही घग्गर, रंगा के पास दो बार छोटा बांध टूटने से 30 एकड़ में जलभराव, हाई अलर्ट पर जिले के 49 गांव

Fri, 14 Jul 2023 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 14 Jul 2023 11:37 PM IST
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Ghaggar flowing above danger, waterlogging in 30 acres due to breaking of small dam near Ranga, 49 villages of the district on high alert
सिरसा, रोड़ी। घग्गर का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अब नदी का छोटा बांध जवाब दे रहा है। गांव रंगा के पास दिन में दो बार बांध टूट गया। बांध के टूटने के कारण करीब 30 एकड़ फसल में जलभराव हो गया। 20 फुट लंबाई में बांध टूटने के कारण यहां पर बांध की दरार को नहीं भरा जा सका है। अब बड़े बांध तक पानी पहुंच गया है । जिसके चलते ग्रामीणों व प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता भी बढ़ रही है। जिले में अब 34 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। घग्गर अब खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण नदी के साथ लगते 49 गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। जिसके चलते इन गांवों में स्कूलों की छुट्टियां भी कर दी गई है।
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जिले से 100 किलोमीटर लंबाई में घग्गर नदी बहती है। रोड़ी, बडागुढ़ा, सिरसा, रानियां और ऐलनाबाद के गांव घग्गर नदी के साथ लगते हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के गांवों के किसानों की चिंता बढ़ रही है। स्थिति खराब होने के चलते अब ग्रामीण रात के समय भी यहां पर ठिकरी पहरा दे रहे हैं। शुक्रवार शाम को रोड़ी और सिरसा के कई गांवों के बांधों में दरारें भी आनी शुरू हो गईं। जिस पर किसान अपने स्तर ही उसकी देखरेख करने व दरारों वाले क्षेत्र में मिट्टी के बैग रखकर कटाव को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। नदी में पेड़ और जलकुंभी के कारण बहाव भी कई क्षेत्रों में कम हो गया है। रोड़ी क्षेत्र के गांव रंगा में पानी अधिक आने के कारण यहां पर पहले सुबह साढ़े छह बजे बांध टूट गया।
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बांध में करीब 10 फुट लंबी दरार आ गई। जिसके पश्चात ग्रामीणों ने वहां पर मिट्टी के बैग रखकर दरार हो भर दिया। इसके पश्चात शाम छह बजे फिर से रंगा के पास ही घग्गर के बांध में 20 फुट लंबी दरार आने से बांध टूट गया। हालांकि इससे कुछ दूरी पर बड़ा बांध होने के चलते केवल 30 एकड़ में ही नुकसान हुआ है। वहीं किसानों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से ओटू हेड से राजस्थान की तरफ पानी नहीं छोड़ा जा रहा। जिसके कारण बहाव भी कम है और बांधों के ऊपर से पानी निकलने को तैयार हो रहा है।
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सभी गांव हाई अलर्ट पर रखे
नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन पार्थ गुप्ता ने 18 जुलाई तक घग्गर नदी के साथ लगते 49 गांवों में स्कूलों की छुट्टी कर दी है। हालांकि यह सभी गांव हाई अलर्ट पर रखे गए हैं। अगर बांध टूटता है तो नदी के साथ लगते गांवों में अधिक नुकसान होने की आशंका है। रोड़ी व सिरसा के करीब 14 गांवों में सरकारी बांध न होने के चलते इन गांवों में स्थिति खराब होने का डर बना हुआ है। इन गांवों में अभी से ही कई स्थानों पर दरारें पड़ रही है। जिसके चलते किसान उसे मजबूत करने में लगे है।

घग्गर के साथ लगते हर गांव में तीन कर्मचारियों की रहेगी ड्यूटी, हालात पर रखेंगे निगरानी
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने घग्गर नदी के बांधों का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने घग्गर में संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले 49 गांवों में किसी भी स्थिति पर निगरानी रखने के लिए हर गांवों में तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। ये सभी कर्मचारी ग्रामीणों के सहयोग से हालात पर कड़ी निगरानी रखें और कोई भी अंदेशा होने पर तुरंत संबंधित बीडीपीओ, एसडीएम या कंट्रोल रूम में सूचना दें। उन्होंने सभी अधिकारी भी फील्ड में रहकर लोकेशन मेंटेन कर निगरानी रखें। बिजली विभाग व सिंचाई विभाग आपसी तालमेल स्थापित करते हुए संवेदनशील जगहों को फॉक्स लाइट व बल्ब लगवाएं।

किसान बोले: प्रशासन कर रहा केवल निरीक्षण, नहीं दिया जा रहा डीजल व अन्य सुविधा
वहीं गांव नेजाडेला के पास बांध को मजबूत करने के लिए किसान लगातार प्रयास कर रहे है। वहीं भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान सिकंदर सिंह रोड़ी व भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी केवल निरीक्षण करने के लिए ही पहुंच रहे है और स्थिति देखकर वापस लौट रहे हैं। लेकिन बांधों को मजबूत करने के लिए ट्रैक्टरों के लिए डीजल व अन्य किसी भी तरह की सहायता नहीं दी जा रही है। किसान अपने स्तर पर ही राशि खर्च कर काम कर रहे है। सरकार व प्रशासन की ओर से पहले घग्गर को साफ नहीं किया गया है। जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और बांधों से भी ऊपर पानी निकलने को हो रहा है।

यह है घग्गर की स्थिति
स्थान, क्यूसेक
गुहलाचिका, 58673
खनौरी, ओवरफ्लो
चांदपुरा, 17500
सरदूलगढ़, 34060
सिरसा, 34000
ओटू, 25058
राजस्थान कैनाल, 8700
रंगोई नाला, 13 हजार

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नहीं कोई विशेष प्रबंध
जिले में अगर बाढ़ की स्थिति बनती है तो प्रशासन के पास इसके लिए प्रबंध भी नहीं है। प्रशासन के पास केवल 50 ही किश्ती है। जबकि स्वास्थ्य संबंधित भी अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अगर स्थिति खराब होती है तो जिला वासियों को इस परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सरपंचों पर ही हर प्रकार की जिम्मेदारी डाली जा रही है।



जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खतरे के निशान से ऊपर घग्गर नदी बह रही है। जलनिकासी के लिए राजस्थान के सभी गेट खोले गए हैं। जलकुंभी निकालने और बांधों को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है। जिले में अभी 34 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है।
अजीत हुड्डा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग सिरसा ।
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