{"_id":"5f9312708ebc3e9bb80b9b29","slug":"from-today-11-farmers-will-sit-on-gradual-hunger-strike-sirsa-news-rtk5797703150","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से क्रमिक अनशन पर बैठेंगे 11 किसान, उचाना के लिए रवाना होगा किसानों का प्रचार जत्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से क्रमिक अनशन पर बैठेंगे 11 किसान, उचाना के लिए रवाना होगा किसानों का प्रचार जत्था
विज्ञापन
धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : Sirsa
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में शहीद भगत सिंह स्टेडियम में चल रहे पक्का मोर्चा धरनास्थल पर शनिवार से 11 किसान क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। शनिवार से ही किसानों का प्रचार जत्था उचाना के लिए रवाना होगा।
हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि शनिवार से किसान रोजाना क्रमिक अनशन शुरू कर रहे हैं। अगर इसके बाद भी सरकार ने इन कानूनों के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो वे मजबूरन क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में भी तबदील कर देंगे। इसदौरान अगर किसी किसान भाई के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी। भारूखेड़ा ने कहा कि सिरसा के किसानों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अब जोर पकड़ने लगा है और प्रदेशभर में इस आंदोलन की गूंज सुनाई देने लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसानों के प्रति सही नहीं है। कोविड की आड़ लेकर सरकार ने देश के पूरे ढांचे को क्षत-विक्षत कर दिया है। अकेला किसान वर्ग ही ऐसा था, जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था टिकी हुई थी। करोड़ों देशवासियों का पेट भरने वाला अन्नदाता भी इस सरकार की कुनीतियों के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हो गया है। चुनावों में किसानों के मुद्दों को लेकर जीत हासिल करने वाले लोग वोट देने वाले इसी किसान के समक्ष आने से भी परहेज कर रहे हैं। वोट लेने के बाद जीत हासिल कर सत्ता के लालची ये लोग अब भूमिगत होकर केंद्र सरकार द्वारा रचे गए इस खेल को चुटकियां लेकर देख रहे हैं। किसानों के लिए इनके दिलों में कोई हमदर्दी नहीं है।
इस मौके पर मनदीप नथवान, विकास सिसर आदि किसान उपस्थित थे।
विज्ञापन
हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि शनिवार से किसान रोजाना क्रमिक अनशन शुरू कर रहे हैं। अगर इसके बाद भी सरकार ने इन कानूनों के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो वे मजबूरन क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में भी तबदील कर देंगे। इसदौरान अगर किसी किसान भाई के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी। भारूखेड़ा ने कहा कि सिरसा के किसानों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अब जोर पकड़ने लगा है और प्रदेशभर में इस आंदोलन की गूंज सुनाई देने लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसानों के प्रति सही नहीं है। कोविड की आड़ लेकर सरकार ने देश के पूरे ढांचे को क्षत-विक्षत कर दिया है। अकेला किसान वर्ग ही ऐसा था, जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था टिकी हुई थी। करोड़ों देशवासियों का पेट भरने वाला अन्नदाता भी इस सरकार की कुनीतियों के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हो गया है। चुनावों में किसानों के मुद्दों को लेकर जीत हासिल करने वाले लोग वोट देने वाले इसी किसान के समक्ष आने से भी परहेज कर रहे हैं। वोट लेने के बाद जीत हासिल कर सत्ता के लालची ये लोग अब भूमिगत होकर केंद्र सरकार द्वारा रचे गए इस खेल को चुटकियां लेकर देख रहे हैं। किसानों के लिए इनके दिलों में कोई हमदर्दी नहीं है।
विज्ञापन
इस मौके पर मनदीप नथवान, विकास सिसर आदि किसान उपस्थित थे।