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Sirsa News: एंबुलेंस को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े की खुली पोल, डायरेक्टर बोले- सुधर जाओ
Fri, 03 Jan 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 03 Jan 2025 11:24 PM IST
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सिरसा में सीडीएलयू के ऑडिटोरियम में रिपोर्ट के आधार पर बातचीत करते डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र।
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर ने सिरसा, फतेहाबाद आैर हिसार की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान सिरसा और फतेहाबाद दोनों जिलों की एंबुलेंस सुविधा में हर स्तर पर कमियां मिलीं। जिस पर डायरेक्टर ने कर्मचारियों को सुधरने की चेतावनी दी।
एंबुलेंस में लगने वाले एमडीटी डिवाइस के संचालन को लेकर लापरवाही मिली। इस पर डायरेक्टर ने एंबुलेंस की जांच करने वाले फ्लीट मैनेजर को जमकर लताड़ लगाई। दोनों जिलों के फ्लीट मैनेजर एमडीटी डिवाइस व संचालन को लेकर सवाल पूछे तो वह बहानेबाजी करते हुए नजर आए।
डायरेक्टर ने धमकाते हुए कहा कि अभी भी सुधर जाओ समय है, नहीं तो सस्पेंड करने में देरी नहीं लगेगी। फ्लीट मैनेजर ने बॉर्डर एरिया में मोबाइल कनेक्टिविटी न होने की बात कही। इस पर डायरेक्टर का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया।
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सिरसा हो या फतेहाबाद डिप्टी सिविल सर्जन से लेकर सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को उन्होंने फटकार लगाई। फतेहाबाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डायरेक्टर डाॅ. विरेंद्र यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नागरिक अस्पताल के लेबर रूम से तो रेलवे स्टेशन की सुविधा बेहतर है। उन्होंने चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए। डायरेक्टर की नाराजगी के कारण सभागार में कई बड़े बड़े दावे करने वाले चिकित्सक गर्दन झुकाए बैठे नजर आए। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिलों की एनएचएम प्रोग्राम के तहत किए गए निरीक्षणों की समीक्षा बैठक हुई। तीनों जिलों के एनएचएम प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। तीनों जिलों से सीएमओ, पीएमओ भी पहुंचे।
बैठक में न आने वाले अधिकारियों का वेतन काटने के उन्होंने आदेश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बैठक आठ घंटे तक चली। सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक समीक्षा बैठक चली। बैठक में सामने आया कि सिरसा के नागरिक अस्पताल व पीएचसी और सीएचसी में काफी कमियां हैं। इनमें सुधार को लेकर सख्त निर्देश सीएमओ और पीएमओ को दिए।
सीएचओ की कार्यप्रणाली पर नाराज, लगाई फटकार
सिरसा एनएचएम के डिप्टी सिविल सर्जन राजेश चौधरी को जिले में होने वाली सीएचओ की ट्रेनिंग को लेकर भी जमकर लताड़ लगाई। डायरेक्टर ने कहा कि जिले में सभी सीएचओ की कल ही बैठक लो। बैठक में सभी की फिजिकली मौजूद होनी चाहिए। बैठक में नहीं आने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के लेबर वार्ड में नहीं सुरक्षा के प्रबंध
बैठक में जांच टीम ने बताया कि जब फतेहाबाद के डीसीएच में बड़े स्तर पर कमियां देखने को मिली हैं। डीजीएच की बिल्डिंग भी पुरानी और खराब हो चुकी है। लेबर रूम के तो बुरे हालात हैं। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर तो रेलवे स्टेशन ठीक होता है। अस्पताल में कोई सफाई नहीं है। बैठने के लिए स्टूल तक नहीं है। वहीं वार्ड में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुरुष कर्मचारी तैनात हैं जो महिलाओं की गोपनीयता के लिए सही नहीं है। इस पर डायरेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को कहा कि जल्द ही व्यवस्था बनाए। नहीं तो कार्रवाई के लिए सभी तैयार रहें।
वॉश रूम का बहाना बनाकर बचते नजर आए अधिकारी
बैठक के दौरान डायरेक्टर ने सभी को जमकर फटकार लगाई। फटकार का डर अधिकारियों के चेहरों पर साफ देखने को मिला। कई अधिकारी वॉश रूम का बहाना बनाकर फटकार से बचने की कोशिश करते हुए नजर आए।
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एंबुलेंस में लगने वाले एमडीटी डिवाइस के संचालन को लेकर लापरवाही मिली। इस पर डायरेक्टर ने एंबुलेंस की जांच करने वाले फ्लीट मैनेजर को जमकर लताड़ लगाई। दोनों जिलों के फ्लीट मैनेजर एमडीटी डिवाइस व संचालन को लेकर सवाल पूछे तो वह बहानेबाजी करते हुए नजर आए।
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डायरेक्टर ने धमकाते हुए कहा कि अभी भी सुधर जाओ समय है, नहीं तो सस्पेंड करने में देरी नहीं लगेगी। फ्लीट मैनेजर ने बॉर्डर एरिया में मोबाइल कनेक्टिविटी न होने की बात कही। इस पर डायरेक्टर का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया।
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सिरसा हो या फतेहाबाद डिप्टी सिविल सर्जन से लेकर सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को उन्होंने फटकार लगाई। फतेहाबाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डायरेक्टर डाॅ. विरेंद्र यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नागरिक अस्पताल के लेबर रूम से तो रेलवे स्टेशन की सुविधा बेहतर है। उन्होंने चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए। डायरेक्टर की नाराजगी के कारण सभागार में कई बड़े बड़े दावे करने वाले चिकित्सक गर्दन झुकाए बैठे नजर आए। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिलों की एनएचएम प्रोग्राम के तहत किए गए निरीक्षणों की समीक्षा बैठक हुई। तीनों जिलों के एनएचएम प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। तीनों जिलों से सीएमओ, पीएमओ भी पहुंचे।
बैठक में न आने वाले अधिकारियों का वेतन काटने के उन्होंने आदेश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बैठक आठ घंटे तक चली। सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक समीक्षा बैठक चली। बैठक में सामने आया कि सिरसा के नागरिक अस्पताल व पीएचसी और सीएचसी में काफी कमियां हैं। इनमें सुधार को लेकर सख्त निर्देश सीएमओ और पीएमओ को दिए।
सीएचओ की कार्यप्रणाली पर नाराज, लगाई फटकार
सिरसा एनएचएम के डिप्टी सिविल सर्जन राजेश चौधरी को जिले में होने वाली सीएचओ की ट्रेनिंग को लेकर भी जमकर लताड़ लगाई। डायरेक्टर ने कहा कि जिले में सभी सीएचओ की कल ही बैठक लो। बैठक में सभी की फिजिकली मौजूद होनी चाहिए। बैठक में नहीं आने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के लेबर वार्ड में नहीं सुरक्षा के प्रबंध
बैठक में जांच टीम ने बताया कि जब फतेहाबाद के डीसीएच में बड़े स्तर पर कमियां देखने को मिली हैं। डीजीएच की बिल्डिंग भी पुरानी और खराब हो चुकी है। लेबर रूम के तो बुरे हालात हैं। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर तो रेलवे स्टेशन ठीक होता है। अस्पताल में कोई सफाई नहीं है। बैठने के लिए स्टूल तक नहीं है। वहीं वार्ड में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुरुष कर्मचारी तैनात हैं जो महिलाओं की गोपनीयता के लिए सही नहीं है। इस पर डायरेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को कहा कि जल्द ही व्यवस्था बनाए। नहीं तो कार्रवाई के लिए सभी तैयार रहें।
वॉश रूम का बहाना बनाकर बचते नजर आए अधिकारी
बैठक के दौरान डायरेक्टर ने सभी को जमकर फटकार लगाई। फटकार का डर अधिकारियों के चेहरों पर साफ देखने को मिला। कई अधिकारी वॉश रूम का बहाना बनाकर फटकार से बचने की कोशिश करते हुए नजर आए।