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Sirsa: डेरा सच्चा सौदा में मनाया स्थापना दिवस, राम रहीम ने चिट्ठी में एकता में रहने का दिया संदेश
Sat, 29 Apr 2023 03:37 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 29 Apr 2023 03:37 PM IST
सार
डेरामुखी ने चिट्ठी के माध्यम से साध-संगत को एकता में रहने, सभी धर्मों का सत्कार करने का आह्वान किया। बताया कि 1948 के मई महीने में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना जी महाराज ने सत्संग फरमाया था।
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सिरसा डेरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डेरा सच्चा सौदा का 75वां स्थापना दिवस शनिवार को शाह सतनाम धाम सिरसा में धूमधाम से मनाया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित नामचर्चा बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए।डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह ने चिट्ठी भेजी, जिसे साध-संगत के बीच पढ़कर सुनाया गया। चिट्ठी के माध्यम से डेरामुखी ने 157वां मानवता भलाई कार्य ‘उत्तम संस्कार’ शुरू करवाया।
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महाराज ने सत्संग फरमाया
जिसके तहत साध-संगत रोजाना या सप्ताह में 3 बार अपने बच्चों को ‘मानवता व मानवता भलाई, सृष्टि की भलाई’ के बारे में शिक्षा देगी व प्यार से समझाएगी। डेरामुखी ने चिट्ठी के माध्यम से साध-संगत को एकता में रहने, सभी धर्मों का सत्कार करने का आह्वान किया। बताया कि 1948 के मई महीने में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना जी महाराज ने सत्संग फरमाया था, इसलिए इस महीने के आखिरी रविवार को भी साध-संगत भंडारे के रूप में मनाया करेगी।
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परिवारों के लिए दी सहायता
डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे कार्यों को गति देते हुए 75 जरूरतमंद परिवारों को फूड बैंक मुहिम के तहत राशन, क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत 75 बच्चों को मौसम मुताबिक कपड़े दिए गए। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए पक्षी उद्धार मुहिम के तहत पक्षियों के रहने के लिए घोंसले लगाए गए, ताकि भीषण गर्मी की वजह से किसी पक्षी की जान ना चली जाए। इसके अलावा शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में जन कल्याण परमार्थी शिविर लगाकर हजारों जरूरतमंदों की नि:शुल्क जांच कर उन्हें सही परामर्श दिया गया। वहीं कैरियर परामर्श कैंप लगाकर हजारों बच्चों को सही कैरियर की राह चुनने के लिए मार्गदर्शन किया।
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चिट्ठी में दिया ये संदेश
आप सबको 75वें ‘स्थापना दिवस व 16वें जामे इन्सां गुरु का दिवस’ की बहुत-2 बुधाई व बहुत-2 आशीर्वाद। धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा। हमारे जान से प्यारे करोड़ों बच्चो आप सब अपने-2 गाँव व ब्लॉकों में जो ‘नामचर्चा’ कर रहे है उसके लिए हम परम पिता परमात्मा से यह प्रार्थना करते हैं कि वो आपको इसका ‘फल’ आगे से सैकड़ों गुणा बढ़ कर दें व जो आप ‘डेरों’ में आकर ‘नामचर्चा सत्संग’ सुनते है व सेवा करते हैं उसका फल आपको, हर बार, हजारों गुणा बढ़के दें। परम पिता जी आपको बहुत-2 खुशियाँ रूपी ‘फल’ जरूर देंगे।
हमारे प्यारे बच्चो, ट्रस्ट प्रबंधक सेवादारों व सेवादारों
हमारे प्यारे बच्चो, जैसे आपको पता ही है कि हम आपके एमएसजी गुरु 1948 से ही सभी धर्मों का सत्कार करते हैं व ऊँच-नीच, जात-पात का भेदभाव नहीं करते तो आप सब भी हमारी उपरोक्त बातों को मानते है पर जो 100% इन बातों को मानेगा, परम पिता शाह सतनाम जी शाह मस्तान जी उन्हें तन्दुरूस्ती व रूहानी ताजगी बख्शेंगे। प्यारे बच्चो, भण्डारे के इस शुभ अवसर पर एक नया मानवता भलाई का कार्य शुरू कर रहे है।
सृष्टि की भलाई’ के बारे में शिक्षा देंगे
आप रोजाना या 7 दिन में 3 बार आप अपने बच्चों को ‘मानवता व मानवता भलाई, सृष्टि की भलाई’ के बारे में शिक्षा देंगे, प्यार से समझाएंगे। इस कार्य का नाम है ‘उत्तम संस्कार’ आप हाथ खड़े करें। नारा लगाएं। हाथ नीचे कर लें। सतगुरु जी आप सबको बहुत-2 नई खुशियां दें व आपकी सबसे बड़ी जायज मांग जल्द से जल्द पूरी करें, वो जरूर से जरूर पूरी करेंगे।
रविवार को, ‘‘सत्संग भण्डारा’’ मनाया करेंगे।
हमारे अति प्यारे बच्चो, आप सब हमारी यानि आपके एमएसजी गुरु की बात मानते हुए, नामचर्चा व नामचर्चा सत्संग में ‘एकता व एक रहने का व अपने गुरु के ही बने रहने का प्रण करके नारा लगाते हो तो हम भी आपको वचन देते हैं कि हम ही आपके एमएसजी गुरु थे, हैं व रहते हुए, आपके इस प्रण के बदले, हर बार परम पिता परमात्मा से आपको नई-2 रूहानी, नूरानी व दुनियावी खुशियां दिलवाते रहेंगे व आपके साथ व देह रूप में सामने आकर आप सबका मार्गदर्शन करते रहेंगे। शाह मस्ताना जी दाता ने 1948, 29 अप्रैल को नींव रखने के बाद, मई में पहला सत्संग डेरे में किया था तो मई के आखरी रविवार को, ‘‘सत्संग भण्डारा’’ मनाया करेंगे।
हमारे प्यारे बच्चो, ट्रस्ट प्रबंधक सेवादारों व सेवादारों
हमारे प्यारे बच्चो, जैसे आपको पता ही है कि हम आपके एमएसजी गुरु 1948 से ही सभी धर्मों का सत्कार करते हैं व ऊँच-नीच, जात-पात का भेदभाव नहीं करते तो आप सब भी हमारी उपरोक्त बातों को मानते है पर जो 100% इन बातों को मानेगा, परम पिता शाह सतनाम जी शाह मस्तान जी उन्हें तन्दुरूस्ती व रूहानी ताजगी बख्शेंगे। प्यारे बच्चो, भण्डारे के इस शुभ अवसर पर एक नया मानवता भलाई का कार्य शुरू कर रहे है।
सृष्टि की भलाई’ के बारे में शिक्षा देंगे
आप रोजाना या 7 दिन में 3 बार आप अपने बच्चों को ‘मानवता व मानवता भलाई, सृष्टि की भलाई’ के बारे में शिक्षा देंगे, प्यार से समझाएंगे। इस कार्य का नाम है ‘उत्तम संस्कार’ आप हाथ खड़े करें। नारा लगाएं। हाथ नीचे कर लें। सतगुरु जी आप सबको बहुत-2 नई खुशियां दें व आपकी सबसे बड़ी जायज मांग जल्द से जल्द पूरी करें, वो जरूर से जरूर पूरी करेंगे।
रविवार को, ‘‘सत्संग भण्डारा’’ मनाया करेंगे।
हमारे अति प्यारे बच्चो, आप सब हमारी यानि आपके एमएसजी गुरु की बात मानते हुए, नामचर्चा व नामचर्चा सत्संग में ‘एकता व एक रहने का व अपने गुरु के ही बने रहने का प्रण करके नारा लगाते हो तो हम भी आपको वचन देते हैं कि हम ही आपके एमएसजी गुरु थे, हैं व रहते हुए, आपके इस प्रण के बदले, हर बार परम पिता परमात्मा से आपको नई-2 रूहानी, नूरानी व दुनियावी खुशियां दिलवाते रहेंगे व आपके साथ व देह रूप में सामने आकर आप सबका मार्गदर्शन करते रहेंगे। शाह मस्ताना जी दाता ने 1948, 29 अप्रैल को नींव रखने के बाद, मई में पहला सत्संग डेरे में किया था तो मई के आखरी रविवार को, ‘‘सत्संग भण्डारा’’ मनाया करेंगे।